शहर की सामाजिक संस्था योगांजलि की मासिक सभा इस बार पर्यावरण संरक्षण थीम पर आयोजित की गई। कार्यक्रम में करीब 100 महिलाओं ने भाग लेकर पर्यावरण बचाने का संकल्प लिया। सभा की अध्यक्ष ममता श्रीवास्तव ने हिंदुत्व सभा के अंतर्गत 7 वर्षीय प्रतिभावान बालिका अनैशा जॉली को कंठस्थ शिव स्त्रोत एवं शास्त्रीय नृत्य की उत्कृष्ट प्रस्तुति के लिए प्रतिभा सम्मान से सम्मानित किया। कार्यक्रम में योग साधिकाओं को नियमित योग के साथ-साथ वेस्ट मटेरियल के रचनात्मक उपयोग के लिए प्रेरित किया गया। सभी महिलाओं ने सामूहिक प्रतिज्ञा ली कि वे प्लास्टिक कचरा, थर्मोकोल व अन्य अघुलनशील वस्तुओं को फेंकने के बजाय सजावटी और उपयोगी सामान में बदलेंगी। कार्यक्रम का संचालन शेफाली ने किया। भावना की टीम ने ‘चोखी धानी’ थीम पर हस्तनिर्मित कठपुतलियां, झूले, पेड़, पतंग और वर्ली पेंटिंग से सजा भव्य द्वार प्रस्तुत किया। इसमें विभा, पूजा, बबली, प्रिया, अनामिका और गुरप्रीत का सहयोग रहा। मीनू की टीम ने वेस्ट मटेरियल से विशाल वृक्ष की संरचना बनाई, जिसमें पुराने बिजली के तार और प्लास्टिक बोतलों से घोंसले, पक्षी, खरगोश, पत्तियां और फूल तैयार किए गए। इस कार्य में स्वप्निल, उमंग, नीना, तृप्ता, शशि और किरन ने साथ दिया। मोना की टीम ने वेस्ट मटेरियल से भव्य शिवालय तैयार कर सभी को आकर्षित किया। इसमें सीमा, नरिंदर, रजिंदर, कवलजीत, एकता और अंजू का सहयोग रहा। काजल की टीम ने फेयरी लैंड थीम पर परियों के वस्त्र, झूले और महल को वेस्ट मटेरियल से साकार किया। नीतू, पूनम, शालू और रजनी ने इसमें सहभागिता निभाई। अंत में सभी प्रतिभागियों को विंकी और रेनू द्वारा पुरस्कृत किया गया। संस्था ने संदेश दिया कि पर्यावरण संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास और रचनात्मक सोच ही भविष्य को सुरक्षित बना सकती है।


