समस्तीपुर में जन्म से पहले बच्चे का सौदा:डिलीवरी के बाद मां और नानी ने ढाई लाख में बेचा; ससुराल वालों से कहा- बेटा मर गया

समस्तीपुर में जन्म से पहले बच्चे का सौदा:डिलीवरी के बाद मां और नानी ने ढाई लाख में बेचा; ससुराल वालों से कहा- बेटा मर गया

समस्तीपुर के विभूतिपुर थाना क्षेत्र के एक गांव में मां की ‎ममता को शर्मसार करने वाला एक मामला‎ सामने आया है। आरोप है कि एक महिला ने‎ अपनी मां (बच्चे की नानी) के साथ मिलकर‎ अपने ही नवजात पुत्र को जन्म के तुरंत बाद‎ बेच दिया। ससुराल वालों को बच्चे की मौत ‎होने की झूठी सूचना दे दी। मायके और ससुराल पक्ष के लोगों ने परंपरा के अनुसार बाल ‎भी मुंडवा लिया। बाद में मामला खुलने पर‎ समाज के दबाव में करीब 10 दिन बा द‎नवजात को वापस लाया गया।‎ जानकारी के अनुसार 28 फरवरी 2026 की‎ रात प्रसव पीड़ा होने पर महिला विभूतिपुर सीएचसी में भर्ती हुई। यहां 1 मार्च‎को उसने पुत्र को जन्म दिया। जच्चा-बच्चा‎ दोनों स्वस्थ थे। प्रसव के बाद महिला ने‎ ससुराल नहीं जाकर मायके जाने की जिद की।‎ आशा ने एंबुलेंस से जाने की सलाह दी,‎ लेकिन महिला टोटो से जाने की बात कह कर ‎निकल गई। आरोप है कि सीएचसी से निकलने‎ के बाद रास्ते में ही नवजात को बेच दिया गया।‎ नानी ने कहा- जहां से आया था, वहीं चला गया‎ शाम में परिजनों को फोन कर ‎बच्चे की मौत की सूचना दे दी ‎गई। सूचना मिलते ही घर में ‎मातम छा गया। 2 मार्च को ‎होलिका दहन के दिन ससुराल के ‎करीब डेढ़-दो दर्जन लोगों ने बाल‎ मुंडवा कर शोक प्रकट किया। ‎बच्चे की दादी ने बताया कि जब‎ वे रो रही थीं तो बच्चे की नानी ने‎कहा कि ज्यादा चिंता करने से‎ क्या होगा, जहां से आया था वहीं‎ चला गया। कुछ दिनों बाद गांव‎में चर्चा फैलने लगी कि बच्चा मरा ‎नहीं बल्कि बेचा गया है।‎ बच्चे को दफनाने का प्रमाण दिखाने‎ को कहा 4 मार्च को होली के दिन ससुराल और समाज के ‎लोग महिला के मायके पहुंचे। बच्चे को ‎दफनाने का स्थान या कोई प्रमाण दिखाने को‎ कहा। लोगों के दबाव के बाद महिला ने बच्चा ‎वापस लाने की बात कही। इसके बाद 10-11‎मार्च को नवजात को वापस लाकर मां के पास दे ‎दिया गया। भास्कर के रिपोर्टर को बच्चे के दादी, ‎पिता, चाचा और अन्य परिजनों ने पूरे मामले की‎जानकारी दी। बच्चे के पिता ने बताया कि वह‎ परदेस में मजदूरी करता है और उसे घटना की‎ जानकारी बाद में मिली। उसकी दो शादी हुई है। ‎पहली पत्नी के देहांत होने के बाद उसने दूसरी‎ शादी की। पहली पत्नी से भी एक पुत्र है, जो दादी‎ के साथ रहता है।‎ ढाई लाख में मुस्लिम परिवार के हाथ सौदा करने की चर्चा‎ ग्रामीणों में चर्चा है कि प्रेगनेंसी ‎के दौरान समस्तीपुर में ‎अल्ट्रासाउंड कराकर लिंग की‎ जांच कराई गई थी। लड़का ‎होने की जानकारी के बाद पहले ‎से ही सौदा तय कर लिया गया‎ था। यह भी चर्चा है कि करीब ‎दो से ढाई लाख रुपए में किसी‎ मुस्लिम परिवार के हाथों में ‎बच्चा को बेचा गया था। ‎खरीदने वाला व्यक्ति थाना क्षेत्र‎ का ही बताया जा रहा है। भास्कर के रिपोर्टर जब महिला ‎के मायके पहुंचे तो नवजात‎ बच्चे को मौसी की गोद में देखा ‎गया। रिपोर्टर को देखते ही‎ परिवार के लोग घबरा गए और ‎बच्चा को अपने किसी रिश्तेदार ‎के यहां रखने की बात कहते हुए ‎मामले को दबाने की बात कहने ‎लगे। हालांकि इस मामले में ‎कहीं भी कोई शिकायत नहीं की‎गई है। वहीं, महिला को एक 6‎ साल का पुत्र है, जो साथ में रहता‎ है। यह दूसरा बच्चा है जिसका‎ सौदा किया गया था।‎ डिलीवरी के बाद बच्चे को लेकर चली गई इस संबंध में सीएचसी प्रभारी डॉ. धीरज कुमार ने कहा कि बच्चे का जन्म यहां हुआ था, दोनों स्वस्थ थे।‎ बाद में मां बच्चे को लेकर चली गई। आगे क्या ‎हुआ, इसकी कोई जानकारी मुझे नहीं है।‎ समस्तीपुर के विभूतिपुर थाना क्षेत्र के एक गांव में मां की ‎ममता को शर्मसार करने वाला एक मामला‎ सामने आया है। आरोप है कि एक महिला ने‎ अपनी मां (बच्चे की नानी) के साथ मिलकर‎ अपने ही नवजात पुत्र को जन्म के तुरंत बाद‎ बेच दिया। ससुराल वालों को बच्चे की मौत ‎होने की झूठी सूचना दे दी। मायके और ससुराल पक्ष के लोगों ने परंपरा के अनुसार बाल ‎भी मुंडवा लिया। बाद में मामला खुलने पर‎ समाज के दबाव में करीब 10 दिन बा द‎नवजात को वापस लाया गया।‎ जानकारी के अनुसार 28 फरवरी 2026 की‎ रात प्रसव पीड़ा होने पर महिला विभूतिपुर सीएचसी में भर्ती हुई। यहां 1 मार्च‎को उसने पुत्र को जन्म दिया। जच्चा-बच्चा‎ दोनों स्वस्थ थे। प्रसव के बाद महिला ने‎ ससुराल नहीं जाकर मायके जाने की जिद की।‎ आशा ने एंबुलेंस से जाने की सलाह दी,‎ लेकिन महिला टोटो से जाने की बात कह कर ‎निकल गई। आरोप है कि सीएचसी से निकलने‎ के बाद रास्ते में ही नवजात को बेच दिया गया।‎ नानी ने कहा- जहां से आया था, वहीं चला गया‎ शाम में परिजनों को फोन कर ‎बच्चे की मौत की सूचना दे दी ‎गई। सूचना मिलते ही घर में ‎मातम छा गया। 2 मार्च को ‎होलिका दहन के दिन ससुराल के ‎करीब डेढ़-दो दर्जन लोगों ने बाल‎ मुंडवा कर शोक प्रकट किया। ‎बच्चे की दादी ने बताया कि जब‎ वे रो रही थीं तो बच्चे की नानी ने‎कहा कि ज्यादा चिंता करने से‎ क्या होगा, जहां से आया था वहीं‎ चला गया। कुछ दिनों बाद गांव‎में चर्चा फैलने लगी कि बच्चा मरा ‎नहीं बल्कि बेचा गया है।‎ बच्चे को दफनाने का प्रमाण दिखाने‎ को कहा 4 मार्च को होली के दिन ससुराल और समाज के ‎लोग महिला के मायके पहुंचे। बच्चे को ‎दफनाने का स्थान या कोई प्रमाण दिखाने को‎ कहा। लोगों के दबाव के बाद महिला ने बच्चा ‎वापस लाने की बात कही। इसके बाद 10-11‎मार्च को नवजात को वापस लाकर मां के पास दे ‎दिया गया। भास्कर के रिपोर्टर को बच्चे के दादी, ‎पिता, चाचा और अन्य परिजनों ने पूरे मामले की‎जानकारी दी। बच्चे के पिता ने बताया कि वह‎ परदेस में मजदूरी करता है और उसे घटना की‎ जानकारी बाद में मिली। उसकी दो शादी हुई है। ‎पहली पत्नी के देहांत होने के बाद उसने दूसरी‎ शादी की। पहली पत्नी से भी एक पुत्र है, जो दादी‎ के साथ रहता है।‎ ढाई लाख में मुस्लिम परिवार के हाथ सौदा करने की चर्चा‎ ग्रामीणों में चर्चा है कि प्रेगनेंसी ‎के दौरान समस्तीपुर में ‎अल्ट्रासाउंड कराकर लिंग की‎ जांच कराई गई थी। लड़का ‎होने की जानकारी के बाद पहले ‎से ही सौदा तय कर लिया गया‎ था। यह भी चर्चा है कि करीब ‎दो से ढाई लाख रुपए में किसी‎ मुस्लिम परिवार के हाथों में ‎बच्चा को बेचा गया था। ‎खरीदने वाला व्यक्ति थाना क्षेत्र‎ का ही बताया जा रहा है। भास्कर के रिपोर्टर जब महिला ‎के मायके पहुंचे तो नवजात‎ बच्चे को मौसी की गोद में देखा ‎गया। रिपोर्टर को देखते ही‎ परिवार के लोग घबरा गए और ‎बच्चा को अपने किसी रिश्तेदार ‎के यहां रखने की बात कहते हुए ‎मामले को दबाने की बात कहने ‎लगे। हालांकि इस मामले में ‎कहीं भी कोई शिकायत नहीं की‎गई है। वहीं, महिला को एक 6‎ साल का पुत्र है, जो साथ में रहता‎ है। यह दूसरा बच्चा है जिसका‎ सौदा किया गया था।‎ डिलीवरी के बाद बच्चे को लेकर चली गई इस संबंध में सीएचसी प्रभारी डॉ. धीरज कुमार ने कहा कि बच्चे का जन्म यहां हुआ था, दोनों स्वस्थ थे।‎ बाद में मां बच्चे को लेकर चली गई। आगे क्या ‎हुआ, इसकी कोई जानकारी मुझे नहीं है।‎  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *