संभल में 700 वर्ग मीटर सरकारी भूमि पर अवैध रूप से बनी मस्जिद, मदरसा और पांच दुकानों को हटाने की मांग की गई है। मुस्लिम समुदाय के लोगों ने एसडीएम से मिलकर इन निर्माणों को अपने संसाधनों से हटाने की बात कही, लेकिन साथ ही ग्राम समाज की अन्य भूमि पर बने अवैध निर्माणों को भी पहले हटाने की मांग रखी। यह मामला संभल जनपद के थाना असमोली क्षेत्र के मुबारकपुर बंद गांव का है। यहां खेल के मैदान और खाद के गड्ढे की भूमि पर गौसुल मदरसा, एक मस्जिद और पांच दुकानें अवैध रूप से बनाई गई थीं। 28 मार्च को भूमि की पैमाइश के बाद, मुस्लिम समुदाय ने 31 मार्च से मदरसा और पांच दुकानों को तोड़ना शुरू कर दिया था। मस्जिद कमेटी और ग्राम प्रधानपति की मांग पर, 5 अप्रैल को प्रशासन ने बुलडोजर उपलब्ध कराया। दो घंटे के भीतर मदरसा और दुकानों को ध्वस्त कर दिया गया, जिसके लिए ₹2100 का भुगतान किया गया। हालांकि, इसके बाद मुस्लिम समुदाय ने मस्जिद को हटाने का विरोध किया। उनका तर्क था कि पहले ग्राम समाज की अन्य भूमि पर बने निर्माणों को हटाया जाना चाहिए। बीते शुक्रवार को 300-400 लोगों ने इसी मस्जिद में जुम्मे की नमाज अदा की। गांव के नुसरत अली, हाजी भूरे, वाहिद, हाजी मुनव्वर, ताज और मुस्तफा साबिर सहित कई लोगों ने एसडीएम संभल से मुलाकात कर अपनी बात रखी। लेखपाल सुरेंद्र कुमार के अनुसार, गाटा संख्या 630 खेल का मैदान है, जिसके 0.126 एयर (लगभग 150 वर्गमीटर) हिस्से पर मदरसा और मस्जिद का निर्माण है। वहीं, खाद के गड्ढे की गाटा संख्या 623 में 540 वर्गमीटर पर मदरसा, मस्जिद और पांच दुकानें बनी हुई हैं। गाटा संख्या 623 में एक मकान की बैठक और रास्ता भी शामिल है। इसके अतिरिक्त, ढाई बीघा भूमि पर प्राथमिक और माध्यमिक स्कूल बने हैं, जो खेल के मैदान के नाम पर दर्ज है। ध्वस्त की गई दुकानों में हामिद पुत्र नूरुद्दीन की समोसा-पकौड़े की दुकान, अफजल पुत्र सुलेमान की हरी सब्जी की दुकान, शाने आलम पुत्र पीर बख्श की समोसा-पकौड़े की दुकान, फरमान पुत्र कल्लू का मेडिकल स्टोर और अजगर पुत्र इलियास का जनसेवा केंद्र शामिल था। ध्वस्त की गई दुकानों में हामिद पुत्र नूरुद्दीन की समोसा-पकौड़े की दुकान, अफजल पुत्र सुलेमान की हरी सब्जी की दुकान, शाने आलम पुत्र पीर बख्श की समोसा-पकौड़े की दुकान, फरमान पुत्र कल्लू का मेडिकल स्टोर और अजगर पुत्र इलियास का जनसेवा केंद्र शामिल था। डीएम डॉ. राजेंद्र पैंसिया के आदेश पर तहसीलदार धीरेंद्र कुमार सिंह ने ग्राम समाज की भूमि का सीमांकन कर कब्जा मुक्त कराए जाने के संबंध में राजस्व निरीक्षक गुमसानी चंद्रपाल सिंह के नेतृत्व में हल्का लेखपाल सुरेंद्र सिंह, पीयूष शर्मा, अमित प्रथम, अनुराग शर्मा और सुभाष चंद्र की टीम गठित की गई। गाटा संख्या 623, रकवा 0.112 हेक्टेयर (खाद के गडढे) और गाटा संख्या 630, रकवा 0.126 हेक्टेयर खेल का मैदान की पैमाइश होनी है। 29 मार्च को राजस्व प्रशासन की पैमाइश के बाद आबिद को अवैध निर्माण तोड़ने का ठेका दिया गया है।


