राजधानी में सड़क हादसों की संख्या में कमी आए। वाहन चालक सुरक्षित घर पहुंचे, इसलिए कमिश्नरेट के अधिकारी शराब पीकर गाड़ी चलाने वाले वाहन चालकों पर लगातार कार्रवाई कर रहे है। इसी अभियान के तहत शनिवार को लेट नाइट चेकिंग अभियान चलाकर पुलिसकर्मियों ने 155 वाहन चालकों को नशे की हालत में गाड़ी चलाते पकड़ा है। इन वाहन चालकों की गाड़ी सीज की गई है। वाहन चालक कोर्ट में जुर्माना जमा करके पुलिसकर्मियों से अपनी गाड़ी वापस लेंगे। पुलिस अधिकारियों के अनुसार जो वाहन चालक शराब के नशे में मिले है, उनके लाइसेंस को सस्पेंड करने के लिए परिवहन अधिकारियों को पत्र लिखा जाएगा। पुलिस उपायुक्त के नेतृत्व में कार्रवाई यातायात एवं प्रोटोकॉल उपायुक्त विकास कुमार के नेतृत्व में यह अभियान शहर के 9 अलग-अलग स्थानों पर चलाया गया। रात 11 बजे से 1 बजे के बीच लगाए गए चेकिंग पॉइंट्स पर पुलिसकर्मियों ने ब्रीथ एनालाइजर की मदद से चालकों की जांच की। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग शराब के नशे में वाहन चलाते पकड़े गए। अब तक 2133 से ज्यादा वाहन चालकों को नशे में पकड़ा पुलिस ने पुलिस के मुताबिक, वर्ष 2026 में अब तक मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 185 (शराब पीकर वाहन चलाना) के तहत 2133 से ज्यादा मामले दर्ज किए जा चुके हैं। यह आंकड़ा रायपुर जिले के इतिहास में किसी भी पूरे साल की कार्रवाई से अधिक बताया जा रहा है, जिससे यह साफ है कि पुलिस इस मामले में जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के अभियान का उद्देश्य केवल जुर्माना वसूलना नहीं है, बल्कि सड़क हादसों को रोकना और लोगों की जान बचाना है। शराब के नशे में वाहन चलाना न केवल चालक के लिए बल्कि अन्य लोगों के लिए भी खतरनाक साबित होता है। शराब पीकर वाहन ना चलाए: पुलिस पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे शराब पीकर वाहन चलाने से बचें। यदि किसी ने शराब का सेवन किया है, तो वह कैब, ऑटो या किसी अन्य सुरक्षित साधन का उपयोग करें। इसके अलावा, दोस्तों या परिवार के किसी जिम्मेदार व्यक्ति की मदद लेकर ही घर पहुंचें। यातायात पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस तरह के अचानक चलाए जाने वाले अभियान आगे भी नियमित रूप से जारी रहेंगे। नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि शहर में सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाया जा सके।


