पानीपत में महिला पार्षद समेत 13 पर FIR:एक्टिवा मांगने पर शुरू हुआ विवाद खूनी संघर्ष में बदला, कोर्ट के आदेश पर हुआ मुकदमा

हरियाणा के पानीपत शहर के तहसील कैंप क्षेत्र में एक मामूली विवाद ने उस समय बड़ा रूप ले लिया जब एक महिला और उसके साथियों ने मिलकर एक युवक पर जानलेवा हमला कर दिया। इस मामले में सबसे चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब पीड़ित ने पुलिस पर राजनीतिक दबाव में कार्रवाई न करने का आरोप लगाया। अंततः, अदालत के हस्तक्षेप के बाद अब महिला नगर पार्षद सहित 13 नामजद आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। विवाद की शुरुआत: एक दोपहिया वाहन बना कारण घटना की शुरुआत 15 सितंबर 2025 को हुई। देवी मूर्ति कॉलोनी निवासी हिमांशु डावर ने अपनी बहन के लिए आरोपी विजय से उसकी एक्टिवा उधार मांगी थी। हिमांशु की बहन को बाजार में कुछ व्यक्तिगत काम के कारण देर हो गई, जिससे एक्टिवा मालिक की पत्नी अनवी नाराज हो गई। आरोप है कि अनवी एक अन्य व्यक्ति के साथ हिमांशु के घर पहुंची और उसकी मां के साथ बदतमीजी करते हुए अभद्र भाषा का प्रयोग किया। जब हिमांशु घर लौटा और उसने इस व्यवहार का विरोध किया, तो विवाद और बढ़ गया। साजिश के तहत हमला और लूटपाट शिकायत के अनुसार, उसी रात करीब 8:45 बजे हिमांशु के दोस्त मन्नी मानुष को आरोपी शंकी का फोन आया। शंकी ने समझौते के बहाने हिमांशु को मेला राम पार्क स्थित हनुमान सभा में बुलाया। जब हिमांशु अपने दोस्त के साथ वहां पहुंचा, तो वहां पहले से ही 12-15 लोग हथियारों के साथ तैयार बैठे थे। आरोप है कि अनवी, विजय, शंकी, बॉबी चोपड़ा, तुषार और अन्य आरोपियों ने हिमांशु पर लोहे की रॉड, डंडों, ईंटों और ‘आइस पिक’ (बर्फ तोड़ने वाला सुआ) जैसे नुकीले हथियारों से हमला कर दिया।हमले में हिमांशु को बुरी तरह पीटा गया और उसकी कार (HR-10-AB-0208) को भी क्षतिग्रस्त कर दिया गया। इतना ही नहीं, हमलावरों ने हिमांशु का मोबाइल फोन और पर्स भी छीन लिया, जिसमें जरूरी दस्तावेज और कंपनी का चेक था। पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल पीड़ित हिमांशु ने आरोप लगाया कि जब उसके पिता उसे घायल अवस्था में सिविल अस्पताल ले गए, तो वहां भी कुछ आरोपी मौजूद थे। अगले दिन जब वह तहसील कैंप थाने पहुंचा, तो पुलिस ने उसकी शिकायत दर्ज करने के बजाय उसे ही प्रताड़ित किया। हिमांशु का दावा है कि पुलिस अधिकारियों ने उसे खून से सने कपड़े नाले में फेंकने के लिए कहा और मेडिकल रिपोर्ट को नजरअंदाज कर दिया। पीड़ित ने आरोप लगाया कि स्थानीय नगर निगम पार्षद अंजलि शर्मा के राजनीतिक दबाव और आरोपियों द्वारा दी गई कथित रिश्वत के कारण पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। यहां तक कि सीसीटीवी फुटेज जुटाने और कार को कब्जे में लेने के अनुरोध को भी पुलिस ने ठुकरा दिया। कोर्ट का रुख और FIR दर्ज पुलिस प्रशासन से न्याय न मिलने पर हिमांशु ने अदालत का दरवाजा खटखटाया। मामले की गंभीरता को देखते हुए JMIC कोर्ट, पानीपत ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 175(3) के तहत आदेश जारी कर पुलिस को तुरंत प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया। इन लोगों पर दर्ज हुआ केस पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर अनवी, विजय, शंकी, बॉबी चोपड़ा, तुषार, दीपा दारूवाला, गौतम धमीजा, राहुल, सुरेंद्र गग्गू, अशोक सोनी, साहिल चुघ, सौरभ चोपड़ा और नगर निगम पार्षद अंजलि शर्मा के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। सभी पर 109,351,115,118,130,303 व 61 BNS के तहत केस दर्ज किया गया है।

​ 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *