सहरसा शहर के कुंवर टोला (वार्ड नंबर 18) में बुधवार रात एक घर में भीषण आग लग गई। इस घटना में गृहस्वामी ज्ञानेंद्र चंद्र की पत्नी निवेदिता देवी सामान बचाने के दौरान झुलस गईं। आग से 65 हजार रुपये नकद सहित लाखों का सामान जलकर राख हो गया। घटना के समय गृहस्वामी ज्ञानेंद्र चंद्र बाजार गए हुए थे और बच्चे घर पर अकेले थे। घर से धुआं और आग की लपटें उठती देख बच्चों ने तुरंत फोन कर अपने पिता को सूचना दी। ज्ञानेंद्र चंद्र जब तक घर पहुंचे, आग विकराल रूप ले चुकी थी। दमकल की दो गाड़ियां ने आग पर पाया काबू आग लगने के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। पड़ोसियों और स्थानीय लोगों ने अपने स्तर पर आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। सूचना मिलने पर दमकल की दो गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। पीड़ित परिवार के अनुसार, आग में 65 हजार रुपए नकद, फ्रिज, बक्से, कपड़े, कीमती फर्नीचर और बच्चों की पढ़ाई से संबंधित सभी महत्वपूर्ण दस्तावेज जलकर राख हो गए। सामान बचाने के प्रयास में निवेदिता देवी का हाथ झुलस गया, उन्हें मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। शॉर्ट सर्किट से हुआ हादसा आग लगने का कारण अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। हालांकि, कुछ स्थानीय लोगों ने बिजली के शॉर्ट सर्किट को आग की वजह बताया है। पुलिस और प्रशासन की टीम मामले की जांच कर रही है। गृहस्वामी ज्ञानेंद्र चंद्र घटना के बाद से सदमे में हैं। अग्निशमन पदाधिकारी श्याम सुंदर ने बताया कि मौके पर फायर ब्रिगेड की दो गाड़ी पहुंचकर आग को बुझा दिया। सहरसा शहर के कुंवर टोला (वार्ड नंबर 18) में बुधवार रात एक घर में भीषण आग लग गई। इस घटना में गृहस्वामी ज्ञानेंद्र चंद्र की पत्नी निवेदिता देवी सामान बचाने के दौरान झुलस गईं। आग से 65 हजार रुपये नकद सहित लाखों का सामान जलकर राख हो गया। घटना के समय गृहस्वामी ज्ञानेंद्र चंद्र बाजार गए हुए थे और बच्चे घर पर अकेले थे। घर से धुआं और आग की लपटें उठती देख बच्चों ने तुरंत फोन कर अपने पिता को सूचना दी। ज्ञानेंद्र चंद्र जब तक घर पहुंचे, आग विकराल रूप ले चुकी थी। दमकल की दो गाड़ियां ने आग पर पाया काबू आग लगने के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। पड़ोसियों और स्थानीय लोगों ने अपने स्तर पर आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। सूचना मिलने पर दमकल की दो गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। पीड़ित परिवार के अनुसार, आग में 65 हजार रुपए नकद, फ्रिज, बक्से, कपड़े, कीमती फर्नीचर और बच्चों की पढ़ाई से संबंधित सभी महत्वपूर्ण दस्तावेज जलकर राख हो गए। सामान बचाने के प्रयास में निवेदिता देवी का हाथ झुलस गया, उन्हें मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। शॉर्ट सर्किट से हुआ हादसा आग लगने का कारण अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। हालांकि, कुछ स्थानीय लोगों ने बिजली के शॉर्ट सर्किट को आग की वजह बताया है। पुलिस और प्रशासन की टीम मामले की जांच कर रही है। गृहस्वामी ज्ञानेंद्र चंद्र घटना के बाद से सदमे में हैं। अग्निशमन पदाधिकारी श्याम सुंदर ने बताया कि मौके पर फायर ब्रिगेड की दो गाड़ी पहुंचकर आग को बुझा दिया।


