जहानाबाद में एक हत्या के मामले में पिता-पुत्र सहित आठ लोगों को आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई है। जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय, संजय कुमार सिन्हा के न्यायालय ने सभी दोषियों पर तीस-तीस हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। 25 वर्षीय मंटू यादव की हत्या में पाया गया था दोषी न्यायालय ने स्पष्ट किया कि अर्थदंड का भुगतान न करने पर दोषियों को छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। यह फैसला लतुफुलाह चक, थाना कड़ौना निवासी सूरज कुमार, मनोज कुमार, सीताराम यादव, सुदामा यादव, प्रमोद यादव, राम पूजन यादव, चांद कुमार और श्याम कुमार के खिलाफ सुनाया गया। इन सभी को 25 वर्षीय मंटू यादव की हत्या का दोषी पाया गया था। मामले के सूचक सूर्य देव सिंह, जो मृतक मंटू कुमार के पिता हैं, ने कड़ौना थाना में कांड संख्या 634/21 के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि 5 अक्टूबर 2021 की रात करीब नौ बजे उनके पुत्र मंटू कुमार को अभियुक्तगण मछली मारने के बहाने अपने साथ ले गए थे। जब मंटू रात भर वापस नहीं लौटे, तो पता चला कि सभी अभियुक्त अपने घरों से फरार थे। दो दिनों बाद मंटू कुमार का शव अन्यत्र मिला। मृतक ने पहले कुछ अभियुक्तों के खिलाफ दर्ज कराया था मामला अपर लोक अभियोजक बिंदु भूषण प्रसाद ने बताया कि हत्या का कारण यह था कि मृतक मंटू कुमार ने पूर्व में कुछ अभियुक्तों के खिलाफ एक मामला दर्ज कराया था। अभियुक्तगण उस मामले को वापस लेने के लिए मंटू पर लगातार दबाव बना रहे थे। अभियोजन पक्ष की ओर से न्यायालय में डॉक्टर, अनुसंधान अधिकारी (आईओ) सहित कुल नौ गवाहों के साक्ष्य प्रस्तुत किए गए, जिसके आधार पर न्यायालय ने यह निर्णय सुनाया। जहानाबाद में एक हत्या के मामले में पिता-पुत्र सहित आठ लोगों को आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई है। जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय, संजय कुमार सिन्हा के न्यायालय ने सभी दोषियों पर तीस-तीस हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। 25 वर्षीय मंटू यादव की हत्या में पाया गया था दोषी न्यायालय ने स्पष्ट किया कि अर्थदंड का भुगतान न करने पर दोषियों को छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। यह फैसला लतुफुलाह चक, थाना कड़ौना निवासी सूरज कुमार, मनोज कुमार, सीताराम यादव, सुदामा यादव, प्रमोद यादव, राम पूजन यादव, चांद कुमार और श्याम कुमार के खिलाफ सुनाया गया। इन सभी को 25 वर्षीय मंटू यादव की हत्या का दोषी पाया गया था। मामले के सूचक सूर्य देव सिंह, जो मृतक मंटू कुमार के पिता हैं, ने कड़ौना थाना में कांड संख्या 634/21 के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि 5 अक्टूबर 2021 की रात करीब नौ बजे उनके पुत्र मंटू कुमार को अभियुक्तगण मछली मारने के बहाने अपने साथ ले गए थे। जब मंटू रात भर वापस नहीं लौटे, तो पता चला कि सभी अभियुक्त अपने घरों से फरार थे। दो दिनों बाद मंटू कुमार का शव अन्यत्र मिला। मृतक ने पहले कुछ अभियुक्तों के खिलाफ दर्ज कराया था मामला अपर लोक अभियोजक बिंदु भूषण प्रसाद ने बताया कि हत्या का कारण यह था कि मृतक मंटू कुमार ने पूर्व में कुछ अभियुक्तों के खिलाफ एक मामला दर्ज कराया था। अभियुक्तगण उस मामले को वापस लेने के लिए मंटू पर लगातार दबाव बना रहे थे। अभियोजन पक्ष की ओर से न्यायालय में डॉक्टर, अनुसंधान अधिकारी (आईओ) सहित कुल नौ गवाहों के साक्ष्य प्रस्तुत किए गए, जिसके आधार पर न्यायालय ने यह निर्णय सुनाया।


