भारत सरकार द्वारा पेश किए गए नौवे बजट पर मेरठ में सभी वर्ग अपनी अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं, कोई इस बजट से परेशान हुआ है तो किसी वर्ग ने बजट को देखकर कुछ राहत महसूस की है। इसी को लेकर सभी उद्योग बंधु जनप्रतिनिधि या सामाजिक संगठन से जुड़े लोग अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं
पढ़िए क्या कुछ बोले शहर वासी इतिहास का सबसे निराशाजनक बजट:- अनुराग चौधरी भाकियू टिकैत के जिला अध्यक्ष अनुराग चौधरी ने कहा कि देश के इतिहास में पहला ऐसा बजट हे जिससे चारों और निराशा है। बजट 2026 में किसानों और युवाओं का जिक्र तक नहीं है, किसान और युवा खाली हाथ रह गए हैं। किसानों को एम.एस.पी की आस थी और युवाओं को नए रोजगार अवसर की आस थी दोनों वर्ग ही खाली रहने के कारण निराश हैं। गरीब किसानों को सरकार लगातार अनदेखा कर रही है। शरीफ अहमद उपाध्यक्ष कैेची कलस्टर मेरठ ने कहा कि बजट मे एमएसएमई को राहत दी गयी है सरकार का ये अच्छा कदम है कपडा और लैदर को राहत से काफी काम मिलेगा और छोटे उघयोग को ई-कॉमर्स मे दी गयी राहत सराहनीय है टैक्स स्लैब के राहत की उम्मेद थी जीआई उत्पादों को बढावा देने के लिये सरकार को बजट देना चाहिये कुल मिलाकर आज का बजट अच्छा है ।
इन्डियन पेंट्स ट्रेड एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव कुमार गुप्ता ने कहा कि इस बजट में उद्योगों के बढ़ावा के लिए विशेष प्रयास किया गया है। खासतौर पर एमएसएमई के लिए ₹ दस हजार करोड का जो फंड अलग से रखा गया है वो सराहनीय है। सजा का प्रावधान समाप्त करते हुए आम व्यक्ति को मुख्य धारा में लाने के लिए किया गया प्रयास भी सराहनीय है। ऐसा ही प्रयास वैट और जीएसटी के विषय में भी लागू हो जाए चैंपियन एमएसएमई तैयार करना एक बड़ा कार्य हो सकता है। इसके अलावा 15 पौराणिक स्थलों को विकसित करना 7 रेल राजमार्ग विकसित करना शहरों में
विकास के लिए अतिरिक्त धन की व्यवस्था करना निश्चित रूप से उद्योगों और व्यापार को बढ़ावा देगा।
लोकदल पार्टी के नेता प्रतीक जैन ने बजट को लेकर कहा है कि यह परिवहन, चिकित्सा, व्यवसाय और कामकाजी महिलाओं के लिए योजनाएं लाई गई हैं। यह बजट ट्रेनिंग, स्किल डेवलपमेंट, किसान, बुनकर, टेराकोटा कलाकारों के लिए बहुत लाभदायक साबित होगा। यह बजट आत्मनिर्भर समृद्ध और सशक्त भारत की मजबूत नींव रखता है। समाज के सभी वर्गों में उत्थान के लिए समुचित प्रावधान किए गए हैं।
बजट की दिशा सकारात्मक है। MSME के लिए क्रेडिट सपोर्ट और इंफ्रास्ट्रक्चर पर ज़ोर अच्छी बात है, और इंडस्ट्रियल एस्टेट्स के विकास की पहल भी स्वागतयोग्य है। लेकिन छोटे उद्योगों को जो असली राहत चाहिए थी, वह अभी भी नहीं मिली। GST में इनपुट टैक्स क्रेडिट आसानी से नहीं मिल रहा, रिफंड में देरी है, और GST दरों में भी कोई खास कमी नहीं की गई। ऊपर से महंगी वर्किंग कैपिटल, बिजली और लॉजिस्टिक्स लागत का बोझ MSME पर बना हुआ है। MSME को मजबूत बनाने के लिए और ठोस कदमों की जरूरत है।” वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए बजट 2026 पर अपनी राय रखते हुए सीए अनुपम शर्मा ने इसे ‘खट्टा-मीठा’ बजट करार दिया है। उन्होंने कहा कि जहाँ एक तरफ प्रक्रियाओं को सरल बनाने की कोशिश की गई है, वहीं दूसरी ओर कुछ प्रावधानों ने करदाताओं और निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।
टिकरी गांव के युवा किसान मोनू ने बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सरकार ने देश के बजट में किसानों को निराश किया है। बेहद निराशजनक बजट हे किसान खाली हाथ कर्जे में दबा हे । किसानों को सरकार से विशेष सहायता की उम्मीद थी किसानों को विशेष पैकेज प्रधानमंत्री किसान योजना दोगुने होने की उम्मीद सरकार ने किसानों के साथ धोखा किया हे। ये धोखा हे किसानों के साथ किसान दुखी है।
वीरपाल सुरानी युवा किसान ने कहा कि सरकार ने बजट में युवा किसानों को कोई राहत या सहायता नहीं दी हे युवा किसान निराश है । सरकार को युवा किसान को प्रोत्साहन देना चाहिए। सरकार ने किसानों के साथ धोखा किया हे कोई भी राहत किसानों को नहीं दी गई एम एस पी का कोई जिक्र नहीं किया किसान निराश हैं।


