किशनगंज में MO पर मानसिक-आर्थिक शोषण का आरोप:महिला कर्मियों ने लगाए, बोलीं-ड्यूटी के बाद वीडियो कॉल करते हैं; जांच टीम पहुंची

किशनगंज में MO पर मानसिक-आर्थिक शोषण का आरोप:महिला कर्मियों ने लगाए, बोलीं-ड्यूटी के बाद वीडियो कॉल करते हैं; जांच टीम पहुंची

किशनगंज के ठाकुरगंज प्रखंड स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अखलाकुर रहमान पर दर्जनों महिला स्वास्थ्य कर्मियों (एएनएम और सीएचओ) ने गंभीर आरोप लगाए हैं। इन आरोपों में मानसिक उत्पीड़न, आर्थिक शोषण, रिश्वतखोरी और पद का दुरुपयोग शामिल है। कर्मियों ने जिलाधिकारी विशाल राज को लिखित आवेदन सौंपकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। महिला कर्मियों ने कहा- मिल रही धमकियां महिला कर्मियों का आरोप है कि डॉ. अखलाकुर रहमान उन्हें लगातार धमकियां देते हैं, प्रोत्साहन राशि में हिस्सेदारी की मांग करते हैं और ड्यूटी के बाद वीडियो कॉल करके मानसिक दबाव बनाते हैं। कुछ कर्मियों ने शारीरिक उत्पीड़न और अनुचित व्यवहार की भी शिकायत की है। उनका यह भी कहना है कि उन्हें “टाइगर जिंदा है” जैसे धमकी भरे वॉट्सएप मैसेज भी मिल रहे हैं। कर्मियों ने बताया कि पूर्व में एक एएनएम को मात्र 500 रुपये लेने के आरोप में तुरंत बर्खास्त कर दिया गया था। इसके विपरीत, लाखों रुपये की अवैध उगाही के आरोपों के बावजूद डॉ. रहमान पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे जांच की निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं। महिला कर्मियों ने चेतावनी दी है कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला तो वे आत्मदाह जैसा कठोर कदम उठाने को मजबूर होंगी। मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की एक जांच टीम ठाकुरगंज सीएचसी पहुंची। टीम ने प्रभावित महिला स्वास्थ्य कर्मियों, अन्य स्टाफ और संबंधित अधिकारियों से विस्तृत पूछताछ की। इस दौरान वॉट्सएप चैट्स सहित कई दस्तावेजों की भी जांच की गई। वरीय उप समाहर्ता सुनीता कुमारी ने बताया, “जांच प्रक्रिया जारी है। सभी संबंधित व्यक्तियों से लिखित और मौखिक बयान लिए गए हैं। साक्ष्यों के आधार पर एक रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपी जाएगी, जिसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।” वहीं, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अखलाकुर रहमान ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को निराधार और बेबुनियाद बताया है। उन्होंने कहा कि कर्मी निर्धारित समय पर अपनी ड्यूटी नहीं करते हैं और उनके द्वारा सख्ती बरतने के कारण ही उन पर झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं। डॉ. रहमान ने विश्वास व्यक्त किया कि जांच में सच्चाई सामने आ जाएगी। किशनगंज के ठाकुरगंज प्रखंड स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अखलाकुर रहमान पर दर्जनों महिला स्वास्थ्य कर्मियों (एएनएम और सीएचओ) ने गंभीर आरोप लगाए हैं। इन आरोपों में मानसिक उत्पीड़न, आर्थिक शोषण, रिश्वतखोरी और पद का दुरुपयोग शामिल है। कर्मियों ने जिलाधिकारी विशाल राज को लिखित आवेदन सौंपकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। महिला कर्मियों ने कहा- मिल रही धमकियां महिला कर्मियों का आरोप है कि डॉ. अखलाकुर रहमान उन्हें लगातार धमकियां देते हैं, प्रोत्साहन राशि में हिस्सेदारी की मांग करते हैं और ड्यूटी के बाद वीडियो कॉल करके मानसिक दबाव बनाते हैं। कुछ कर्मियों ने शारीरिक उत्पीड़न और अनुचित व्यवहार की भी शिकायत की है। उनका यह भी कहना है कि उन्हें “टाइगर जिंदा है” जैसे धमकी भरे वॉट्सएप मैसेज भी मिल रहे हैं। कर्मियों ने बताया कि पूर्व में एक एएनएम को मात्र 500 रुपये लेने के आरोप में तुरंत बर्खास्त कर दिया गया था। इसके विपरीत, लाखों रुपये की अवैध उगाही के आरोपों के बावजूद डॉ. रहमान पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे जांच की निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं। महिला कर्मियों ने चेतावनी दी है कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला तो वे आत्मदाह जैसा कठोर कदम उठाने को मजबूर होंगी। मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की एक जांच टीम ठाकुरगंज सीएचसी पहुंची। टीम ने प्रभावित महिला स्वास्थ्य कर्मियों, अन्य स्टाफ और संबंधित अधिकारियों से विस्तृत पूछताछ की। इस दौरान वॉट्सएप चैट्स सहित कई दस्तावेजों की भी जांच की गई। वरीय उप समाहर्ता सुनीता कुमारी ने बताया, “जांच प्रक्रिया जारी है। सभी संबंधित व्यक्तियों से लिखित और मौखिक बयान लिए गए हैं। साक्ष्यों के आधार पर एक रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपी जाएगी, जिसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।” वहीं, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अखलाकुर रहमान ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को निराधार और बेबुनियाद बताया है। उन्होंने कहा कि कर्मी निर्धारित समय पर अपनी ड्यूटी नहीं करते हैं और उनके द्वारा सख्ती बरतने के कारण ही उन पर झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं। डॉ. रहमान ने विश्वास व्यक्त किया कि जांच में सच्चाई सामने आ जाएगी।  

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