प्रतापगढ़ के जेठवारा थाना क्षेत्र में एक व्यक्ति को कथित तौर पर 10 साल तक बंधक बनाकर मजदूरी कराई गई। आरोप है कि इस दौरान उसका धर्म परिवर्तन भी कराया गया। रविवार को वह आरोपियों के चंगुल से भाग निकला और लोगों को अपनी आपबीती सुनाई, जिसके बाद पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया। जानकारी के अनुसार, कुटुलिया सांड़देई गांव के ननकऊ सोंटा और उसके बेटे बदरूदजमा पर यह आरोप लगा है। बताया जाता है कि करीब एक दशक पहले वे मध्य प्रदेश के सागर जिले के पथरिया हाट से संतोष शुक्ला नामक व्यक्ति को अपने घर ले आए थे। यहां उसे नौकर बनाकर मजदूरी कराई जाने लगी। संतोष ने पुलिस को बताया कि चार-पांच साल पहले उसका धर्म परिवर्तन करा दिया गया। उसे इस्लाम कबूल करवाया गया और उसका नया नाम शेरखान रखा गया। उसके पिता का नाम उमर खान बताया गया, जिसके बारे में उसे कोई जानकारी नहीं है। इस नई पहचान के साथ उसका फर्जी आधार कार्ड भी बनवा दिया गया। संतोष ने बताया कि दाउद नगर मस्जिद में उससे कलमा पढ़वाया गया था और मौलाना ने उसे टोपी व इस्लामी किताब दी थी। उसने कई बार भागने का प्रयास किया, लेकिन हर बार उसे पकड़ लिया गया और प्रताड़ित किया गया। 4-5 दिन पहले भी वह घर से भागा था, लेकिन थोड़ी दूर पर ही उसे पकड़कर वापस लाया गया और मारपीट की गई। आरोपियों ने उसे धमकी दी थी कि अगर वह घर छोड़कर कहीं गया तो उसे जान से मार देंगे। रविवार सुबह संतोष फिर घर से भाग निकला और सड़क पर पहुंचकर आसपास के लोगों को अपनी आपबीती सुनाई। इसके बाद मामला पुलिस के संज्ञान में आया। पुलिस संतोष को चौकी ले गई और उससे पूछताछ की, जिसमें कई चौंकाने वाले खुलासे हुए। सूत्रों के अनुसार, पुलिस के सामने भी आरोपी संतोष शुक्ला के शेरखान होने का दावा करते रहे। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है। अपर पुलिस अधीक्षक बृजनन्दन राय ने बताया कि पीड़ित के तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है एक आरोपी को हिरासत। लिया गया मामले की पूछताछ जारी है


