राजगीर में ट्रक के झटके से पेड़ की टहनी गिरी:फुटपाथ पर सो रहे मासूम की दबकर मौत, लोगों ने प्रशासन पर लापरवाही का लगाया आरोप

राजगीर में ट्रक के झटके से पेड़ की टहनी गिरी:फुटपाथ पर सो रहे मासूम की दबकर मौत, लोगों ने प्रशासन पर लापरवाही का लगाया आरोप

पर्यटन नगरी राजगीर में ट्रक के झटके से पेड़ की टहनी गिर गई। टहनी के नीचे दबने से फुटपाथ पर सो रहे सात साल के बच्चे की मौत हो गई। मृतक की पहचान सोनू मांझी के पुत्र अमरजीत कुमार के तौर पर हुई है। इस घटना के बाद परिजनों में चीख-पुकार मच गई। सभी का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतक के नाना दशरथ मांझी ने बताया कि उनका पूरा परिवार फुटपाथ पर ही झोपड़ी बनाकर रहता है। शुक्रवार की सुबह करीब 4:00 बजे अमरजीत झोपड़ी के बाहर ही गहरी नींद में सोया हुआ था, तभी सड़क से एक तेज रफ्तार ट्रक गुजरा। ट्रक के झटके या उससे टकराने के कारण पेड़ की एक बड़ी टहनी अचानक टूटकर सीधे मासूम के ऊपर जा गिरी। जब तक परिवार के लोग नींद से जागकर बाहर निकले और कुछ समझ पाते, तब तक मासूम टहनी के नीचे पूरी तरह दब चुका था। उसकी सांसें थम चुकी थी। स्थानीय लोगों ने लापरवाही का लगाया आरोप अमरजीत का परिवार बेहद गरीबी में अपना जीवन यापन कर रहा है। दिन में परिवार के सदस्य ब्रह्म कुंड परिसर में भिक्षाटन कर अपना और अपने बच्चों का पेट पालते हैं। हादसे ने गरीब परिवार पर दुखों का पहाड़ तोड़ दिया है। स्थानीय लोगों में प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि सड़क की ओर झुके हुए पेड़ों की टहनियों की समय रहते छंटाई नहीं की गई, जिसके कारण आज एक मासूम को अपनी जान गंवानी पड़ी। अगर संबंधित विभाग की ओर से समय पर सावधानी बरती जाती, तो इस अनहोनी को टाला जा सकता था। आवेदन के आधार पर की जाएगी कार्रवाई थानाध्यक्ष रमन कुमार ने बताया कि पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए बिहार शरीफ सदर अस्पताल भेज दिया है। अज्ञात वाहन के झटके से पेड़ की टहनी गिरी है। पुलिस फिलहाल उस अज्ञात वाहन की पहचान करने में जुटी है। परिजनों से आवेदन मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पर्यटन नगरी राजगीर में ट्रक के झटके से पेड़ की टहनी गिर गई। टहनी के नीचे दबने से फुटपाथ पर सो रहे सात साल के बच्चे की मौत हो गई। मृतक की पहचान सोनू मांझी के पुत्र अमरजीत कुमार के तौर पर हुई है। इस घटना के बाद परिजनों में चीख-पुकार मच गई। सभी का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतक के नाना दशरथ मांझी ने बताया कि उनका पूरा परिवार फुटपाथ पर ही झोपड़ी बनाकर रहता है। शुक्रवार की सुबह करीब 4:00 बजे अमरजीत झोपड़ी के बाहर ही गहरी नींद में सोया हुआ था, तभी सड़क से एक तेज रफ्तार ट्रक गुजरा। ट्रक के झटके या उससे टकराने के कारण पेड़ की एक बड़ी टहनी अचानक टूटकर सीधे मासूम के ऊपर जा गिरी। जब तक परिवार के लोग नींद से जागकर बाहर निकले और कुछ समझ पाते, तब तक मासूम टहनी के नीचे पूरी तरह दब चुका था। उसकी सांसें थम चुकी थी। स्थानीय लोगों ने लापरवाही का लगाया आरोप अमरजीत का परिवार बेहद गरीबी में अपना जीवन यापन कर रहा है। दिन में परिवार के सदस्य ब्रह्म कुंड परिसर में भिक्षाटन कर अपना और अपने बच्चों का पेट पालते हैं। हादसे ने गरीब परिवार पर दुखों का पहाड़ तोड़ दिया है। स्थानीय लोगों में प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि सड़क की ओर झुके हुए पेड़ों की टहनियों की समय रहते छंटाई नहीं की गई, जिसके कारण आज एक मासूम को अपनी जान गंवानी पड़ी। अगर संबंधित विभाग की ओर से समय पर सावधानी बरती जाती, तो इस अनहोनी को टाला जा सकता था। आवेदन के आधार पर की जाएगी कार्रवाई थानाध्यक्ष रमन कुमार ने बताया कि पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए बिहार शरीफ सदर अस्पताल भेज दिया है। अज्ञात वाहन के झटके से पेड़ की टहनी गिरी है। पुलिस फिलहाल उस अज्ञात वाहन की पहचान करने में जुटी है। परिजनों से आवेदन मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।  

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