आर्म्स एक्ट केस में आरोपी को 3 साल जेल:सहरसा में कोर्ट ने सुनाया फैसला, दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी

आर्म्स एक्ट केस में आरोपी को 3 साल जेल:सहरसा में कोर्ट ने सुनाया फैसला, दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी

सहरसा न्यायालय ने आर्म्स एक्ट के एक मामले में त्वरित विचारण करते हुए आरोपी राकेश कुमार यादव को दोषी ठहराया है। सोमवार को न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी, सहरसा भवानी प्रसाद की अदालत ने नवहट्टा थाना कांड संख्या 273/23 (21 नवंबर 2023) में यह फैसला सुनाया। यह मामला नवहट्टा थाना क्षेत्र से संबंधित था, जिसे त्वरित विचारण के लिए चुना गया था। अदालत ने सीआरआई संख्या 174/24 के तहत राकेश कुमार यादव, निवासी कासिमपुर वार्ड संख्या-04, थाना नवहट्टा, सहरसा को आर्म्स एक्ट की धारा 25(1-बी) ए और धारा 26 के अंतर्गत दोषी पाया। 3 साल के कारावास और 2,000 रुपए के अर्थदंड की सजा अदालत ने आरोपी को धारा 25(1-बी) ए आर्म्स एक्ट के तहत 3 साल के कारावास और 2,000 रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा न करने पर उसे एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। इसी प्रकार, धारा 26 आर्म्स एक्ट के तहत भी अभियुक्त को तीन वर्ष के कारावास और 2,000 रुपए अर्थदंड की सजा दी गई है, जिसमें अर्थदंड न देने पर एक माह का अतिरिक्त कारावास शामिल है। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी। अभियोजन पदाधिकारी प्रदीप कुमार गिरी ने सशक्त रूप से अपना पक्ष रखा मामले की सुनवाई के दौरान, अभियोजन पक्ष की ओर से अभियोजन पदाधिकारी प्रदीप कुमार गिरी ने सशक्त रूप से अपना पक्ष रखा। उन्होंने पुलिस द्वारा जुटाए गए साक्ष्यों, गवाहों के बयानों और चार्जशीट का हवाला देते हुए आरोपी के खिलाफ आरोपों को प्रमाणित किया, जिसे न्यायालय ने स्वीकार किया। न्यायालय के इस फैसले को अवैध हथियार रखने और अपराध पर अंकुश लगाने की दिशा में एक कड़ा संदेश माना जा रहा है। त्वरित विचारण से आए इस निर्णय ने आम जनता में कानून के प्रति विश्वास को मजबूत किया है। पुलिस प्रशासन ने भी इसे न्यायिक प्रक्रिया की सफलता बताया है। सहरसा न्यायालय ने आर्म्स एक्ट के एक मामले में त्वरित विचारण करते हुए आरोपी राकेश कुमार यादव को दोषी ठहराया है। सोमवार को न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी, सहरसा भवानी प्रसाद की अदालत ने नवहट्टा थाना कांड संख्या 273/23 (21 नवंबर 2023) में यह फैसला सुनाया। यह मामला नवहट्टा थाना क्षेत्र से संबंधित था, जिसे त्वरित विचारण के लिए चुना गया था। अदालत ने सीआरआई संख्या 174/24 के तहत राकेश कुमार यादव, निवासी कासिमपुर वार्ड संख्या-04, थाना नवहट्टा, सहरसा को आर्म्स एक्ट की धारा 25(1-बी) ए और धारा 26 के अंतर्गत दोषी पाया। 3 साल के कारावास और 2,000 रुपए के अर्थदंड की सजा अदालत ने आरोपी को धारा 25(1-बी) ए आर्म्स एक्ट के तहत 3 साल के कारावास और 2,000 रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा न करने पर उसे एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। इसी प्रकार, धारा 26 आर्म्स एक्ट के तहत भी अभियुक्त को तीन वर्ष के कारावास और 2,000 रुपए अर्थदंड की सजा दी गई है, जिसमें अर्थदंड न देने पर एक माह का अतिरिक्त कारावास शामिल है। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी। अभियोजन पदाधिकारी प्रदीप कुमार गिरी ने सशक्त रूप से अपना पक्ष रखा मामले की सुनवाई के दौरान, अभियोजन पक्ष की ओर से अभियोजन पदाधिकारी प्रदीप कुमार गिरी ने सशक्त रूप से अपना पक्ष रखा। उन्होंने पुलिस द्वारा जुटाए गए साक्ष्यों, गवाहों के बयानों और चार्जशीट का हवाला देते हुए आरोपी के खिलाफ आरोपों को प्रमाणित किया, जिसे न्यायालय ने स्वीकार किया। न्यायालय के इस फैसले को अवैध हथियार रखने और अपराध पर अंकुश लगाने की दिशा में एक कड़ा संदेश माना जा रहा है। त्वरित विचारण से आए इस निर्णय ने आम जनता में कानून के प्रति विश्वास को मजबूत किया है। पुलिस प्रशासन ने भी इसे न्यायिक प्रक्रिया की सफलता बताया है।  

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