14 साल पुराने गैंग्स्टर-एक्ट केस में 3 साल की सजा:कोर्ट ने दोषी पर 10 हजार जुर्माना भी लगाया, नहीं देने पर 2 माह और जेल

14 साल पुराने गैंग्स्टर-एक्ट केस में 3 साल की सजा:कोर्ट ने दोषी पर 10 हजार जुर्माना भी लगाया, नहीं देने पर 2 माह और जेल

इटावा में गैंग्स्टर एक्ट के एक पुराने मामले में अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए तीन साल की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोषी पर 10 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा नहीं करने की स्थिति में उसे दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। मामला थाना जसवंतनगर क्षेत्र से जुड़ा है, जिसमें वर्ष 2012 में मुकदमा दर्ज किया गया था। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता संजीव चतुर्वेदी के मुताबिक, थाना जसवंतनगर क्षेत्र की कंजड़ कॉलोनी निवासी प्रीतम सिंह पुत्र अमर सिंह के खिलाफ वर्ष 2012 में गैंग्स्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले की विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल की थी। अपर सत्र न्यायाधीश की अदालत में हुई सुनवाई मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश, कोर्ट संख्या-10/गैंग्स्टर एक्ट की न्यायाधीश मधु गुप्ता की अदालत में हुई। सुनवाई के दौरान अदालत में प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आरोपी को दोषी पाया गया। कोर्ट ने सुनाई 3 साल की सजा अदालत ने प्रीतम सिंह को दोषी ठहराते हुए तीन वर्ष के साधारण कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही 10 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया गया है। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि दोषी जुर्माना अदा नहीं करता है, तो उसे दो माह का अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा। 12 साल बाद आया फैसला वर्ष 2012 में दर्ज इस मामले में अब अदालत का फैसला आने के साथ लंबी न्यायिक प्रक्रिया पूरी हुई। कोर्ट के इस निर्णय को गैंग्स्टर एक्ट के मामलों में एक अहम कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है।

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