जमुई के गरही थाना क्षेत्र में एक युवक मोहिउद्दीन अंसारी पर थानाध्यक्ष द्वारा थाने में बेरहमी से मारपीट करने का मामला सामने आया है। युवक ने आरोप लगाया है कि थाने में उसे रखने के दौरान शादी करने के लिए दबाव बनाया गया। शरीर के विभिन्न हिस्सों पर गहरे जख्म आए। युवक ने थाने में टॉर्चर का आरोप लगाया अरुणमाबांक गांव निवासी अलीमउद्दीन अंसारी के पुत्र मोहिउद्दीन अंसारी ने बताया कि 11 फरवरी की रात वह प्रेम संबंध में शामिल महिला के बुलाने पर उसके घर गया। वहां परिवार वालों ने उसे पकड़ा और शादी करने का दबाव बनाने लगे। जब उसने शादी करने से इनकार किया तो लड़की के परिवार वालों ने पुलिस बुला ली। मोहिउद्दीन ने आरोप लगाया कि 11 फरवरी की देर रात गरही थाना की पुलिस ने उसे थाने ले जाकर 12 फरवरी तक रखा। इसके बाद 13 फरवरी से थानाध्यक्ष विपिन चंद्र पालटा ने उसे थाने में और भवन की छत पर ले जाकर बेरहमी से मारपीट की। इस दौरान दोनों जांघों और हाथ में गहरे जख्म बने। इलाज और शिकायत मोहिउद्दीन को रविवार को जमुई सदर अस्पताल में इलाज कराया गया। इसके बाद उन्होंने ई-मेल के जरिए एसपी जमुई, डीआईजी और गृह विभाग सहित वरीय अधिकारियों को लिखित आवेदन भेजकर इस मामले की शिकायत दर्ज कराई। युवक ने कहा कि थाने में मारपीट के बाद थानाध्यक्ष ने उन्हें किसी से कुछ नहीं बताने की चेतावनी दी। परिवार के सदस्य जब घटना की जानकारी पाए तो उन्होंने तुरंत एसपी जमुई को फोन कर सूचना दी। थानाध्यक्ष का बयान गरही थानाध्यक्ष विपिन चंद्र पालटा ने इस मामले में अपना पक्ष रखते हुए कहा कि मामला प्रेम प्रसंग का है। उन्होंने दावा किया कि लड़की के परिवार की ओर से आवेदन दिया गया था और थाने में युवक को नहीं रखा गया। उन्होंने मारपीट के आरोप को पूरी तरह गलत बताया। एसपी का पक्ष एसपी जमुई विश्वजीत दयाल ने कहा कि मामला संज्ञान में है और संबंधित थाना से पूरी जानकारी ली गई। प्रारंभिक जांच में पाया गया कि युवक को लड़की पक्ष के लोगों ने ही घर में पकड़ा था। एसपी ने कहा कि मारपीट की आशंका लड़की पक्ष द्वारा भी की गई हो सकती है। एसपी ने यह भी बताया कि युवक के परिवार की ओर से आवेदन नहीं दिया गया था, जिससे पुलिस पर आरोप लगाए गए। उन्होंने मामले की पूरी तरह से दोबारा जांच कराने का भरोसा दिलाया। स्थानीय प्रतिक्रिया स्थानीय लोग इस मामले को लेकर चिंतित हैं। उनका कहना है कि प्रेम प्रसंग से जुड़े विवादों में कानून और पुलिस की भूमिका स्पष्ट होनी चाहिए। किसी भी पक्ष के साथ अन्याय या मारपीट की घटनाएं सामाजिक अस्थिरता को जन्म देती हैं। जांच की प्रक्रिया जारी एसपी ने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने युवाओं और आम जनता से अपील की है कि ऐसे मामलों में तुरंत पुलिस को सूचना दें और किसी भी तरह के दबाव या धमकी के तहत किसी कार्रवाई को अंजाम न दें। इस घटना ने जमुई जिले में प्रेम प्रसंग और कानून के अनुपालन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। थाने में कथित मारपीट के आरोप और लड़की परिवार का दखल इस मामले को और जटिल बना रहे हैं। पुलिस की जांच और रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि आरोप किस पर सही ठहरते हैं। जमुई