मुंगेर में एक शिक्षिका के ड्रेस मामले में DEO पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप लगा था। इस मामले में बिहार राज्य महिला आयोग ने स्वतः संज्ञान लिया था। इस पर अपना पक्ष रखने के लिए आज जिला शिक्षा पदाधिकारी महिला आयोग पहुंचे थे। उन्होंने आयोग की अध्यक्ष के सामने इन आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद बताया। डीईओ ने कहा कि जिले में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए लगातार निरीक्षण और कार्रवाई की जा रही है। लेकिन कुछ लोग मनगढ़ंत आरोप लगाकर उन्हें अनावश्यक रूप से परेशान करने की कोशिश कर रहे हैं। शिक्षक संघ पर भ्रामक खबर फैलाने का आरोप बिहार राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष प्रो अप्सरा ने कहा कि, ‘जिला शिक्षा पदाधिकारी कुणाल गौरव खुद महिला आयोग आए थे। उन्होंने इस मामले में अपना पक्ष रखा है। DEO का कहना है कि कि शिक्षक संघ द्वारा यह भ्रामक समाचार फैलाई गई है। जिसने यह भ्रामक समाचार फैलाई है, वह बर्खास्त किए गए पूर्व शिक्षक हैं। वह अपने पोस्ट का गलत उपयोग कर आजकल पैसे उगाही में रहते हैं। उन्होंने शिक्षिका को अपने झांसे में लिया और यह गलत समाचार फैलाई। ड्रेस पर जिला शिक्षा पदाधिकारी ने मांगा था स्पष्टीकरण जिला शिक्षा पदाधिकारी ने 11 मार्च को पत्र जारी कर हवेली खड़गपुर प्रखंड के एक विद्यालय में कार्यरत वरीय शिक्षिका से स्पष्टीकरण मांगा था। पत्र में बताया गया था कि ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर उपस्थिति समीक्षा के दौरान सेल्फी अटेंडेंस में जो ड्रेस है, वह अमर्यादित है। यह शिक्षिका की आचरण के हिसाब से ठीक नहीं है। इस मामले में वह अपना जवाब दें। ड्रेस पर मांगे गए इसी स्पष्टीकरण पर प्रारंभिक विद्यालय शिक्षक संघ के मुख्य संरक्षक अमित विक्रम ने आपत्ति जताई थी। शिक्षिका ने दिया था शोकॉज का जवाब वहीं, शोकॉज का जवाब देते हुए शिक्षिका ने कहा था कि उस समय ठंड का मौसम था। उन्होंने गर्म कपड़े पहने हुए थे। दुपट्टा सूट के साइड में था। उपस्थिति दर्ज करते समय दुपट्टा की तस्वीर स्पष्ट रूप से नहीं आयी होगी। उन्होंने खेद जताते हुए कहा कि वह भविष्य में सावधानी बरतेगी। मुंगेर में एक शिक्षिका के ड्रेस मामले में DEO पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप लगा था। इस मामले में बिहार राज्य महिला आयोग ने स्वतः संज्ञान लिया था। इस पर अपना पक्ष रखने के लिए आज जिला शिक्षा पदाधिकारी महिला आयोग पहुंचे थे। उन्होंने आयोग की अध्यक्ष के सामने इन आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद बताया। डीईओ ने कहा कि जिले में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए लगातार निरीक्षण और कार्रवाई की जा रही है। लेकिन कुछ लोग मनगढ़ंत आरोप लगाकर उन्हें अनावश्यक रूप से परेशान करने की कोशिश कर रहे हैं। शिक्षक संघ पर भ्रामक खबर फैलाने का आरोप बिहार राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष प्रो अप्सरा ने कहा कि, ‘जिला शिक्षा पदाधिकारी कुणाल गौरव खुद महिला आयोग आए थे। उन्होंने इस मामले में अपना पक्ष रखा है। DEO का कहना है कि कि शिक्षक संघ द्वारा यह भ्रामक समाचार फैलाई गई है। जिसने यह भ्रामक समाचार फैलाई है, वह बर्खास्त किए गए पूर्व शिक्षक हैं। वह अपने पोस्ट का गलत उपयोग कर आजकल पैसे उगाही में रहते हैं। उन्होंने शिक्षिका को अपने झांसे में लिया और यह गलत समाचार फैलाई। ड्रेस पर जिला शिक्षा पदाधिकारी ने मांगा था स्पष्टीकरण जिला शिक्षा पदाधिकारी ने 11 मार्च को पत्र जारी कर हवेली खड़गपुर प्रखंड के एक विद्यालय में कार्यरत वरीय शिक्षिका से स्पष्टीकरण मांगा था। पत्र में बताया गया था कि ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर उपस्थिति समीक्षा के दौरान सेल्फी अटेंडेंस में जो ड्रेस है, वह अमर्यादित है। यह शिक्षिका की आचरण के हिसाब से ठीक नहीं है। इस मामले में वह अपना जवाब दें। ड्रेस पर मांगे गए इसी स्पष्टीकरण पर प्रारंभिक विद्यालय शिक्षक संघ के मुख्य संरक्षक अमित विक्रम ने आपत्ति जताई थी। शिक्षिका ने दिया था शोकॉज का जवाब वहीं, शोकॉज का जवाब देते हुए शिक्षिका ने कहा था कि उस समय ठंड का मौसम था। उन्होंने गर्म कपड़े पहने हुए थे। दुपट्टा सूट के साइड में था। उपस्थिति दर्ज करते समय दुपट्टा की तस्वीर स्पष्ट रूप से नहीं आयी होगी। उन्होंने खेद जताते हुए कहा कि वह भविष्य में सावधानी बरतेगी।


