मधुबनी जिले के बेनीपट्टी कोर्ट ने लापरवाही से हुई मौत मामले में आरोपी चंद्रशेखर दास को दोषी ठहराते हुए दो साल के साधारण कारावास और 5,000 रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। यह फैसला अरेर थाना कांड संख्या 132/23 से संबंधित है। अनुमंडल न्यायिक दंडाधिकारी (SDJM) बेनीपट्टी कोर्ट ने आरोपी को भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 304(क) (लापरवाही से मौत) और 279 (लापरवाही से वाहन चलाना) के तहत दोषी पाया। चंद्रशेखर दास स्वर्गीय भवकिशोर दास के पुत्र हैं और समस्तीपुर जिले के मुफ्फसिल थाना अंतर्गत कोरबद्धा के निवासी हैं। वाहन चलाते समय बरती लापरवाही पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह घटना अरेर थाना क्षेत्र में हुई थी, जहां आरोपी चंद्रशेखर दास द्वारा वाहन चलाते समय बरती गई लापरवाही के कारण एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। हालांकि, पीड़ित की पहचान अभी स्पष्ट नहीं की गई है। इस घटना ने स्थानीय स्तर पर सड़क सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ा दी थीं। अरेर थाने की पुलिस ने मामले में त्वरित अनुसंधान करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया और न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। अभियोजन पक्ष की ओर से लोक अभियोजक सुभाषचंद्र मंडल ने प्रभावी पैरवी की, जिसके आधार पर न्यायालय ने साक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए आरोपी की गंभीर लापरवाही को मौत का कारण माना। नशे और रॉन्ग साइड ड्राइविंग से हादसा बढ़ा यह न्यायिक फैसला सड़क सुरक्षा और लापरवाही से होने वाली मौतों के मामलों में सख्ती का एक महत्वपूर्ण उदाहरण है। जिले में हाल के वर्षों में तेज रफ्तार, नशे में ड्राइविंग और गलत साइड ड्राइविंग जैसे कारणों से लापरवाही से होने वाली मौतों की संख्या में वृद्धि देखी गई है। यह सजा जिले में सड़क हादसों पर अंकुश लगाने का संदेश देती है। लोक अभियोजक सुभाषचंद्र मंडल ने इस फैसले पर टिप्पणी करते हुए कहा, “कानून सबके लिए बराबर है। प्रभावी अभियोजन से न्याय सुनिश्चित होता है।” अरेर क्षेत्र के स्थानीय ग्रामीणों ने भी इस फैसले का स्वागत किया है, उनका मानना है कि ऐसी सजाओं से वाहन चालक अधिक सतर्क होंगे। पुलिस प्रशासन ने भी इस कदम को सकारात्मक बताया है और अन्य थानों को लापरवाही के मामलों में तत्परता बरतने के निर्देश दिए हैं। पुलिस अधीक्षक (एसपी) योगेन्द्र कुमार ने कहा कि सड़क सुरक्षा अभियान को और अधिक मजबूत किया जाएगा। मधुबनी जिले के बेनीपट्टी कोर्ट ने लापरवाही से हुई मौत मामले में आरोपी चंद्रशेखर दास को दोषी ठहराते हुए दो साल के साधारण कारावास और 5,000 रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। यह फैसला अरेर थाना कांड संख्या 132/23 से संबंधित है। अनुमंडल न्यायिक दंडाधिकारी (SDJM) बेनीपट्टी कोर्ट ने आरोपी को भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 304(क) (लापरवाही से मौत) और 279 (लापरवाही से वाहन चलाना) के तहत दोषी पाया। चंद्रशेखर दास स्वर्गीय भवकिशोर दास के पुत्र हैं और समस्तीपुर जिले के मुफ्फसिल थाना अंतर्गत कोरबद्धा के निवासी हैं। वाहन चलाते समय बरती लापरवाही पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह घटना अरेर थाना क्षेत्र में हुई थी, जहां आरोपी चंद्रशेखर दास द्वारा वाहन चलाते समय बरती गई लापरवाही के कारण एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। हालांकि, पीड़ित की पहचान अभी स्पष्ट नहीं की गई है। इस घटना ने स्थानीय स्तर पर सड़क सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ा दी थीं। अरेर थाने की पुलिस ने मामले में त्वरित अनुसंधान करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया और न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। अभियोजन पक्ष की ओर से लोक अभियोजक सुभाषचंद्र मंडल ने प्रभावी पैरवी की, जिसके आधार पर न्यायालय ने साक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए आरोपी की गंभीर लापरवाही को मौत का कारण माना। नशे और रॉन्ग साइड ड्राइविंग से हादसा बढ़ा यह न्यायिक फैसला सड़क सुरक्षा और लापरवाही से होने वाली मौतों के मामलों में सख्ती का एक महत्वपूर्ण उदाहरण है। जिले में हाल के वर्षों में तेज रफ्तार, नशे में ड्राइविंग और गलत साइड ड्राइविंग जैसे कारणों से लापरवाही से होने वाली मौतों की संख्या में वृद्धि देखी गई है। यह सजा जिले में सड़क हादसों पर अंकुश लगाने का संदेश देती है। लोक अभियोजक सुभाषचंद्र मंडल ने इस फैसले पर टिप्पणी करते हुए कहा, “कानून सबके लिए बराबर है। प्रभावी अभियोजन से न्याय सुनिश्चित होता है।” अरेर क्षेत्र के स्थानीय ग्रामीणों ने भी इस फैसले का स्वागत किया है, उनका मानना है कि ऐसी सजाओं से वाहन चालक अधिक सतर्क होंगे। पुलिस प्रशासन ने भी इस कदम को सकारात्मक बताया है और अन्य थानों को लापरवाही के मामलों में तत्परता बरतने के निर्देश दिए हैं। पुलिस अधीक्षक (एसपी) योगेन्द्र कुमार ने कहा कि सड़क सुरक्षा अभियान को और अधिक मजबूत किया जाएगा।


