सहरसा के बनमा ईटहरी थाना क्षेत्र में 5 धुर जमीन विवाद को लेकर एक युवक को गोली मार दी गई। जिससे युवक घायल हो गया। घायल की पहचान सरबेला वार्ड 13 निवासी 35 वर्षीय टुनटुन पंडित के रूप में हुई है। घटना के बाद उसे शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां ऑपरेशन के बाद गोली निकाल दी गई है, लेकिन उसकी हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपियों की तलाश में जुटी है। टुनटुन पंडित के पिता अमर पंडित ने बताया कि सोमवार रात करीब 8 बजे टुनटुन अपने घर से खाना खाकर सड़क किनारे स्थित अपनी झोपड़ी में सोने गया था। रात करीब 11:30 बजे टुनटुन ने फोन कर परिजनों को सूचना दी कि गांव के ही सनोज सादा और मनोज सादा उसे जबरदस्ती अगवा कर ले जा रहे थे। विरोध करने पर उन्होंने टुनटुन के पेट में गोली मार दी। मौके पर टुनटुन खून से लथपथ पड़ा था
सूचना मिलने पर परिजन मौके पर पहुंचे तो टुनटुन खून से लथपथ पड़ा था। परिजन उसे तुरंत इलाज के लिए सिमरी बख्तियारपुर अनुमंडल अस्पताल ले गए। वहां से उसे सदर अस्पताल रेफर किया गया, और सदर अस्पताल में गंभीर स्थिति को देखते हुए हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। ऑपरेशन कर पेट से गोली निकाली गई
रात करीब 3 बजे टुनटुन को शहर के सूर्या क्लिनिक नामक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। मंगलवार सुबह करीब 9 बजे डॉक्टरों ने सफल ऑपरेशन कर उसके पेट से गोली निकाल दी। हालांकि, उसकी हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है। डॉक्टर बोले- गोली हड्डी में जा फंसी थी
सूर्या अस्पताल के डॉ विजय शंकर ने कहा कि आज अहले सुबह 3 बजे गनशॉट लगी एक मरीज पहुंचा है। जिसको पेट के दाहिने तरफ निचले हिस्से मे गोली लगी थी, कंडीशन काफी क्रिटिकल थी। ब्लड चढ़ाने के बाद उसका ऑपरेशन आज सुबह किया गया। आंत को दो जगह को डैमेज किया है। गोली हड्डी में जा फंसी थी। बुलेट को निकाल लिया गया है। फिलहाल जख्मी इलाजरत है लेकिन उसकी स्थिति नाजुक है। पत्नी स्वास्थ्य केंद्र में आशा कार्यकर्ता
अमर पंडित के अनुसार, उनके घर से करीब आधा किलोमीटर दूर सड़क किनारे चार कट्ठा जमीन का एक प्लॉट है। इस जमीन पर खेती-बाड़ी के साथ मवेशी भी रखे जाते हैं, और वहीं एक झोपड़ी में टुनटुन रात में सोया करता था। टुनटुन पंडित गांव में ईंट भट्ठे पर मजदूरी करता है, जबकि उसकी पत्नी बनमा ईटहरी स्वास्थ्य केंद्र में आशा कार्यकर्ता के रूप में कार्यरत है। सहरसा के बनमा ईटहरी थाना क्षेत्र में 5 धुर जमीन विवाद को लेकर एक युवक को गोली मार दी गई। जिससे युवक घायल हो गया। घायल की पहचान सरबेला वार्ड 13 निवासी 35 वर्षीय टुनटुन पंडित के रूप में हुई है। घटना के बाद उसे शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां ऑपरेशन के बाद गोली निकाल दी गई है, लेकिन उसकी हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपियों की तलाश में जुटी है। टुनटुन पंडित के पिता अमर पंडित ने बताया कि सोमवार रात करीब 8 बजे टुनटुन अपने घर से खाना खाकर सड़क किनारे स्थित अपनी झोपड़ी में सोने गया था। रात करीब 11:30 बजे टुनटुन ने फोन कर परिजनों को सूचना दी कि गांव के ही सनोज सादा और मनोज सादा उसे जबरदस्ती अगवा कर ले जा रहे थे। विरोध करने पर उन्होंने टुनटुन के पेट में गोली मार दी। मौके पर टुनटुन खून से लथपथ पड़ा था
सूचना मिलने पर परिजन मौके पर पहुंचे तो टुनटुन खून से लथपथ पड़ा था। परिजन उसे तुरंत इलाज के लिए सिमरी बख्तियारपुर अनुमंडल अस्पताल ले गए। वहां से उसे सदर अस्पताल रेफर किया गया, और सदर अस्पताल में गंभीर स्थिति को देखते हुए हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। ऑपरेशन कर पेट से गोली निकाली गई
रात करीब 3 बजे टुनटुन को शहर के सूर्या क्लिनिक नामक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। मंगलवार सुबह करीब 9 बजे डॉक्टरों ने सफल ऑपरेशन कर उसके पेट से गोली निकाल दी। हालांकि, उसकी हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है। डॉक्टर बोले- गोली हड्डी में जा फंसी थी
सूर्या अस्पताल के डॉ विजय शंकर ने कहा कि आज अहले सुबह 3 बजे गनशॉट लगी एक मरीज पहुंचा है। जिसको पेट के दाहिने तरफ निचले हिस्से मे गोली लगी थी, कंडीशन काफी क्रिटिकल थी। ब्लड चढ़ाने के बाद उसका ऑपरेशन आज सुबह किया गया। आंत को दो जगह को डैमेज किया है। गोली हड्डी में जा फंसी थी। बुलेट को निकाल लिया गया है। फिलहाल जख्मी इलाजरत है लेकिन उसकी स्थिति नाजुक है। पत्नी स्वास्थ्य केंद्र में आशा कार्यकर्ता
अमर पंडित के अनुसार, उनके घर से करीब आधा किलोमीटर दूर सड़क किनारे चार कट्ठा जमीन का एक प्लॉट है। इस जमीन पर खेती-बाड़ी के साथ मवेशी भी रखे जाते हैं, और वहीं एक झोपड़ी में टुनटुन रात में सोया करता था। टुनटुन पंडित गांव में ईंट भट्ठे पर मजदूरी करता है, जबकि उसकी पत्नी बनमा ईटहरी स्वास्थ्य केंद्र में आशा कार्यकर्ता के रूप में कार्यरत है।


