कोडरमा जिले के ताराटांड़ में गुरुवार देर रात एक 58 वर्षीय व्यक्ति ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान शशिभूषण पांडे, पिता स्वर्गीय कामता पांडे के रूप में की गई है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। मिली जानकारी के अनुसार, शशिभूषण पांडे गुरुवार रात खाना खाने के बाद अपनी पत्नी के साथ कमरे में सोने गए थे। सुबह जब उनकी पत्नी की नींद खुली तो उन्होंने पति को अपने पास नहीं पाया। तलाश करने पर वह छत पर बने कमरे में गमछे के सहारे फंदे पर लटके मिले। पत्नी के रोने की आवाज सुनकर उनका छोटा बेटा सूरज और बगल में रहने वाले परिवार के अन्य लोग मौके पर पहुंचे। इसके बाद उन्होंने तुरंत तिलैया पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही तिलैया पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और शव को फंदे से उतारते हुए आगे की कार्रवाई शुरू की। पुलिस आत्महत्या के कारणों का पता लगाने में जुटी है। शशिभूषण पांडे पहले शहर की एक बर्तन की दुकान में काम करते थे, लेकिन पिछले चार-पांच सालों से उन्होंने काम छोड़ दिया था और घर पर ही रहते थे। उनका बड़ा बेटा असम के गुवाहाटी में एक निजी कंपनी में कार्यरत है, जबकि छोटा बेटा शहर में ही काम करता है। आत्महत्या के पीछे के कारणों का अभी तक खुलासा नहीं हो पाया है। इधर, पुलिस भी आत्महत्या के कारणों को तलाशने में जुटी हुई है। बताते चलें कि मृतक अपने पीछे अपने दो पुत्र, एक पुत्री व अपनी पत्नी को छोड़ गए हैं। इधर इस घटना के बाद परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। जबकि इस घटना के बाद से पूरे मोहल्ले में शोक की लहर छाई हुई है। कोडरमा जिले के ताराटांड़ में गुरुवार देर रात एक 58 वर्षीय व्यक्ति ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान शशिभूषण पांडे, पिता स्वर्गीय कामता पांडे के रूप में की गई है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। मिली जानकारी के अनुसार, शशिभूषण पांडे गुरुवार रात खाना खाने के बाद अपनी पत्नी के साथ कमरे में सोने गए थे। सुबह जब उनकी पत्नी की नींद खुली तो उन्होंने पति को अपने पास नहीं पाया। तलाश करने पर वह छत पर बने कमरे में गमछे के सहारे फंदे पर लटके मिले। पत्नी के रोने की आवाज सुनकर उनका छोटा बेटा सूरज और बगल में रहने वाले परिवार के अन्य लोग मौके पर पहुंचे। इसके बाद उन्होंने तुरंत तिलैया पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही तिलैया पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और शव को फंदे से उतारते हुए आगे की कार्रवाई शुरू की। पुलिस आत्महत्या के कारणों का पता लगाने में जुटी है। शशिभूषण पांडे पहले शहर की एक बर्तन की दुकान में काम करते थे, लेकिन पिछले चार-पांच सालों से उन्होंने काम छोड़ दिया था और घर पर ही रहते थे। उनका बड़ा बेटा असम के गुवाहाटी में एक निजी कंपनी में कार्यरत है, जबकि छोटा बेटा शहर में ही काम करता है। आत्महत्या के पीछे के कारणों का अभी तक खुलासा नहीं हो पाया है। इधर, पुलिस भी आत्महत्या के कारणों को तलाशने में जुटी हुई है। बताते चलें कि मृतक अपने पीछे अपने दो पुत्र, एक पुत्री व अपनी पत्नी को छोड़ गए हैं। इधर इस घटना के बाद परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। जबकि इस घटना के बाद से पूरे मोहल्ले में शोक की लहर छाई हुई है।


