वाराणसी जिला एवं सत्र न्यायालय में 10 साल पहले मिले ग्रेनेड के मामले में सीजेएम ने रिपोर्ट तलब की है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने कैंट थाने से विवेचक को आख्या के साथ कोर्ट बुलाया है। पिछले 10 साल में केस को लेकर प्रगति भी मांगी है। इसके लिए नौ मार्च की तारीख तय की है। शनिवार को न्यायिक मजिस्ट्रेट मनीष कुमार की अदालत में बनारस बार के पूर्व महामंत्री नित्यानंद राय ने प्रार्थना पत्र देकर बनारस कचहरी में दिनांक 23 अप्रैल 2016 को दो ज़िंदा हैंड ग्रेनेड बरामद होने के मामले में प्रगति रिपोर्ट तलब करने मांग की थी। वकील ने अदालत को बताया कि कैंट थाने में 23 अप्रैल 2016 को केस दर्ज कराई गई बताया गया कि कचहरी परिसर में चेकिंग के दौरान एक ग्रेनेड जो सेना अथवा अर्धसैनिक बलों के द्वारा विशेष परिस्थिति में युद्ध के दौरान प्रयोग में लाया जाता है। संदिग्ध अवस्था में कचेहरी के गेट नंबर दो से प्रवेश करने पर नीम के पेङ के पास अधिवक्ताओं की चौकी के पास से बरामद हुआ। ग्रेनेड से अज्ञात अपराधियों द्वारा विस्फोट करके कचहरी परिसर में आने वाले अधिवक्ता एवं अधिकारियों के जीवन को ख़तरे में डालने व संपत्ति को गंभीर क्षति पहुंचाने के उद्देश्य ही रखा गया था। ग्रेनेड बरामदगी की सूचना पर अधिवक्ता व वादकारीयो मे भगदड़ की स्थिति पैदा हो गई थी। तब उस वक़्त के बनारस बार के महामंत्री नित्यानंद राय ने साहस का परिचय दिखाते हुए पुलिस के माइक के द्वारा सम्पूर्ण कचहरी को ख़ाली कराने में अभूतपूर्व योगदान दिया था। जो धारा चार व पाँच विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के अंतर्गत दंडनीय अपराध है। 10 वर्ष की लंबी अवधि बीत जाने के बाद भी इतने गंभीर मामले में विवेचना जस की तस है। प्रार्थना पर सीजेएम मनीष कुमार ने सोमवार को कैंट पुलिस से प्रगति रिपोर्ट तलब की है।


