कोडरमा अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम सह स्पेशल पॉक्सो न्यायालय के न्यायाधीश गुलाम हैदर की अदालत ने मंगलवार को नाबालिग से दुष्कर्म के एक आरोपी को दोषी ठहराते हुए 20 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपी पर कुल 38 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया। न्यायालय ने पॉक्सो एक्ट के तहत आरोपी को 20 साल सश्रम कारावास और 10 हजार रुपए का जुर्माना लगाया। जुर्माना अदा न करने पर एक साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। इसके अतिरिक्त, आईपीसी की धारा 354 के तहत 3 साल सश्रम कारावास और 3 हजार रुपए जुर्माना, धारा 354(ए)(1) के तहत 2 साल, और धारा 354(बी) के तहत 4 साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी। अदालत ने निर्देश दिया कि जुर्माने की राशि पीड़ित को दी जाएगी। साथ ही, न्यायालय ने पीड़ित मुआवजा योजना के तहत पीड़िता को मुआवजा दिलाने का भी आदेश दिया है। यह मामला वर्ष 2024 का है। नाबालिग के पिता ने कोडरमा थाना में थाना कांड संख्या 116/2024 के तहत मामला दर्ज कराया था। पिता ने अपनी शिकायत में बताया था कि उन्हें अपने बड़े बेटे से जानकारी मिली कि उसके भाई के साले ने उनकी नाबालिग बेटी को अकेला पाकर जबरन दुष्कर्म किया और उसका वीडियो बना लिया। आरोपी ने पीड़िता को धमकी दी थी कि यदि उसने किसी को बताया तो उसके माता-पिता को जान से मार देगा और वीडियो वायरल कर देगा। इस प्रकार जबरन डरा धमकाकर 1 साल तक उसके साथ दुष्कर्म करता रहा। वहीं, उसका वीडियो बाद में वायरल भी कर दिया था। अभियोजन का संचालक लोक अभियोजक प्रवीण कुमार सिंह ने किया। इस दौरान सभी गवाहों का परीक्षण कराया गया। कार्रवाई के दौरान अपराध की गंभीरता को देखते हुए लोक अभियोजक ने न्यायालय से अभियुक्त को अधिक से अधिक सजा देने का आग्रह किया। वहीं, बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता प्रदीप कुमार ने दलीलें पेश करते हुए बचाव किया। अदालत ने सभी गवाहों और साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद अभियुक्त को दोषी पाते हुए विभिन्न धाराओं में सश्रम कारावास की सजा मुकर्रर की और जुर्माना लगाया। कोडरमा अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम सह स्पेशल पॉक्सो न्यायालय के न्यायाधीश गुलाम हैदर की अदालत ने मंगलवार को नाबालिग से दुष्कर्म के एक आरोपी को दोषी ठहराते हुए 20 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपी पर कुल 38 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया। न्यायालय ने पॉक्सो एक्ट के तहत आरोपी को 20 साल सश्रम कारावास और 10 हजार रुपए का जुर्माना लगाया। जुर्माना अदा न करने पर एक साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। इसके अतिरिक्त, आईपीसी की धारा 354 के तहत 3 साल सश्रम कारावास और 3 हजार रुपए जुर्माना, धारा 354(ए)(1) के तहत 2 साल, और धारा 354(बी) के तहत 4 साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी। अदालत ने निर्देश दिया कि जुर्माने की राशि पीड़ित को दी जाएगी। साथ ही, न्यायालय ने पीड़ित मुआवजा योजना के तहत पीड़िता को मुआवजा दिलाने का भी आदेश दिया है। यह मामला वर्ष 2024 का है। नाबालिग के पिता ने कोडरमा थाना में थाना कांड संख्या 116/2024 के तहत मामला दर्ज कराया था। पिता ने अपनी शिकायत में बताया था कि उन्हें अपने बड़े बेटे से जानकारी मिली कि उसके भाई के साले ने उनकी नाबालिग बेटी को अकेला पाकर जबरन दुष्कर्म किया और उसका वीडियो बना लिया। आरोपी ने पीड़िता को धमकी दी थी कि यदि उसने किसी को बताया तो उसके माता-पिता को जान से मार देगा और वीडियो वायरल कर देगा। इस प्रकार जबरन डरा धमकाकर 1 साल तक उसके साथ दुष्कर्म करता रहा। वहीं, उसका वीडियो बाद में वायरल भी कर दिया था। अभियोजन का संचालक लोक अभियोजक प्रवीण कुमार सिंह ने किया। इस दौरान सभी गवाहों का परीक्षण कराया गया। कार्रवाई के दौरान अपराध की गंभीरता को देखते हुए लोक अभियोजक ने न्यायालय से अभियुक्त को अधिक से अधिक सजा देने का आग्रह किया। वहीं, बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता प्रदीप कुमार ने दलीलें पेश करते हुए बचाव किया। अदालत ने सभी गवाहों और साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद अभियुक्त को दोषी पाते हुए विभिन्न धाराओं में सश्रम कारावास की सजा मुकर्रर की और जुर्माना लगाया।


