खगड़िया में 13 साल के छात्र हिंमांशु कुमार की हत्या के मामले में पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने बताया कि ये हत्या उसके ही 2 करीबी दोस्तों ने की थी। बदला लेने के लिए इस हत्याकांड को अंजाम दिया गया। पुलिस ने इस मामले में दोनों आरोपियों को हिरासत में लिया है। दोनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। दोनों 8वीं और 9वीं के छात्र हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि कैसे साजिश के तहत उन्होंने हिमांशु को मारा। घटना बेलदौर थाना क्षेत्र की है। जानकारी के अनुसार, 19 मार्च की शाम हिमांशु स्कूल से लौटने के बाद घर के बाहर खेल रहा था, तभी वह अचानक लापता हो गया। देर रात तक घर नहीं लौटने पर उसकी मां अनुजा देवी ने बेलदौर थाने में अपहरण की शिकायत दर्ज कराई। देखें, मौके से आई 3 तस्वीरें… 20 मार्च को मिला शव, चोट के निशान 20 मार्च की रात गांव के उत्तर स्थित महेशलक्खा बहियार से हिमांशु का शव बरामद हुआ। शव पर चोट के निशान मिलने के बाद यह स्पष्ट हो गया कि मामला हत्या का है। पुलिस जांच में सामने आया कि हिमांशु को आखिरी बार उसके दो दोस्तों के साथ देखा गया था। करीब 10 दिन पहले गांव में हुई एक छोटी चोरी के मामले में हिमांशु की सूचना पर उसके दोनों दोस्त पकड़े गए थे। इसी बात को लेकर वे उससे रंजिश रखते थे और बदला लेना चाहते थे। तीनों सोशल मीडिया पर वीडियो देखते बनाते थे पुलिस ने बताया कि दोनों नाबालिगों ने पूछताछ में बताया कि उन्होंने योजना के तहत हिमांशु को वीडियो बनाने के बहाने मक्के के खेत में बुलाया। तीनों बच्चे अक्सर सोशल मीडिया पर वीडियो देखते और वैसा ही कंटेंट बनाने की कोशिश करते थे। इसी आदत का फायदा उठाकर उसे जाल में फंसाया गया। खेत में पहुंचने के बाद आरोपियों ने पहले मजाक के तौर पर उसके हाथ बांध दिए, लेकिन कुछ ही देर में स्थिति गंभीर हो गई। जब हिमांशु ने खुद को छुड़ाने की कोशिश की, तभी दोनों ने मिलकर चाकू से उसकी हत्या कर दी। SDPO बोलीं- आरोपियों ने जुर्म कबूल कर लिया है मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की। गोगरी SDPO साक्षी कुमारी के नेतृत्व में टीम ने तकनीकी और मानवीय साक्ष्यों के आधार पर दोनों आरोपियों को हिरासत में लिया गया। उनकी निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल चाकू, चांदी की चकती और कड़ा बरामद किया गया। आरोपियों ेन अपना गुनाह स्वीकार किया है। गांव में पसरा मातम, उठ रहे सवाल घटना के बाद सकरोहर पंचायत समेत पूरे इलाके में शोक और सन्नाटा पसरा हुआ है। जहां कभी बच्चों की चहल-पहल रहती थी, वहां अब मातम का माहौल है। हर कोई इस बात से स्तब्ध है कि इतनी कम उम्र में ऐसी भयावह साजिश कैसे जन्म ले सकती है। यह घटना केवल एक हत्या नहीं, बल्कि समाज के लिए गंभीर चेतावनी है। बच्चों के बीच बढ़ती आपसी रंजिश, सोशल मीडिया का प्रभाव और गलत संगत ये सभी मिलकर किस तरह खतरनाक रूप ले सकते हैं, यह इस घटना ने दिखा दिया है। पड़ोसी बोले- हिमांशु ने बताया था दोनों का नाम पड़ोसी देवन महतो ने बताया कि करीब दस दिन पहले गांव के एक घर में चोरी हुई थी, जिसमें हिमांशु कुमार अपने दो दोस्तों के साथ शामिल था। घटना के दौरान हिमांशु पकड़ लिया गया था और उसने अपने दोनों साथियों का नाम भी बता दिया था। इसके बाद गांव में पंचायत बैठी, जिसमें चोरी का सामान बरामद कर लिया