नालंदा में रविवार को बीच सड़क पर अपराधियों ने हथियार लहराते हुए जमकर फायरिंग की। इसका वीडियो भी सामने आया है। जिसने वीवीआईपी मूवमेंट से पहले सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। घटना सिलाव थाना क्षेत्र के मस्जिद रोड की है। वीडियो में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि दो युवक हाथ में हथियार लिए सड़क के बीचों-बीच खड़े हैं। ये बदमाश न केवल बेखौफ होकर हवाई फायरिंग कर रहे हैं, बल्कि किसी व्यक्ति को लक्ष्य कर गंदी-गंदी गालियां भी दे रहे हैं। शाम के वक्त हुई गोलीबारी से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सड़क पर चल रहे राहगीर अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर दुकानों और घरों में छिपते नजर आए। अपराधियों के हौसले इतने बुलंद थे कि उन्हें न तो कानून का भय था और न ही आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की परवाह। गिरफ्तारी के लिए की जा रही छापेमारी सिलाव थानाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि वायरल वीडियो के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए अब तक तीन उपद्रवियों की पहचान कर ली गई है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि इस विवाद की मुख्य वजह क्या थी और अपराधी किस पर हमला करने के इरादे से वहां पहुंचे थे। पुलिस के दावों पर सवाल राष्ट्रपति के दौरे को लेकर पूरा जिला हाई अलर्ट पर है और चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। ऐसे संवेदनशील समय में सिलाव जैसे व्यस्त इलाके में हुई इस फायरिंग ने स्थानीय लोगों के बीच दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। लोग अब पुलिस के उन दावों पर सवाल उठा रहे हैं जिनमें अपराध नियंत्रण और चाक-चौबंद सुरक्षा की बात कही जा रही थी। फिलहाल पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी है और दावा कर रही है कि जल्द ही सभी आरोपी सलाखों के पीछे होंगे। नालंदा में रविवार को बीच सड़क पर अपराधियों ने हथियार लहराते हुए जमकर फायरिंग की। इसका वीडियो भी सामने आया है। जिसने वीवीआईपी मूवमेंट से पहले सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। घटना सिलाव थाना क्षेत्र के मस्जिद रोड की है। वीडियो में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि दो युवक हाथ में हथियार लिए सड़क के बीचों-बीच खड़े हैं। ये बदमाश न केवल बेखौफ होकर हवाई फायरिंग कर रहे हैं, बल्कि किसी व्यक्ति को लक्ष्य कर गंदी-गंदी गालियां भी दे रहे हैं। शाम के वक्त हुई गोलीबारी से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सड़क पर चल रहे राहगीर अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर दुकानों और घरों में छिपते नजर आए। अपराधियों के हौसले इतने बुलंद थे कि उन्हें न तो कानून का भय था और न ही आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की परवाह। गिरफ्तारी के लिए की जा रही छापेमारी सिलाव थानाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि वायरल वीडियो के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए अब तक तीन उपद्रवियों की पहचान कर ली गई है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि इस विवाद की मुख्य वजह क्या थी और अपराधी किस पर हमला करने के इरादे से वहां पहुंचे थे। पुलिस के दावों पर सवाल राष्ट्रपति के दौरे को लेकर पूरा जिला हाई अलर्ट पर है और चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। ऐसे संवेदनशील समय में सिलाव जैसे व्यस्त इलाके में हुई इस फायरिंग ने स्थानीय लोगों के बीच दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। लोग अब पुलिस के उन दावों पर सवाल उठा रहे हैं जिनमें अपराध नियंत्रण और चाक-चौबंद सुरक्षा की बात कही जा रही थी। फिलहाल पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी है और दावा कर रही है कि जल्द ही सभी आरोपी सलाखों के पीछे होंगे।


