सीवान के सराय ओपी थाना क्षेत्र के पपौर गांव में गुरुवार की शाम पुरानी रंजिश को लेकर एक युवक को दौड़ाकर गोली मार दी गई। गंभीर रूप से घायल युवक की पहचान पपौर निवासी राम लाल महतो के पुत्र मनु चौहान के रूप में हुई है। घटना के बाद परिजनों में आक्रोश है और पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। घटना के संबंध में घायल युवक के भाई धर्मेंद्र कुमार प्रसाद ने बताया कि गुरुवार की शाम उसका भाई मनु चौहान शौच के लिए घर से बाहर जा रहा था। इसी दौरान गांव के ही कुछ लोगों ने उसे घेर लिया और पुरानी दुश्मनी को लेकर दौड़ाकर गोली मार दी। गोली लगते ही युवक गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़ा। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की
परिजनों और ग्रामीणों की मदद से घायल युवक को तुरंत इलाज के लिए सदर अस्पताल सीवान लाया गया। यहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार किया, लेकिन हालत नाजुक देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए पीएमसीएच पटना रेफर कर दिया गया। घायल युवक के भाई धर्मेंद्र कुमार प्रसाद ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि आरोपितों ने होली के दिन भी उसके भाई के साथ मारपीट की थी और गोली भी चलाई थी, जिसमें वह बाल-बाल बच गया था। इस मामले की शिकायत थाने में की गई थी, लेकिन पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। यदि समय रहते कार्रवाई होती तो शायद आज यह बड़ी घटना नहीं होती। आर्थिक रूप से मदद कर रहा था भाई मनु
धर्मेंद्र ने बताया कि आरोपी और वह पहले गांव में मिलकर एक स्कूल चलाते थे। कुछ समय पहले अलग हो गए और वह अपना अलग स्कूल शुरू कर दिया। तभी से आरोपी लगातार उसे निशाना बना रहे थे। इतना ही नहीं, जो भी लोग उसके स्कूल चलाने में मदद करते हैं, उनके साथ भी मारपीट की जाती है। वर्तमान में भाई मनु उसको आर्थिक रूप से मदद कर रहा था। उन्होंने बताया कि 7 जनवरी को भी आरोपियों द्वारा घटना की गई थी। उस समय डायल 112 को सूचना दी गई थी, लेकिन आरोप है कि पुलिस मौके पर पहुंचकर आरोपियों पर कार्रवाई करने के बजाय उनके घर में रखे सामान को ही अस्त-व्यस्त कर दिया और नकद रुपये भी जबरन ले लिए। लिखित आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की गई थी
इसके बाद 8 जनवरी को जिला पदाधिकारी और वरीय अधिकारियों को लिखित आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की गई थी। आवेदन में यह भी चेतावनी दी गई थी कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो आत्मदाह कर लूंगा, लेकिन इसके बावजूद प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। परिजनों का आरोप है कि प्रशासन की लगातार अनदेखी से आरोपियों का मनोबल बढ़ता गया और वे बार-बार हमला करते रहे। आखिरकार गुरुवार को उन्होंने मनु चौहान को दौड़ाकर गोली मार दी। इधर घटना की सूचना मिलते ही सदर एसडीपीओ अजय कुमार सिंह सदर अस्पताल पहुंचे और घायल युवक की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने पूरे मामले की जांच का भरोसा दिया है। हालांकि इस घटना के बाद पुलिस की कार्यशैली और लापरवाही पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि पहले की शिकायतों पर कार्रवाई होती, तो शायद आज किसी युवक की जान पर यह संकट नहीं आता। सीवान के सराय ओपी थाना क्षेत्र के पपौर गांव में गुरुवार की शाम पुरानी रंजिश को लेकर एक युवक को दौड़ाकर गोली मार दी गई। गंभीर रूप से घायल युवक की पहचान पपौर निवासी राम लाल महतो के पुत्र मनु चौहान के रूप में हुई है। घटना के बाद परिजनों में आक्रोश है और पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। घटना के संबंध में घायल युवक के भाई धर्मेंद्र कुमार प्रसाद ने बताया कि गुरुवार की शाम उसका भाई मनु चौहान शौच के लिए घर से बाहर जा रहा था। इसी दौरान गांव के ही कुछ लोगों ने उसे घेर लिया और पुरानी दुश्मनी को लेकर दौड़ाकर गोली मार दी। गोली लगते ही युवक गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़ा। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की
परिजनों और ग्रामीणों की मदद से घायल युवक को तुरंत इलाज के लिए सदर अस्पताल सीवान लाया गया। यहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार किया, लेकिन हालत नाजुक देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए पीएमसीएच पटना रेफर कर दिया गया। घायल युवक के भाई धर्मेंद्र कुमार प्रसाद ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि आरोपितों ने होली के दिन भी उसके भाई के साथ मारपीट की थी और गोली भी चलाई थी, जिसमें वह बाल-बाल बच गया था। इस मामले की शिकायत थाने में की गई थी, लेकिन पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। यदि समय रहते कार्रवाई होती तो शायद आज यह बड़ी घटना नहीं होती। आर्थिक रूप से मदद कर रहा था भाई मनु
धर्मेंद्र ने बताया कि आरोपी और वह पहले गांव में मिलकर एक स्कूल चलाते थे। कुछ समय पहले अलग हो गए और वह अपना अलग स्कूल शुरू कर दिया। तभी से आरोपी लगातार उसे निशाना बना रहे थे। इतना ही नहीं, जो भी लोग उसके स्कूल चलाने में मदद करते हैं, उनके साथ भी मारपीट की जाती है। वर्तमान में भाई मनु उसको आर्थिक रूप से मदद कर रहा था। उन्होंने बताया कि 7 जनवरी को भी आरोपियों द्वारा घटना की गई थी। उस समय डायल 112 को सूचना दी गई थी, लेकिन आरोप है कि पुलिस मौके पर पहुंचकर आरोपियों पर कार्रवाई करने के बजाय उनके घर में रखे सामान को ही अस्त-व्यस्त कर दिया और नकद रुपये भी जबरन ले लिए। लिखित आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की गई थी
इसके बाद 8 जनवरी को जिला पदाधिकारी और वरीय अधिकारियों को लिखित आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की गई थी। आवेदन में यह भी चेतावनी दी गई थी कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो आत्मदाह कर लूंगा, लेकिन इसके बावजूद प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। परिजनों का आरोप है कि प्रशासन की लगातार अनदेखी से आरोपियों का मनोबल बढ़ता गया और वे बार-बार हमला करते रहे। आखिरकार गुरुवार को उन्होंने मनु चौहान को दौड़ाकर गोली मार दी। इधर घटना की सूचना मिलते ही सदर एसडीपीओ अजय कुमार सिंह सदर अस्पताल पहुंचे और घायल युवक की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने पूरे मामले की जांच का भरोसा दिया है। हालांकि इस घटना के बाद पुलिस की कार्यशैली और लापरवाही पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि पहले की शिकायतों पर कार्रवाई होती, तो शायद आज किसी युवक की जान पर यह संकट नहीं आता।