गया। खगड़िया में 13 साल के छात्र हिंमांशु कुमार की हत्या के मामले में पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने बताया कि ये हत्या उसके ही 2 करीबी दोस्तों ने की थी। बदला लेने के लिए इस हत्याकांड को अंजाम दिया गया। पुलिस ने इस मामले में दोनों आरोपियों को हिरासत में लिया है। दोनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। दोनों 8वीं और 9वीं के छात्र हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि कैसे साजिश के तहत उन्होंने हिमांशु को मारा। घटना बेलदौर थाना क्षेत्र की है। जानकारी के अनुसार, 19 मार्च की शाम हिमांशु स्कूल से लौटने के बाद घर के बाहर खेल रहा था, तभी वह अचानक लापता हो गया। देर रात तक घर नहीं लौटने पर उसकी मां अनुजा देवी ने बेलदौर थाने में अपहरण की शिकायत दर्ज कराई। देखें, मौके से आई 3 तस्वीरें… 20 मार्च को मिला शव, चोट के निशान 20 मार्च की रात गांव के उत्तर स्थित महेशलक्खा बहियार से हिमांशु का शव बरामद हुआ। शव पर चोट के निशान मिलने के बाद यह स्पष्ट हो गया कि मामला हत्या का है। पुलिस जांच में सामने आया कि हिमांशु को आखिरी बार उसके दो दोस्तों के साथ देखा गया था। करीब 10 दिन पहले गांव में हुई एक छोटी चोरी के मामले में हिमांशु की सूचना पर उसके दोनों दोस्त पकड़े गए थे। इसी बात को लेकर वे उससे रंजिश रखते थे और बदला लेना चाहते थे। तीनों सोशल मीडिया पर वीडियो देखते बनाते थे पुलिस ने बताया कि दोनों नाबालिगों ने पूछताछ में बताया कि उन्होंने योजना के तहत हिमांशु को वीडियो बनाने के बहाने मक्के के खेत में बुलाया। तीनों बच्चे अक्सर सोशल मीडिया पर वीडियो देखते और वैसा ही कंटेंट बनाने की कोशिश करते थे। इसी आदत का फायदा उठाकर उसे जाल में फंसाया गया। खेत में पहुंचने के बाद आरोपियों ने पहले मजाक के तौर पर उसके हाथ बांध दिए, लेकिन कुछ ही देर में स्थिति गंभीर हो गई। जब हिमांशु ने खुद को छुड़ाने की कोशिश की, तभी दोनों ने मिलकर चाकू से उसकी हत्या कर दी। SDPO बोलीं- आरोपियों ने जुर्म कबूल कर लिया है मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की। गोगरी SDPO साक्षी कुमारी के नेतृत्व में टीम ने तकनीकी और मानवीय साक्ष्यों के आधार पर दोनों आरोपियों को हिरासत में लिया गया। उनकी निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल चाकू, चांदी की चकती और कड़ा बरामद किया गया। आरोपियों ेन अपना गुनाह स्वीकार किया है। गांव में पसरा मातम, उठ रहे सवाल घटना के बाद सकरोहर पंचायत समेत पूरे इलाके में शोक और सन्नाटा पसरा हुआ है। जहां कभी बच्चों की चहल-पहल रहती थी, वहां अब मातम का माहौल है। हर कोई इस बात से स्तब्ध है कि इतनी कम उम्र में ऐसी भयावह साजिश कैसे जन्म ले सकती है। यह घटना केवल एक हत्या नहीं, बल्कि समाज के लिए गंभीर चेतावनी है। बच्चों के बीच बढ़ती आपसी रंजिश, सोशल मीडिया का प्रभाव और गलत संगत ये सभी मिलकर किस तरह खतरनाक रूप ले सकते हैं, यह इस घटना ने दिखा दिया है। पड़ोसी बोले- हिमांशु ने बताया था दोनों का नाम पड़ोसी देवन महतो ने बताया कि करीब दस दिन पहले गांव के एक घर में चोरी हुई थी, जिसमें हिमांशु कुमार अपने दो दोस्तों के साथ शामिल था। घटना के दौरान हिमांशु पकड़ लिया गया था और उसने अपने दोनों साथियों का नाम भी बता दिया था। इसके बाद गांव में पंचायत बैठी, जिसमें चोरी का सामान बरामद कर लिया गया।


