सतना में दहेज प्रताड़ना और छेड़खानी के एक मामले में अदालत ने पति, सास और ससुर को 10-10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। यह फैसला बहू द्वारा आत्महत्या करने के मामले में सुनाया गया। तीनों आरोपियों को 10 साल की सजा अदालत के न्यायाधीश दीनानाथ वाडीवा की कोर्ट ने आरोपी पति हर्षवर्धन, सास डॉ. रेखा दुबे और ससुर पंकज दुबे को दोषी पाया। कोर्ट ने पति और सास पर 4-4 हजार रुपए तथा ससुर पर 6 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। दहेज के लिए करते थे प्रताड़ित फरियादी पक्ष के अधिवक्ता अरुण सेन के अनुसार विदुषी दुबे की शादी 30 अप्रैल 2015 को आरोपी हर्षवर्धन के साथ हुई थी। शादी के बाद से ही आरोपियों द्वारा विदुषी को दहेज के लिए शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। बताया गया कि आरोपी 25 हजार रुपए और जेवरात की मांग कर रहे थे। ससुर पर छेड़खानी का आरोप मामले में यह भी आरोप था कि प्रताड़ना के दौरान ससुर पंकज दुबे ने बहू के साथ छेड़खानी की थी। लगातार हो रही प्रताड़ना से परेशान होकर विदुषी ने 3 मार्च 2017 की रात आत्महत्या कर ली थी। पुलिस जांच में आरोप सही पाए गए घटना की सूचना मिलने के बाद सिटी कोतवाली थाना पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की। जांच में दहेज प्रताड़ना और छेड़खानी के आरोप सही पाए गए, जिसके बाद आरोपियों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया। इन धाराओं में दोषी ठहराया अदालत ने तीनों आरोपियों को भारतीय दंड संहिता धारा 306 (आत्महत्या के लिए उकसाना) और धारा 498ए (दहेज प्रताड़ना) के तहत दोषी ठहराया। इसके अलावा ससुर पंकज दुबे को धारा 354 के तहत भी दोषी पाया गया। मामले में फरियादी पक्ष की ओर से अधिवक्ता अरुण सेन और अभियोजन की ओर से एजीपी रावेन्द्र सिंह ने पैरवी की।


