मुंगेर में राजकीय सीताकुंड माघी मेले का उद्घाटन:एडीएम बोले- राष्ट्रीय स्तर पर मिलेगी पहचान; लाखों श्रद्धालु करेंगे स्नान

मुंगेर जिला अंतर्गत सदर प्रखंड क्षेत्र स्थित ऐतिहासिक एवं आस्था के प्रमुख केंद्र सीताकुंड में लगने वाले प्रसिद्ध माघी मेले का शनिवार शाम प्रशासनिक अधिकारियों ने विधिवत उद्घाटन किया। राजकीय मेले का दर्जा मिलने के बाद इस वर्ष पहली बार जिला प्रशासन की देखरेख में इसका आयोजन हो रहा है, जिससे स्थानीय लोगों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में एडीएम मनोज कुमार, सदर एसडीओ अभिषेक कुमार तथा सदर डीएसपी अभिषेक आनंद सहित कई प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने पहले सीताकुंड के समीप फीता काटकर मेले का शुभारंभ किया, जिसके बाद मंच पर दीप प्रज्वलित कर औपचारिक उद्घाटन किया गया। विभिन्न जिलों से श्रद्धालु पहुंचते है स्नान करने इस मौके पर सीता कुंड मेला समिति के अध्यक्ष, सचिव और अन्य सदस्य भी उपस्थित थे। उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए जिला परिषद अध्यक्ष साधना देवी ने कहा कि यह मुंगेर के लिए गर्व की बात है कि जिस स्थान को माता सीता की अग्नि परीक्षा से जोड़ा जाता है, वह आज सीताकुंड के नाम से पूरे प्रदेश में प्रसिद्ध है। उन्होंने बताया कि माघी पूर्णिमा के अवसर पर यहां के गर्म जल कुंड में स्नान करने के लिए बिहार के विभिन्न जिलों से श्रद्धालु पहुंचते हैं। उन्होंने इस मेले को राजकीय दर्जा मिलना क्षेत्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि बताया। सदर एसडीओ अभिषेक कुमार ने कहा कि राजकीय मेला का दर्जा मिलने के बाद पहली बार जिला प्रशासन को सीधे तौर पर यहां सेवा करने का अवसर मिला है। इससे पहले मेला समिति के सदस्यों द्वारा वर्षों से व्यवस्थित ढंग से मेले का संचालन किया जाता रहा है। प्रकाश और भीड़ प्रबंधन की विशेष व्यवस्था उन्होंने जानकारी दी कि एक माह तक चलने वाले इस मेले में सुरक्षा, साफ-सफाई, पेयजल, प्रकाश और भीड़ प्रबंधन की विशेष व्यवस्था की गई है। दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा प्रशासन की प्राथमिकता है। मुख्य अतिथि एडीएम मनोज कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि पहली बार प्रशासन की सीधी भागीदारी होने के कारण कुछ कमियां रह सकती हैं, लेकिन आने वाले वर्षों में मेले को और भव्य रूप दिया जाएगा। कलाकारों ने प्रस्तुत किया सांस्कृतिक कार्यक्रम उन्होंने कहा कि भविष्य में इस मेले को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में काम किया जाएगा तथा सांस्कृतिक कार्यक्रमों में स्थानीय कलाकारों के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर के कलाकारों को भी आमंत्रित किया जाएगा।

उन्होंने लोगों से मेले को शांति और सद्भाव के साथ संपन्न कराने की अपील की। उद्घाटन अवसर पर बाहर से आए कलाकारों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। लोकगीत, भजन और पारंपरिक नृत्य की प्रस्तुतियों ने माहौल को भक्तिमय बना दिया। ॉ मुंगेर जिला अंतर्गत सदर प्रखंड क्षेत्र स्थित ऐतिहासिक एवं आस्था के प्रमुख केंद्र सीताकुंड में लगने वाले प्रसिद्ध माघी मेले का शनिवार शाम प्रशासनिक अधिकारियों ने विधिवत उद्घाटन किया। राजकीय मेले का दर्जा मिलने के बाद इस वर्ष पहली बार जिला प्रशासन की देखरेख में इसका आयोजन हो रहा है, जिससे स्थानीय लोगों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में एडीएम मनोज कुमार, सदर एसडीओ अभिषेक कुमार तथा सदर डीएसपी अभिषेक आनंद सहित कई प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने पहले सीताकुंड के समीप फीता काटकर मेले का शुभारंभ किया, जिसके बाद मंच पर दीप प्रज्वलित कर औपचारिक उद्घाटन किया गया। विभिन्न जिलों से श्रद्धालु पहुंचते है स्नान करने इस मौके पर सीता कुंड मेला समिति के अध्यक्ष, सचिव और अन्य सदस्य भी उपस्थित थे। उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए जिला परिषद अध्यक्ष साधना देवी ने कहा कि यह मुंगेर के लिए गर्व की बात है कि जिस स्थान को माता सीता की अग्नि परीक्षा से जोड़ा जाता है, वह आज सीताकुंड के नाम से पूरे प्रदेश में प्रसिद्ध है। उन्होंने बताया कि माघी पूर्णिमा के अवसर पर यहां के गर्म जल कुंड में स्नान करने के लिए बिहार के विभिन्न जिलों से श्रद्धालु पहुंचते हैं। उन्होंने इस मेले को राजकीय दर्जा मिलना क्षेत्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि बताया। सदर एसडीओ अभिषेक कुमार ने कहा कि राजकीय मेला का दर्जा मिलने के बाद पहली बार जिला प्रशासन को सीधे तौर पर यहां सेवा करने का अवसर मिला है। इससे पहले मेला समिति के सदस्यों द्वारा वर्षों से व्यवस्थित ढंग से मेले का संचालन किया जाता रहा है। प्रकाश और भीड़ प्रबंधन की विशेष व्यवस्था उन्होंने जानकारी दी कि एक माह तक चलने वाले इस मेले में सुरक्षा, साफ-सफाई, पेयजल, प्रकाश और भीड़ प्रबंधन की विशेष व्यवस्था की गई है। दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा प्रशासन की प्राथमिकता है। मुख्य अतिथि एडीएम मनोज कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि पहली बार प्रशासन की सीधी भागीदारी होने के कारण कुछ कमियां रह सकती हैं, लेकिन आने वाले वर्षों में मेले को और भव्य रूप दिया जाएगा। कलाकारों ने प्रस्तुत किया सांस्कृतिक कार्यक्रम उन्होंने कहा कि भविष्य में इस मेले को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में काम किया जाएगा तथा सांस्कृतिक कार्यक्रमों में स्थानीय कलाकारों के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर के कलाकारों को भी आमंत्रित किया जाएगा।

उन्होंने लोगों से मेले को शांति और सद्भाव के साथ संपन्न कराने की अपील की। उद्घाटन अवसर पर बाहर से आए कलाकारों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। लोकगीत, भजन और पारंपरिक नृत्य की प्रस्तुतियों ने माहौल को भक्तिमय बना दिया। ॉ  

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