गिरिडीह में शुक्रवार सुबह श्रीरामचरितमानस महायज्ञ का विधिवत शुभारंभ हुआ। इसकी शुरुआत सिरसिया पुराना पुल ब्लॉक रोड से शहर तक निकाली गई कलश शोभायात्रा से हुई। इस महायज्ञ में हनुमंत, राधा-कृष्ण और शिव दरबार की प्राण प्रतिष्ठा भी की जाएगी। शोभायात्रा में सैकड़ों की संख्या में महिलाओं, पुरुषों और युवाओं ने भाग लिया। कलश यात्रा में महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में सिर पर कलश लेकर चल रही थीं। पुरुष श्रद्धालु भजन-कीर्तन करते हुए शोभायात्रा में शामिल हुए। यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। श्रद्धालु कलश लेकर यज्ञ स्थल की ओर लौटे
कलश शोभायात्रा सिरसिया हनुमान मंदिर से शुरू होकर बरगण्डा, टावर चौक, कालीबाड़ी और मकतपुर चौक से गुजरी। यह यात्रा सिरसिया छठ घाट पहुंची, जहां वैदिक मंत्रोच्चार के साथ कलशों में जल भरा गया। इसके बाद श्रद्धालु कलश लेकर यज्ञ स्थल की ओर लौटे। मुख्य पुरोहित आचार्य सरोज कुमार पाण्डेय ने बताया कि यह धार्मिक अनुष्ठान सात दिनों तक चलेगा। 7 फरवरी से श्रीरामचरितमानस पाठ का शुभारंभ होगा, जिसके साथ देवी-देवताओं का पूजन और हवन किया जाएगा। 11 फरवरी को हनुमंत, राधा-कृष्ण और शिव दरबार की प्रतिमाओं का वैदिक मंत्रोच्चार के साथ प्राण प्रतिष्ठा समारोह होगा। इसके बाद 12 फरवरी को श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का आयोजन किया जाएगा। आयोजकों के अनुसार, इस महायज्ञ का उद्देश्य क्षेत्र में धार्मिक एकता और सद्भाव को बढ़ावा देना है। स्थानीय लोगों में इस कार्यक्रम को लेकर रुचि देखी जा रही है। गिरिडीह में शुक्रवार सुबह श्रीरामचरितमानस महायज्ञ का विधिवत शुभारंभ हुआ। इसकी शुरुआत सिरसिया पुराना पुल ब्लॉक रोड से शहर तक निकाली गई कलश शोभायात्रा से हुई। इस महायज्ञ में हनुमंत, राधा-कृष्ण और शिव दरबार की प्राण प्रतिष्ठा भी की जाएगी। शोभायात्रा में सैकड़ों की संख्या में महिलाओं, पुरुषों और युवाओं ने भाग लिया। कलश यात्रा में महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में सिर पर कलश लेकर चल रही थीं। पुरुष श्रद्धालु भजन-कीर्तन करते हुए शोभायात्रा में शामिल हुए। यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। श्रद्धालु कलश लेकर यज्ञ स्थल की ओर लौटे
कलश शोभायात्रा सिरसिया हनुमान मंदिर से शुरू होकर बरगण्डा, टावर चौक, कालीबाड़ी और मकतपुर चौक से गुजरी। यह यात्रा सिरसिया छठ घाट पहुंची, जहां वैदिक मंत्रोच्चार के साथ कलशों में जल भरा गया। इसके बाद श्रद्धालु कलश लेकर यज्ञ स्थल की ओर लौटे। मुख्य पुरोहित आचार्य सरोज कुमार पाण्डेय ने बताया कि यह धार्मिक अनुष्ठान सात दिनों तक चलेगा। 7 फरवरी से श्रीरामचरितमानस पाठ का शुभारंभ होगा, जिसके साथ देवी-देवताओं का पूजन और हवन किया जाएगा। 11 फरवरी को हनुमंत, राधा-कृष्ण और शिव दरबार की प्रतिमाओं का वैदिक मंत्रोच्चार के साथ प्राण प्रतिष्ठा समारोह होगा। इसके बाद 12 फरवरी को श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का आयोजन किया जाएगा। आयोजकों के अनुसार, इस महायज्ञ का उद्देश्य क्षेत्र में धार्मिक एकता और सद्भाव को बढ़ावा देना है। स्थानीय लोगों में इस कार्यक्रम को लेकर रुचि देखी जा रही है।


