जलालाबाद के शहीद उधम सिंह पार्क में लगाए गए झूलों को लेकर विवाद हो गया। गुरुवार को ठेकेदार अपनी गाड़ी लेकर पहुंचा और पार्क में लगे झूलों उतरवा लिया गया। ठेकेदार का आरोप है कि 6 महीने से वह नगर कौंसिल से टेंडर के बाद काम करने के उपरांत वह भुगतान की मांग करते आ रहा है। लेकिन उसे एक भी पैसा अदा नहीं किया गया। उधर, कमेटी के अधिकारियों का तर्क है कि मापदंड के मुताबिक झूले नहीं लगाए गए । जिसके चलते पैसे की अदायगी नहीं हुई। वह अपने झूले वापस ले जा सकते हैं। ठेकेदार वीआर एंटरप्राइजेज के संचालक विकास गुप्ता ने बताया कि इस पार्क में 12 वर्ष पहले लगाया गया ओपन जिम का समान भी उनकी कंपनी ने लगाया था। जिसके बाद अब करीब 6 महीने पहले उन्हें शहीद भगत सिंह पार्क में विकास के नाम पर इंपोर्टेड आइटम लगाने के लिए उनके यहां विजिट की गई। कोटेशन ली गई और फिर करीब 15 लाख का टेंडर लगा इन इंपोर्टेड झूलों को यहां लगाया गया। लेकिन 6 महीने बीतने के बावजूद उन्हें एक रुपया भी अदा नहीं किया गया। वह कई बार अपने पैसों का भुगतान किए जाने की मांग करते रहे, लेकिन भुगतान करने में टालमटोल किया जा रहा है। पैमेंट ना होने के कारण अब अपने झूले वापस उतार रहे हैं। उन्होंने कहा कि टेंडर अलाट करते समय स्पेसिफिकेशन और एस्टीमेट जारी नहीं किया गया। मानकों के अनुरुप सामान नहीं लगाया : नगर कौंसिल अध्यक्ष
नगर कौंसिल अध्यक्ष विकासदीप चौधरी ने कहा कि मानकों के मुताबिक झूलों का समान नहीं लगाया गया, जिसके चलते पैमेंट नहीं किया गया। जलालाबाद विधायक जगदीप कंबोज गोल्डी ने कहा कि आम लोगों का पैसा है। अगर समान सही नहीं है तो उसकी अदायगी कैसे हो सकती है। विधायक ने कहा कि कमेटी ने फैसला किया है कि स्पेसिफिकेशन के मुताबिक ये झूले नहीं लगाए गए ।


