Rajasthan Sex Ratio: सीकर जिले के नेछवा ब्लॉक में पिछले साल बेटों से भी ज्यादा बेटियां जन्मी हैं। यहां 2024 में 1 हजार बेटों पर जन्मी 942 बेटियों का लिंगानुपात 2025 में बढ़कर 1030 दर्ज हुआ है।
वहीं, फतेहपुर और पलसाना में भी बेटियों की जन्म दर में बड़े सुधार के साथ बेटा-बेटी एक समान की सोच आगे बढ़ती दिखी है। हालांकि, इस बीच पिछले साल अव्वल रहे दांतारामगढ़, पिपराली और सीकर शहर में लिंगानुपात में बड़ी गिरावट दर्ज हुई है।
नीमकाथाना, श्रीमाधोपुर, पाटन और अजीतगढ़ के आंकड़े भी इस बार सीकर जिले में शामिल होने पर जिले का कुल लिंगानुपात 942.71 रहा है। जो पिछले साल 944 की तुलना में करीब एक अंक गिरा है।
19,734 बेटे और 18,268 जन्मी बेटियां
2025 के आंकड़ों के अनुसार सीकर जिले के 13 ब्लॉक में कुल 38 हजार 2 बच्चों का जन्म हुआ। इनमें 19 हजार 734 बेटे और 18 हजार 268 बेटियां शामिल हैं। इससे पहले 2024 में नीमकाथाना, पाटन, अजीतगढ़ और श्रीमाधोपुर सहित सीकर जिले के 9 ब्लॉक में 15 हजार 819 बेटों के मुकाबले 14 हजार 926 बेटियों के जन्म के साथ जिले का लिंगानुपात 944 रहा था।
फतेहपुर और पलसाना में सुधरा अनुपात
नेछवा में जहां बेटियां बेटों से भी ज्यादा जन्मी तो वहीं फतेहपुर व पलसाना में भी लिंगानुपात में काफी सुधार हुआ है। फतेहपुर ब्लॉक में 2024 में लिंगानुपात 949 था, जो 2025 में बढ़कर 993 तक पहुंच गया। इसी तरह पलसाना में भी स्थिति सुधरते हुए 948 से बढ़कर करीब 994 हो गई।
दांता और सीकर शहर में बड़ी गिरावट
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, लिंगानुपात में सबसे बड़ी गिरावट दांता ब्लॉक में आई। 2024 में यहां लिंगानुपात 1126 था, जो 2025 में घटकर लगभग 921 रह गया। इसी तरह पिपराली ब्लॉक में 1077 से घटकर 976 और लक्ष्मणगढ़ में भी 927 से हल्की गिरावट के साथ लिंगानुपात 920 दर्ज किया गया।
सीकर शहर में भी लिंगानुपात में बड़ा अंतर दर्ज हुआ है। 2024 में यहां जो लिंगानुपात 940 था, वह 2025 में घटकर करीब 912 रह गया। शहर में कुल 20,394 जन्म दर्ज हुए, जिनमें 10,667 बेटे और 9,727 बेटियां शामिल हैं।
पाटन में सबसे कम लिंगानुपात
2025 में सबसे कम लिंगानुपात पाटन ब्लॉक में रहा है। यहां 2025 में 35 बेटों के मुकाबले 29 बेटियां पैदा हुई। इस तरह यहां लिंगानुपात 828.57 ही रहा।
लिंगानुपात बढ़ने में ये समस्या
- समाज में पहली संतान बेटा होने पर दूसरी संतान नहीं करने की बदलती सोच।
- बेटे को परिवार का वारिस और सहारा मानने की पारंपरिक सोच।
- अवैध भ्रूण लिंग जांच और कन्या भ्रूण हत्या की घटनाएं।
- कई परिवारों में बेटियों को आर्थिक बोझ समझने की मानसिकता।
- समाज में लिंग समानता को लेकर जागरूकता की कमी और दहेज जैसी सामाजिक कुरीतियां।
- मुखबिर योजना के तहत तीन लाख रुपए तक का पुरस्कार देने पर भी घटते डिकॉय ऑपरेशंस।
बेटियां इसलिए जरूरी: जल, थल से लेकर नभ तक बढ़ा रही मान
सीकर की बेटियां थल से लेकर जल, नभ और पहाड़ों की चोटियों तक पहुंचकर देश का नाम रोशन कर रही हैं। अजीतगढ़ की स्क्वाड्रन लीडर स्नेहा शेखावत अमेरिका का ओवर विमान उड़ाने के साथ गणतंत्र दिवस पर दिल्ली के राजपथ पर एयरफोर्स टुकड़ी की अगुआई करने वाली पहली महिला का गौरव हासिल कर चुकी हैं।
इसी तरह शहर की अपराजिता नैवी में मेजर पद से तो चक निवासी गीता सामोता यूरोप के सबसे ऊंचे पर्वत एल्बु्रस पर तिरंगा फहराकर और अभिलाषा रणवां प्लांट बेबी के रूप में मान बढ़ा चुकी हैं। खेल मैदान में भी पूजा कंवर, शालिनी और सुमन ढाका सरीखी बेटियां जिले व देश का दबदबा बढ़ा चुकी हैं।
सीकर जिला जन्म आंकड़े (जनवरी-दिसंबर 2025)
| क्र. | ब्लॉक | बेटा | बेटी | कुल | लिंगानुपात |
|---|---|---|---|---|---|
| 1 | अजीतगढ़ | 232 | 216 | 448 | 931.03 |
| 2 | दांता | 265 | 244 | 509 | 920.75 |
| 3 | फतेहपुर | 1996 | 1983 | 3979 | 993.49 |
| 4 | खंडेला | 2105 | 1931 | 4036 | 917.34 |
| 5 | कूदन | 350 | 324 | 674 | 925.71 |
| 6 | लक्ष्मणगढ़ | 525 | 483 | 1008 | 920.00 |
| 7 | नेछवा | 395 | 407 | 802 | 1030.38 |
| 8 | नीमकाथाना | 2401 | 2181 | 4582 | 908.37 |
| 9 | पलसाना | 313 | 311 | 624 | 993.61 |
| 10 | पाटन | 35 | 29 | 64 | 828.57 |
| 11 | पिपराली | 250 | 244 | 494 | 976.00 |
| 12 | श्रीमाधोपुर | 200 | 188 | 388 | 940.00 |
| 13 | सीकर शहर | 10667 | 9727 | 20394 | 911.88 |
| कुल | — | 19734 | 18268 | 38002 | 942.71 |
इनका कहना है…
2011 की जनगणना की तुलना में लिंगानुपात काफी सुधरा है। लिंगानुपात में सुधार के लिए विभाग लगातार जागरुकता कार्यक्रम व प्रचार अभियान भी चला रहा है। सोनाग्राफी सेंटर्स पर भी निगरानी रखी जा रही है। सकारात्मक कार्यों से लिंगानुपात में सुधार के प्रयासों में कोई कसर नहीं रखी जाएगी।
-नंदलाल पूनिया, जिला समन्वयक, पीसीपीएनडीटी सेल, सीकर


