उत्तर प्रदेश के संभल में बंदरों के बढ़ते आतंक से परेशान किसानों ने फसलों को बचाने के लिए अनोखा तरीका अपनाया है। यहां किसान भालू का मुखौटा और वर्दी पहनकर खेतों की रखवाली कर रहे हैं। इस पहल की चर्चा आसपास के क्षेत्रों में भी हो रही है। मामला संभल जिले के हजरतनगर गढ़ी थाना क्षेत्र के फिरोजपुर गांव का है। यहां बंदरों के झुंड अक्सर खेतों में घुसकर सब्जियों की फसल को नुकसान पहुंचा देते हैं। इससे परेशान किसानों ने बंदरों को डराकर भगाने के लिए भालू की वर्दी पहनकर खेतों की निगरानी शुरू कर दी है। किसान शमशाद ने बताया कि बंदर अक्सर गोभी, प्याज, बैंगन और अन्य सब्जियों की फसल को बर्बाद कर देते हैं। कई बार पूरी फसल नष्ट हो जाती है, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। ग्रामीणों के मुताबिक यह समस्या कई वर्षों से बनी हुई है। बंदर गांव के आसपास ही रहते हैं और मौका मिलते ही खेतों में घुसकर फसलों को नुकसान पहुंचाते हैं।
इस समस्या से बचने के लिए किसानों ने चंदौसी से करीब 1400 रुपये में भालू की वर्दी खरीदी है। गांव में इस तरह की तीन से चार वर्दियां उपलब्ध हैं, जिनका किसान बारी-बारी से इस्तेमाल करते हैं। जब कोई किसान या ग्रामीण भालू की वर्दी पहनकर खेत में जाता है तो बंदर उसे देखकर डरकर भाग जाते हैं। किसान या उनके परिवार के सदस्य खेतों में रहकर इस तरह फसलों की रखवाली कर रहे हैं। ग्रामीण पान सिंह ने बताया कि गांव में बंदरों की संख्या बहुत ज्यादा हो गई है। उनके मुताबिक गांव में करीब दो हजार से अधिक बंदर हैं और बंदरों के हमलों के कारण अब तक करीब दस लोगों की मौत भी हो चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई बार दूसरे गांवों से बंदरों को पकड़कर यहां छोड़ दिया जाता है और यहां से बंदरों को पकड़कर अन्य जगहों पर छोड़ दिया जाता है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से बंदरों की समस्या का स्थायी समाधान करने और किसानों को हो रहे आर्थिक नुकसान से बचाने की मांग की है।


