सीकर में महिलाओं को हिंसा से निपटने के तरीके बताए:बेटियों को खतरे से निपटने के टोल फ्री नंबर बताए, गुड टच-बैड टच के बारे में समझाया

सीकर में महिलाओं को हिंसा से निपटने के तरीके बताए:बेटियों को खतरे से निपटने के टोल फ्री नंबर बताए, गुड टच-बैड टच के बारे में समझाया

सीकर में महिला अधिकारिता विभाग के निर्देश पर स्कूल-काॅलेज में बेटियों को खतरे से निपटने और सेफ्टी अभियान चलाकर अवेयरनेस प्रोग्राम किए जा रहे हैं। बेटियों को गुड टच-बैड टच के बारे में भी बताया जा रहा है। पन्नाधाय सुरक्षा व सम्मान केंद्र की मैनेजर नीलम कुमारी और एडवोकेट कृष्णा सोनी ने विश्व भारती कॉलेज में बालक-बालिकाओं को अंतर्राष्ट्रीय महिला हिंसा उन्मूलन दिवस के तहत आयोजित अवेयरनेस वर्कशाॅप को संबोधित किया। केंद्र मैनेजर नीलम ने कहा कि इस साल 2025 में सभी महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ डिजिटल हिंसा को खत्म करना ही प्रमुख चुनौती रही है। डिजिटल हिंसा को खत्म करने के लिए बेटियों को सतर्क रहने की जरुरत है। पन्नाधाय सुरक्षा-सम्मान केंद्र मैनेजर नीलम ने वर्कशॉप में बताया कि ऑनलाइन उत्पीड़न और साइबर स्टॉकिंग से लेकर डीपफेक साइबर स्टॉकिंग, डॉक्सिंग और स्त्रियों पर हमलों तक टेक्नोलॉजी बेस्ट सैक्सुअल वाॅयलेंस काफी तेजी से उभर रहा है। डिजिटल हिंसा रोकने के लिए एकजुट होकर महिलाओं को घरेलू हिंसा अधिनियम, POCSO एक्ट और राजकाॅप मोबाइल ऐप की जानकारी होना जरुरी है। एडवोकेट कृष्णा सोनी ने कहा कि कन्या भ्रूण हत्या से निपटने के लिए मुखबिर योजना के तहत शिकायत करने पर शिकायतकर्त्ता को प्रोत्साहन राशि के रुप में 3 लाख रुपए ईनाम के दिए जाते हैं। एडवोकेट सोनी ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना, मुख्यमंत्री नारी प्रशिक्षण व कौशल संवर्धन योजना के तहत निशुल्क RS-CFA ट्रेनिंग निशुल्क RS-CIT ट्रेनिंग, मुख्यमंत्री नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना, लाडो प्रोत्साहन योजना की जानकारी देते हुए बताया गया कि बच्ची के जन्म से लेकर 21 वर्ष पूरे होने तक बच्ची को 7 किश्तों मे 1.50लाख रूपए की राशि दी जाती है। वर्कशाॅप के अंत में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ व बाल विवाह रोकथाम के लिए शपथ दिलाई गई। श्रीकल्याण बाल मंदिर सीनियर सेकेंडरी स्कूल में काउंसलर रिचा पारीक व राजेश कुमारी ने बाल विवाह, माहवारी, स्वच्छता और छोटे बच्चों को गुड टच-बैड टच के बारे में बताया। नीलम कुमारी, एडवोकेट कृष्णा सोनी, रिचा पारीक और राजेश कुमारी ने बच्चों को इमरजेंसी में काम आने वाले चाइल्ड हेल्प लाइन नंबर 1098, गरिमा हेल्प लाइन नंबर 1090, साइबर हेल्प लाइन नंबर 1930 आपातकालीन हेल्प लाइन नंबर 112 और मुख्यमंत्री महिला हेल्प लाइन नंबर 181 के बारे में भी बताया।

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