खंडवा में ग्यारहवीं क्लास की छात्रा ने एक बच्चे को जन्म दिया हैं। चौंकाने वाली बात यह हैं कि, वो हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर रही थी। शुक्रवार रात में पेट दर्द होने पर अस्पताल में एडमिट कराया तो प्रेग्नेंसी का खुलासा हुआ। डॉक्टरों ने सोनोग्राफी कराई तो 9 माह का गर्भ निकला। प्रसव पीड़ा होने के बाद छात्रा ने एक बालक को जन्म दिया हैं। मामला पुनासा के आदिवासी हॉस्टल का हैं। अस्पताल स्टाफ ने नाबालिग के प्रसव संबंधी जानकारी पुलिस को दी। जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने छात्रा से पूछताछ की। खुलासा हुआ कि नाबालिग छात्रा के साथ शारीरिक संबंध बनाने वाला कोई और नहीं बल्कि उसी का चचेरा भाई हैं। छात्रा ने बताया कि चचेरे भाई के साथ वह लंबे समय से प्रेम-संबंध हैं। प्रेम-प्रसंग के दौरान ही चचेरे भाई ने उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। मामले में पुनासा चौकी प्रभारी राजेंद्र सय्यदे का कहना है कि, 17 वर्षीय छात्रा के साथ दुराचार करने वाला उसी का रिश्तेदार है और वह भी नाबालिग हैं। छात्रा मूंदी थाना क्षेत्र की रहने वाली हैं। इसलिए प्रारंभिक जांच के बाद केस दर्ज कर आगे की जांच थाना मूंदी पुलिस को सौंपी गई हैं। नाबालिग आरोपी ने पुलिस पूछताछ में शारीरिक संबंध बनाए जाने की पुष्टि की हैं। हालांकि, आरोपी का डीएनए टेस्ट कराया जाएगा। इसके बाद स्थिति और क्लियर हो जाएगी। छात्रा जानती थी कि गर्भ में बच्चा पल रहा
इधर, नाबालिग छात्रा के प्रसव के बाद हॉस्टल प्रशासन में हड़कंप मच गया। पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया कि छात्रा को पहले से प्रेग्नेंसी के बारे में जानकारी थी। उसने यह बात परिवार से छिपाई। हॉस्टल में किसी को भनक ना लगे इसलिए वह ढीले कपड़े पहनती थी। फिलहाल, इस समय छात्रा की वार्षिक परीक्षाएं चल रही हैं और शनिवार को उसका पेपर भी निर्धारित था।


