कोडरमा जिले में ठगों ने एक प्रवासी मजदूर को अपना निशाना बनाया है। जयपुर से काम कर घर लौट रहे मजदूर से दो युवकों ने झांसा देकर उसका पर्स, मोबाइल और बैग लूट लिया। यह घटना कोडरमा रेलवे स्टेशन के पास हुई। पीड़ित मजदूर की पहचान गिरिडीह के घोड़थम्बा निवासी आशीष कुमार के रूप में हुई है। आशीष ने बताया कि वह गुरुवार को जयपुर स्टेशन से अजमेर-सियालदह एक्सप्रेस में सवार हुआ था और शुक्रवार सुबह कोडरमा स्टेशन पहुंचा। स्टेशन से बाहर आने के बाद आशीष घोड़थम्बा जाने के लिए वाहन तलाश रहा था। तभी एक मोटरसाइकिल पर सवार दो युवक बस एजेंट बनकर उसके पास आए। उन्होंने आशीष से उसके घर का पता पूछा और अपनी गाड़ी से घोड़थम्बा चलने को कहा। आशीष के मना करने के बावजूद, दोनों युवकों ने उसे जबरन मोटरसाइकिल पर बिठा लिया और झुमरी तिलैया शहर में पूर्णिमा टॉकीज के पास ले गए। वहां पहुंचकर, ठगों ने अपना एक बैग और एक झोला आशीष को देते हुए कहा कि इसे यहीं रहने दो। इसके बाद, वे आशीष का बैग, पर्स और मोबाइल ‘एंट्री’ कराने के बहाने अपने साथ ले गए। काफी समय बीत जाने के बाद जब दोनों युवक वापस नहीं लौटे, तो आशीष ने आसपास के लोगों को अपनी आपबीती बताई। स्थानीय लोगों ने आशीष के पास छोड़े गए ठगों के बैग की जांच की, तो उसमें कुछ पुराने कपड़े मिले। इससे उन्हें तुरंत समझ आ गया कि आशीष के साथ ठगी हुई है। पीड़ित मजदूर अब तिलैया थाना में इस पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराने की तैयारी कर रहा है। आशीष ने बताया कि उसके पर्स में 800 रुपए नकद थे, जबकि बैग में परिवार वालों के लिए खरीदे गए सामान और कपड़े थे। बताते चलें कि इसी तरह की एक अन्य घटना बीते 10 दिन पूर्व भी कोडरमा स्टेशन पर ही घटी थी, जहां मुम्बई से लौटे एक व्यक्ति से इसी प्रकार एक ठग ने ठगी की घटना को अंजाम दिया था। हालांकि पुलिस ने उक्त ठग को महज 10 घंटे के भीतर ही पकड़ लिया था। कोडरमा जिले में ठगों ने एक प्रवासी मजदूर को अपना निशाना बनाया है। जयपुर से काम कर घर लौट रहे मजदूर से दो युवकों ने झांसा देकर उसका पर्स, मोबाइल और बैग लूट लिया। यह घटना कोडरमा रेलवे स्टेशन के पास हुई। पीड़ित मजदूर की पहचान गिरिडीह के घोड़थम्बा निवासी आशीष कुमार के रूप में हुई है। आशीष ने बताया कि वह गुरुवार को जयपुर स्टेशन से अजमेर-सियालदह एक्सप्रेस में सवार हुआ था और शुक्रवार सुबह कोडरमा स्टेशन पहुंचा। स्टेशन से बाहर आने के बाद आशीष घोड़थम्बा जाने के लिए वाहन तलाश रहा था। तभी एक मोटरसाइकिल पर सवार दो युवक बस एजेंट बनकर उसके पास आए। उन्होंने आशीष से उसके घर का पता पूछा और अपनी गाड़ी से घोड़थम्बा चलने को कहा। आशीष के मना करने के बावजूद, दोनों युवकों ने उसे जबरन मोटरसाइकिल पर बिठा लिया और झुमरी तिलैया शहर में पूर्णिमा टॉकीज के पास ले गए। वहां पहुंचकर, ठगों ने अपना एक बैग और एक झोला आशीष को देते हुए कहा कि इसे यहीं रहने दो। इसके बाद, वे आशीष का बैग, पर्स और मोबाइल ‘एंट्री’ कराने के बहाने अपने साथ ले गए। काफी समय बीत जाने के बाद जब दोनों युवक वापस नहीं लौटे, तो आशीष ने आसपास के लोगों को अपनी आपबीती बताई। स्थानीय लोगों ने आशीष के पास छोड़े गए ठगों के बैग की जांच की, तो उसमें कुछ पुराने कपड़े मिले। इससे उन्हें तुरंत समझ आ गया कि आशीष के साथ ठगी हुई है। पीड़ित मजदूर अब तिलैया थाना में इस पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराने की तैयारी कर रहा है। आशीष ने बताया कि उसके पर्स में 800 रुपए नकद थे, जबकि बैग में परिवार वालों के लिए खरीदे गए सामान और कपड़े थे। बताते चलें कि इसी तरह की एक अन्य घटना बीते 10 दिन पूर्व भी कोडरमा स्टेशन पर ही घटी थी, जहां मुम्बई से लौटे एक व्यक्ति से इसी प्रकार एक ठग ने ठगी की घटना को अंजाम दिया था। हालांकि पुलिस ने उक्त ठग को महज 10 घंटे के भीतर ही पकड़ लिया था।