के गरही थाना क्षेत्र में एक युवक मोहिउद्दीन अंसारी पर थानाध्यक्ष द्वारा थाने में बेरहमी से मारपीट करने का मामला सामने आया है। युवक ने आरोप लगाया है कि थाने में उसे रखने के दौरान शादी करने के लिए दबाव बनाया गया। शरीर के विभिन्न हिस्सों पर गहरे जख्म आए। युवक ने थाने में टॉर्चर का आरोप लगाया अरुणमाबांक गांव निवासी अलीमउद्दीन अंसारी के पुत्र मोहिउद्दीन अंसारी ने बताया कि 11 फरवरी की रात वह प्रेम संबंध में शामिल महिला के बुलाने पर उसके घर गया। वहां परिवार वालों ने उसे पकड़ा और शादी करने का दबाव बनाने लगे। जब उसने शादी करने से इनकार किया तो लड़की के परिवार वालों ने पुलिस बुला ली। मोहिउद्दीन ने आरोप लगाया कि 11 फरवरी की देर रात गरही थाना की पुलिस ने उसे थाने ले जाकर 12 फरवरी तक रखा। इसके बाद 13 फरवरी से थानाध्यक्ष विपिन चंद्र पालटा ने उसे थाने में और भवन की छत पर ले जाकर बेरहमी से मारपीट की। इस दौरान दोनों जांघों और हाथ में गहरे जख्म बने। इलाज और शिकायत मोहिउद्दीन को रविवार को जमुई सदर अस्पताल में इलाज कराया गया। इसके बाद उन्होंने ई-मेल के जरिए एसपी जमुई, डीआईजी और गृह विभाग सहित वरीय अधिकारियों को लिखित आवेदन भेजकर इस मामले की शिकायत दर्ज कराई। युवक ने कहा कि थाने में मारपीट के बाद थानाध्यक्ष ने उन्हें किसी से कुछ नहीं बताने की चेतावनी दी। परिवार के सदस्य जब घटना की जानकारी पाए तो उन्होंने तुरंत एसपी जमुई को फोन कर सूचना दी। थानाध्यक्ष का बयान गरही थानाध्यक्ष विपिन चंद्र पालटा ने इस मामले में अपना पक्ष रखते हुए कहा कि मामला प्रेम प्रसंग का है। उन्होंने दावा किया कि लड़की के परिवार की ओर से आवेदन दिया गया था और थाने में युवक को नहीं रखा गया। उन्होंने मारपीट के आरोप को पूरी तरह गलत बताया। एसपी का पक्ष एसपी जमुई विश्वजीत दयाल ने कहा कि मामला संज्ञान में है और संबंधित थाना से पूरी जानकारी ली गई। प्रारंभिक जांच में पाया गया कि युवक को लड़की पक्ष के लोगों ने ही घर में पकड़ा था। एसपी ने कहा कि मारपीट की आशंका लड़की पक्ष द्वारा भी की गई हो सकती है। एसपी ने यह भी बताया कि युवक के परिवार की ओर से आवेदन नहीं दिया गया था, जिससे पुलिस पर आरोप लगाए गए। उन्होंने मामले की पूरी तरह से दोबारा जांच कराने का भरोसा दिलाया। स्थानीय प्रतिक्रिया स्थानीय लोग इस मामले को लेकर चिंतित हैं। उनका कहना है कि प्रेम प्रसंग से जुड़े विवादों में कानून और पुलिस की भूमिका स्पष्ट होनी चाहिए। किसी भी पक्ष के साथ अन्याय या मारपीट की घटनाएं सामाजिक अस्थिरता को जन्म देती हैं। जांच की प्रक्रिया जारी एसपी ने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने युवाओं और आम जनता से अपील की है कि ऐसे मामलों में तुरंत पुलिस को सूचना दें और किसी भी तरह के दबाव या धमकी के तहत किसी कार्रवाई को अंजाम न दें। इस घटना ने जमुई जिले में प्रेम प्रसंग और कानून के अनुपालन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। थाने में कथित मारपीट के आरोप और लड़की परिवार का दखल इस मामले को और जटिल बना रहे हैं। पुलिस की जांच और रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि आरोप किस पर सही ठहरते हैं।


