राजनांदगांव में आरपीएफ ने ‘ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते’ के तहत दो बच्चों को उनके परिजनों से मिलाया, वहीं ट्रेनों में अवैध वसूली करने वाले गिरोह पर भी सख्त कार्रवाई की। मंडल सुरक्षा आयुक्त (नागपुर) के मार्गदर्शन और आरपीएफ पोस्ट प्रभारी निरीक्षक तरुणा साहू के नेतृत्व में रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने पिछले 48 घंटों में दोहरी सफलता हासिल की है। पहली घटना
यह घटना 27 मार्च को शालीमार एक्सप्रेस (18030) में हुई, जब दो नाबालिग बालक संदिग्ध अवस्था में अकेले यात्रा करते पाए गए। ड्यूटी पर तैनात टीटीई गोपाल यादव ने इन बच्चों को आरपीएफ के सुपुर्द किया। सूचना मिलते ही आरक्षक एस.एस. भोयर और महिला आरक्षक ललिता ने बच्चों को अपनी सुरक्षा में लिया। पूछताछ में पता चला कि 10 और 12 साल के ये बालक उतई क्षेत्र के रहने वाले हैं। वे ट्यूशन के लिए घर से निकले थे, लेकिन रास्ता भटककर ट्रेन में चढ़ गए थे। निरीक्षक तरुणा साहू ने बच्चों के परिजनों से वीडियो कॉल के जरिए बात कर उन्हें आश्वस्त किया। बाद में नियमानुसार दोनों बच्चों को चाइल्ड लाइन राजनांदगांव के समन्वयक पंकज साहू को सौंपा गया। दूसरी घटना 28 मार्च को रेलवे हेल्पलाइन 139 पर एक शिकायत मिली। इसमें बताया गया कि ट्रेन संख्या 22846 में कुछ लोग किन्नर का रूप धारण कर यात्रियों से जबरन वसूली और अभद्र व्यवहार कर रहे थे। शिकायत पर तत्काल कार्रवाई करते हुए आरपीएफ टीम ने ट्रेन में जांच की। इस दौरान यात्रियों को परेशान करते हुए 07 महिलाओं को पकड़ा गया। अभद्रता, अवैध वसूली बर्दाश्त नहीं : आरपीएफ पकड़ी गई महिलाओं के विरुद्ध रेलवे अधिनियम की धारा 145 और 137 के तहत मामला दर्ज किया गया है। आरपीएफ ने स्पष्ट किया है कि यात्रियों के साथ किसी भी प्रकार की अभद्रता या अवैध वसूली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। रेलवे हेल्पलाइन नंबर 139 पर करे कम्प्लेन आरपीएफ ने यात्रियों से अपील की है कि रेलवे उनकी सुरक्षा के लिए सदैव तत्पर है। यदि यात्रा के दौरान कोई असहाय बच्चा दिखे या कोई जबरन वसूली करे, तो तुरंत रेलवे हेल्पलाइन नंबर 139 पर सूचित करें।


