पंजाब के श्री मुक्तसर साहिब में सेतिया पेपर मिल के मालिकों से प्रवर्तन निदेशालय (ED) और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नाम पर करोड़ों रुपए की फिरौती मांगने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। थाना सदर पुलिस ने कार्रवाई का डर दिखाकर ब्लैकमेल करने के आरोप में दो व्यक्तियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। आरोपियों की पहचान मुक्तसर निवासी हरमंदर सिंह और लुधियाना निवासी सत्वंत शर्मा उर्फ पंडित के रूप में हुई है। पुराना कर्मचारी ही निकला साजिशकर्ता पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी हरमंदर सिंह सेतिया पेपर मिल का पूर्व कर्मचारी है। उस पर पहले भी 27 मई 2025 को कंपनी का गोपनीय डाटा चोरी करने और मालिकों को ब्लैकमेल करने का मामला दर्ज किया गया था। वर्तमान में वह उस मामले में जमानत पर बाहर है। आरोप है कि जेल से बाहर आते ही उसने सत्वंत शर्मा के साथ मिलकर फिर से सेतिया परिवार को निशाना बनाना शुरू कर दिया। 50 करोड़ की मांग और फर्जी समन का खेल शिकायतकर्ता अजय सेतिया के अनुसार, आरोपियों ने उन्हें धमकी दी कि उनके खिलाफ ईडी और अन्य केंद्रीय एजेंसियों में गंभीर शिकायतें दर्ज हैं। उन्होंने दावा किया कि यदि वे इस “संकट” से बचना चाहते हैं, तो प्रत्येक विभाग के नाम पर 50-50 करोड़ रुपये देकर मामला “सैटल” कर सकते हैं। अपनी पहुंच का रौब दिखाने के लिए आरोपियों ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और अन्य बड़े नेताओं से सीधे संबंधों का हवाला दिया। फर्जी समन भी भेजा साजिश को सच दिखाने के लिए आरोपियों ने डाक के माध्यम से ईडी के फर्जी समन भी भेजे। हालांकि, जब सेतिया परिवार ने ईडी के नई दिल्ली स्थित मुख्यालय से संपर्क किया, तो पता चला कि विभाग द्वारा ऐसा कोई समन जारी नहीं किया गया है। पुलिसिया कार्रवाई धोखाधड़ी और ब्लैकमेलिंग का पर्दाफाश होने के बाद मिल प्रबंधन ने पुलिस को शिकायत सौंपी। पुलिस की गहन जांच में समन फर्जी पाए जाने और ब्लैकमेलिंग की पुष्टि होने के बाद थाना सदर में दोनों आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस फिलहाल आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है।


