मुंगेर में निगरानी विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रमंडलीय आयुक्त कार्यालय के पेशकार मुकेश कुमार को गिरफ्तार किया है। उन्हें 1 लाख 70 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया। इस कार्रवाई से पूरे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया। पटना निगरानी विभाग की टीम ने यह छापेमारी की। पेशकार मुकेश कुमार को रिश्वत लेते हुए उनके कार्यालय से ही गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के बाद निगरानी टीम आरोपी पेशकार को मुंगेर सर्किट हाउस ले गई, जहां उनसे लगभग एक घंटे तक गहन पूछताछ की गई। इसके बाद उन्हें मेडिकल जांच के लिए सदर अस्पताल ले जाया गया। मेडिकल परीक्षण पूरा होने के बाद आरोपी को मुंगेर न्यायालय में पेश किया जाएगा, जिसके बाद उसे आगे की कार्रवाई के लिए पटना ले जाया जाएगा। अनुमानित कीमत लगभग 5 करोड़ रुपये
निगरानी विभाग के डीएसपी पवन कुमार ने इस पूरे मामले का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि बेगूसराय जिले के पचवीर निवासी नंद किशोर प्रसाद सुमन ने निगरानी थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि उनके गांव के पास स्थित करीब 3 कट्ठा 4 धुर सरकारी जमीन, जो काजी हाउस के नाम से दर्ज है, उसे कुछ लोगों द्वारा फर्जी कागजात के आधार पर अपने नाम कराने की साजिश की जा रही है। इस जमीन की अनुमानित कीमत लगभग 5 करोड़ रुपये है। शिकायत के अनुसार, पचवीर निवासी मोहम्मद जावेद सहित अन्य लोगों ने कथित रूप से फर्जी दस्तावेज तैयार कर जमीन को अपने नाम कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी थी और इस आधार पर बैंक से ऋण भी प्राप्त कर लिया था। 1 लाख 70 हजार रुपये लेकर आरोपी को दे
इस मामले को लेकर शिकायतकर्ता ने अप्रैल 2025 में मुंगेर प्रमंडलीय आयुक्त के न्यायालय में वाद दायर किया था। मामले की सुनवाई के दौरान जब दोनों पक्षों के दस्तावेज पेशकार मुकेश कुमार के पास पहुंचे, तो उन्होंने शिकायतकर्ता से फाइल को आगे बढ़ाने और जांच के लिए भेजने के एवज में 5 लाख रुपये की मांग की। आरोप है कि दबाव में आकर शिकायतकर्ता ने पहले ही 3 लाख रुपये का भुगतान कर दिया था। शेष 2 लाख रुपये देने से पहले उन्होंने निगरानी विभाग से संपर्क कर पूरी जानकारी दी। निगरानी विभाग ने योजना के तहत जाल बिछाया और शिकायतकर्ता को निर्देशित किया कि वह तय रकम में से 1 लाख 70 हजार रुपये लेकर आरोपी को दे। जैसे ही आज कमिश्नर कार्यालय में शिकायतकर्ता ने पेशकार को रकम सौंपी, पहले से मौजूद निगरानी टीम ने उसे तुरंत पकड़ लिया। फिलहाल निगरानी विभाग पूरे मामले की गहन जांच में जुटा है। इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है। मुंगेर में निगरानी विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रमंडलीय आयुक्त कार्यालय के पेशकार मुकेश कुमार को गिरफ्तार किया है। उन्हें 1 लाख 70 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया। इस कार्रवाई से पूरे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया। पटना निगरानी विभाग की टीम ने यह छापेमारी की। पेशकार मुकेश कुमार को रिश्वत लेते हुए उनके कार्यालय से ही गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के बाद निगरानी टीम आरोपी पेशकार को मुंगेर सर्किट हाउस ले गई, जहां उनसे लगभग एक घंटे तक गहन पूछताछ की गई। इसके बाद उन्हें मेडिकल जांच के लिए सदर अस्पताल ले जाया गया। मेडिकल परीक्षण पूरा होने के बाद आरोपी को मुंगेर न्यायालय में पेश किया जाएगा, जिसके बाद उसे आगे की कार्रवाई के लिए पटना ले जाया जाएगा। अनुमानित कीमत लगभग 5 करोड़ रुपये
निगरानी विभाग के डीएसपी पवन कुमार ने इस पूरे मामले का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि बेगूसराय जिले के पचवीर निवासी नंद किशोर प्रसाद सुमन ने निगरानी थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि उनके गांव के पास स्थित करीब 3 कट्ठा 4 धुर सरकारी जमीन, जो काजी हाउस के नाम से दर्ज है, उसे कुछ लोगों द्वारा फर्जी कागजात के आधार पर अपने नाम कराने की साजिश की जा रही है। इस जमीन की अनुमानित कीमत लगभग 5 करोड़ रुपये है। शिकायत के अनुसार, पचवीर निवासी मोहम्मद जावेद सहित अन्य लोगों ने कथित रूप से फर्जी दस्तावेज तैयार कर जमीन को अपने नाम कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी थी और इस आधार पर बैंक से ऋण भी प्राप्त कर लिया था। 1 लाख 70 हजार रुपये लेकर आरोपी को दे
इस मामले को लेकर शिकायतकर्ता ने अप्रैल 2025 में मुंगेर प्रमंडलीय आयुक्त के न्यायालय में वाद दायर किया था। मामले की सुनवाई के दौरान जब दोनों पक्षों के दस्तावेज पेशकार मुकेश कुमार के पास पहुंचे, तो उन्होंने शिकायतकर्ता से फाइल को आगे बढ़ाने और जांच के लिए भेजने के एवज में 5 लाख रुपये की मांग की। आरोप है कि दबाव में आकर शिकायतकर्ता ने पहले ही 3 लाख रुपये का भुगतान कर दिया था। शेष 2 लाख रुपये देने से पहले उन्होंने निगरानी विभाग से संपर्क कर पूरी जानकारी दी। निगरानी विभाग ने योजना के तहत जाल बिछाया और शिकायतकर्ता को निर्देशित किया कि वह तय रकम में से 1 लाख 70 हजार रुपये लेकर आरोपी को दे। जैसे ही आज कमिश्नर कार्यालय में शिकायतकर्ता ने पेशकार को रकम सौंपी, पहले से मौजूद निगरानी टीम ने उसे तुरंत पकड़ लिया। फिलहाल निगरानी विभाग पूरे मामले की गहन जांच में जुटा है। इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है।


