जमुई के मॉडर्न आंगनबाड़ी में बच्चों से लगवाया झाड़ू:एक साल बाद भी यूनिफॉर्म-किताब नहीं मिली, SDPO ने दिए जांच के आदेश

जमुई के मॉडर्न आंगनबाड़ी में बच्चों से लगवाया झाड़ू:एक साल बाद भी यूनिफॉर्म-किताब नहीं मिली, SDPO ने दिए जांच के आदेश

जमुई के सिकेरिया मुसहरी स्थित एक ‘मॉडर्न आंगनबाड़ी केंद्र’ में बच्चों से झाड़ू लगवाए जाने का मामला सामने आया है। भास्कर की टीम के कैमरे को देखते ही आंगनबाड़ी सेविका नंदरानी देवी ने बच्चों के हाथ से झाड़ू छीन लिया। यह घटना शिक्षा व्यवस्था और निगरानी तंत्र पर सवाल खड़े कर रही है। यह मामला सदर प्रखंड के सिकेरिया मुसहरी स्थित मॉडर्न आंगनबाड़ी केंद्र का है। इस केंद्र का उद्घाटन बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 7 फरवरी 2025 को ‘प्रगति यात्रा’ के दौरान किया था। उद्घाटन के एक साल बाद भी केंद्र की स्थिति पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। 30 बच्चों को नहीं मिली यूनिफॉर्म स्थानीय लोगों के अनुसार, केंद्र में नामांकित लगभग 30 बच्चों को अब तक यूनिफॉर्म नहीं मिली है। इसके अलावा, बच्चों के पास पढ़ाई के लिए कॉपी-किताब भी उपलब्ध नहीं हैं, जिससे उनकी शिक्षा प्रभावित हो रही है। जब आंगनबाड़ी सेविका नंदरानी देवी से इस संबंध में बात की गई, तो उन्होंने स्पष्ट जवाब देने से इनकार कर दिया। उन्होंने बताया कि बच्चों को स्लेट पर पढ़ाया जाता है और स्लेट केंद्र में उपलब्ध हैं। हालांकि, बच्चों से सफाई कार्य कराए जाने के सवाल पर उन्होंने कोई संतोषजनक प्रतिक्रिया नहीं दी। SDPO ने जांच का दिया आश्वासन मामले पर बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (सीडीपीओ) आभा कुमारी ने संज्ञान लिया है। उन्होंने कहा कि बच्चे केंद्र के अंदर नहीं, बल्कि बाहर झाड़ू लगा रहे थे। सीडीपीओ ने स्वीकार किया कि यह मामला उनके संज्ञान में लाया गया है और इसकी जांच कराई जाएगी। जमुई के सिकेरिया मुसहरी स्थित एक ‘मॉडर्न आंगनबाड़ी केंद्र’ में बच्चों से झाड़ू लगवाए जाने का मामला सामने आया है। भास्कर की टीम के कैमरे को देखते ही आंगनबाड़ी सेविका नंदरानी देवी ने बच्चों के हाथ से झाड़ू छीन लिया। यह घटना शिक्षा व्यवस्था और निगरानी तंत्र पर सवाल खड़े कर रही है। यह मामला सदर प्रखंड के सिकेरिया मुसहरी स्थित मॉडर्न आंगनबाड़ी केंद्र का है। इस केंद्र का उद्घाटन बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 7 फरवरी 2025 को ‘प्रगति यात्रा’ के दौरान किया था। उद्घाटन के एक साल बाद भी केंद्र की स्थिति पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। 30 बच्चों को नहीं मिली यूनिफॉर्म स्थानीय लोगों के अनुसार, केंद्र में नामांकित लगभग 30 बच्चों को अब तक यूनिफॉर्म नहीं मिली है। इसके अलावा, बच्चों के पास पढ़ाई के लिए कॉपी-किताब भी उपलब्ध नहीं हैं, जिससे उनकी शिक्षा प्रभावित हो रही है। जब आंगनबाड़ी सेविका नंदरानी देवी से इस संबंध में बात की गई, तो उन्होंने स्पष्ट जवाब देने से इनकार कर दिया। उन्होंने बताया कि बच्चों को स्लेट पर पढ़ाया जाता है और स्लेट केंद्र में उपलब्ध हैं। हालांकि, बच्चों से सफाई कार्य कराए जाने के सवाल पर उन्होंने कोई संतोषजनक प्रतिक्रिया नहीं दी। SDPO ने जांच का दिया आश्वासन मामले पर बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (सीडीपीओ) आभा कुमारी ने संज्ञान लिया है। उन्होंने कहा कि बच्चे केंद्र के अंदर नहीं, बल्कि बाहर झाड़ू लगा रहे थे। सीडीपीओ ने स्वीकार किया कि यह मामला उनके संज्ञान में लाया गया है और इसकी जांच कराई जाएगी।  

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