टोंक जिले में मंगलवार दोपहर को कई स्थानों पर तेज अंधड़, बारिश के साथ ओले गिरे। नासिरदा उप तहसील क्षेत्र में एक दर्जन से ज्यादा गांवों में करीब 15 से 20 मिनट तक छोटे नींबू के आकार के ओले गिरे। इससे किसानों की खेतों में गेहूं, मूंग की फसल और सब्जियों वाली की फसलों को काफी नुकसान हुआ है। कई खेतों में पानी भर गया। जिला मुख्यालय समेत जिले के कई हिस्सों में तेज अंधड़ के साथ 20 मिनट तक कई मध्यम गति की तो कई स्थानों पर तेज गति से बारिश हुई। इससे कई जगह पेड़ और बिजली के खंभे गिर पड़े। बिजली सप्लाई कई जगह ठप हो गई। दूनी 33 केवी ग्रिड से आवां जा रही लाइन के दो खंभे टूटकर गिर पड़े। इससे एक दर्जन गांवों की बिजली गुल हो गई। इससे पहले बीती देर रात करीब 10 बजे भी जिला मुख्यालय और उसके आसपास के क्षेत्रों में भी के करीब 20 मिनट मध्यम गति की बारिश हुई। इससे बीती रात से गर्मी से लोगों को राहत मिली है, लेकिन खेतों में कटी पड़ी गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचा है। हालांकि बारिश से मौसम सुहाना हो गया और तापमान में गिरावट आई है। 24 घंटे में ही अधिकतम तापमान चार डिग्री गिरकर 29 डिग्री सेल्सियस रह गया। इसी तरह न्यूनतम तापमान भी बीते 24 घंटे में तीन डिग्री सेल्सियस गिरकर 18 डिग्री सेल्सियस रह गया। पेड़ और बिजली के खंभे गिरे, आवागमन बाधित नासिरदा उप तहसील क्षेत्र में आज दोपहर करीब एक बजे तेज बारिश, अंधड़ के साथ हुई ओलावृष्टि से जनजीवन काफी प्रभावित हुआ है। डाबर खुर्द, डाबर कला, मालेड़ा, रामथलाz थांवला समेत कई गांवों में बोई गई जायद मूंग की फसल भी खेतों में पानी भरने से गलकर नष्ट होने की संभावना बढ़ गई। इसके अलावा कई जगह पेड़ भी गिर पड़े। थांवला सिंचाई बांध की पाल पर लगा एक बड़ा बबूल का पेड़ तेज हवा के चलते टूटकर रोड पर गिर गया। पेड़ गिरने के दौरान उसके बीच से गुजर रही 11 केवी विद्युत लाइन भी टूट गई, जिससे कुछ समय के लिए मार्ग पूरी तरह बंद हो गया और बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हुई। मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए पहले विद्युत आपूर्ति बंद करवाई, उसके बाद पेड़ को हटाकर रास्ता सुचारू किया। नासिरदा में उड़द की फसल को नुकसान
नासिरदा उप तहसील मुख्यालय समेत आसपास के मालेड़ा, देवपुरा, बडला, रामथला,आदि एक दर्जन से अधिक गांवों में ओले गिरे। डाबर खुर्द के किसान लेखराज, बाबूलाल मीना, चेतन वर्मा, लालाराम बैरवा, मदन वर्मा ने बताया कि ओले और तेज बारिश से खेतों में बोई गई उड़द की फसल को काफी नुकसान हुआ है।


