यूजीसी के नए एक्ट का कानपुर में लगातार दूसरे दिन विरोध जारी है। कल्याणपुर ब्लाक के नारामऊ कछार में सवर्ण समाज के लोगों ने सिर मुड़वाकर अनोखा प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना था कि जनप्रतिनिधियों की अंतरात्मा मरने के शोक में नौवार किया गया है। इसके अलावा सीएसए विश्वविद्यालय में छात्रों ने पैदल मार्च निकला और यूजीसी का पुतला फूंका। तेरहवीं भी मनाएंगे सिर मुड़वाने वाले भरत शुक्ला ने बताया कि यूजीसी का जो काला कानून आया है। हमारे सवर्ण प्रतिनिधि सांसद, विधायक व अधिकारी आने वाली पीढ़ियों के विषय में नहीं सोच रहे हैं। सिर्फ अपना निजी लाभ देखते हुए कुछ बोल नहीं पा रहे हैं। हमें लगता है कि उनकी अंतरात्मा मर चुकी है। इसलिए अंतरात्मा मरने के शोक में सिर के बाल मुड़वाकर नौवार मना रहे हैं। वापस नहीं हुआ तो तेरहवीं भी मनाएंगे। सीएसए से निकली मार्च, पुतला फूंका चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रोद्योगिकी विश्वविद्यालय (सीएसए) के कर्पूरी ठाकुर छात्रावास में छात्र एकत्र हुए और नारेबाजी शुरु कर दी। इसके बाद छात्रों ने यूजीसी का पुतला लेकर यूनिवर्सिटी कैंपस से पैदल मार्च निकाला। पैदल मार्च के दौरान छात्रों ने यूजीसी के विरोध में जमकर नारेबाजी की। कैंपस से पैदल मार्च करते हुए छात्र कंपनी बाग चौराहे पहुंचे और यूजीसी के पुतले में आग लगाई। यूजीसी रोल बैक के लगे नारे छात्र नेता अभिजीत राय के नेतृत्व में पैदल मार्च करते हुए छात्रों के हाथों में काले रंग के झंडे थे। उन्होंने यूजीसी रोल बैक, भारत माता की जय, इंकलाब जिंदाबाद और छात्र एकता जिंदाबाद के नारे लगाए। इस दौरान सैकड़ों की संख्या में छात्र व छात्राएं मौजूद रहे। छात्रों की संख्या को ध्यान में देखते हुए पुलिस बल मौजूद रहा। पैदल मार्च कर रहे छात्रों के आगे पुलिस बल चल रहा था। गेट बंद हुआ तो हुई नोंकझोक छात्रावास से होते हुए कैंपस में नारेबाजी व पैदल मार्च करते हुए छात्र जब सीएसए के कंपनी बाग चौराहे वाले गेट पर पहुंचे तो उसको बंद कर दिया गया। गेट बंद होने का छात्रों ने विरोध जताया। हालांकि, छात्रों के विरोध व मामूली नोंकझोक के बीच गेट खुला और छात्र चौराहे पर पहुंच गए। जहां पर सीएसए गेट पर उन्होंने यूजीसी का पुतला फूंका। छात्रों के बीच भेदभाव पैदा कर रहा छात्र नेता आर्यन ठाकुर ने कहा कि आज हम लोगों ने यूजीसी का पुतला जलाया है। यूजीसी का नया कानून छात्रों के बीच में भेदभाव पैदा कर रहा है। हम सरकार से गुजारिश करते हैं कि ऐसे कानून को वापस लिया जाए। अनस साहू ने बताया कि हम लोग यूजीसी के काले नियम का विरोध करते हैं। यूजीसी का काला नियम छात्रों को जाति भेदभाव में बांटने का काम करेगा। इस नियम को खत्म किया जाना चाहिए।


