मेरठ के साउथ मेट्रो स्टेशन के नीचे कुछ ऑटो चालकों ने रोडवेज की इलेक्ट्रिक बस के परिचालक को बस से नीचे उतारकर मारपीट की और उससे दो हजार रुपये की नगदी छीन ली। घटना के विरोध में आक्रोशित रोडवेज कर्मियों ने कई रूटों की इलेक्ट्रिक बसों का संचालन रोक दिया और बसों को स्टेशन के बाहर खड़ा कर दिया, जिससे दिल्ली रोड पर जाम की स्थिति बन गई।
जानकारी के अनुसार हस्तिनापुर क्षेत्र के दरियापुर मवाना निवासी रामकुमार रोडवेज की इलेक्ट्रिक बस में परिचालक हैं। शुक्रवार को वह रोज की तरह मेरठ साउथ स्टेशन के नीचे बस रोककर बेगमपुल जाने वाली सवारियों को बुला रहे थे। इसी दौरान भूड़बराल गांव के कुछ ऑटो चालक मौके पर पहुंच गए और बस को वहां से हटाने का दबाव बनाने लगे। परिचालक द्वारा सवारियां बैठाने की बात कहने पर आरोपी भड़क गए और रामकुमार को बस से नीचे खींचकर मारपीट शुरू कर दी। आरोप है कि मारपीट के दौरान आरोपियों ने रामकुमार से दो हजार रुपये भी छीन लिए। बीच-बचाव करने आए बस चालक विनोद के साथ भी धक्का-मुक्की की गई। शोर-शराबा सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे तो आरोपी फरार हो गए।
घटना की सूचना मिलते ही रोडवेज कर्मचारियों में आक्रोश फैल गया। विरोध स्वरूप कई रूटों पर चलने वाली इलेक्ट्रिक बसों के चालक-परिचालकों ने मेरठ साउथ स्टेशन के बाहर बसें खड़ी कर दीं और संचालन रोक दिया। इससे दिल्ली रोड पर यातायात प्रभावित हो गया और यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि स्टेशन के नीचे कुछ लोगों ने अवैध टेंपो-ऑटो एसोसिएशन बनाकर पार्किंग पर कब्जा कर रखा है। आरोप है कि यहां पहले भी विरोध करने वालों के साथ मारपीट की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।
वहीं पुलिस का कहना है कि पीड़ित की तहरीर के आधार पर आरोपियों की तलाश की जा रही है। कार्रवाई करते हुए तीन ऑटो को सीज भी किया गया है। इस प्रकार से शहर की व्यवस्था बिगाड़ने वालो के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।


