कौम का बड़ा नेता बनने की ख्वाहिश में आईएमसी यूथ विंग अध्यक्ष बन गया बरेली हिंसा का मोस्ट वांटेड, बवालियों की होगी कुर्की, हो सकता है हॉफ एनकाउंटर

कौम का बड़ा नेता बनने की ख्वाहिश में आईएमसी यूथ विंग अध्यक्ष बन गया बरेली हिंसा का मोस्ट वांटेड, बवालियों की होगी कुर्की, हो सकता है हॉफ एनकाउंटर

बरेली। 26 सितंबर के बरेली बवाल के मुख्य आरोपियों में शामिल आईएमसी यूथ विंग का अध्यक्ष अल्तमश रजा अब तक कानून की आड़ लेकर पुलिस को लगातार चकमा देता आ रहा है। बवाल की साजिश से लेकर सड़क पर उपद्रव तक उसकी भूमिका जांच में सामने आ चुकी है, इसके बावजूद कभी अग्रिम जमानत तो कभी कानूनी पेंचों के सहारे वह गिरफ्तारी से बचता रहा।

अब पुलिस ने साफ कर दिया है, अल्तमश राजा ही नहीं, उसके साथ फरार अन्य आरोपियों की चल-अचल संपत्ति कुर्क की जाएगी। पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी को लेकर जाल बिछा दिया है। अगर वह नहीं पकड़े जाते हैं तो पहले उनकी चल अचल संपत्ति कुर्क की जाएगी। इसके बाद गिरफ्तार होंगे। विरोध करने पर उनका हाफ एनकाउंटर भी हो सकता है।

शहर के पांच थानों में दर्ज हैं 10 मुकदमे

26 सितंबर 2025 को आईएमसी प्रमुख मौलाना तौकीर रजा के आह्वान पर शहर में भड़के बवाल के बाद पुलिस ने शहर के पांच थानों में दस मुकदमे दर्ज किए थे। बारादरी थाने में दर्ज दो मामलों में अल्तमश राजा को नामजद आरोपी बनाया गया था। एक मुकदमे में उसे हाईकोर्ट से राहत जरूर मिली, लेकिन दूसरे मामले में वह अब भी वांछित है। इसके बावजूद खुद को संगठनात्मक पद की आड़ में “साफ-सुथरा” दिखाने की कोशिश करता रहा।

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कौम का बड़ा लीडर बनना चाहता था अल्तमस

पुलिस जांच में सामने आया है कि बवाल के दौरान अल्तमश राजा की भूमिका केवल भीड़ का हिस्सा बनने तक सीमित नहीं थी, बल्कि उकसावे और समन्वय में भी उसका नाम उभरा। यही वजह है कि उसे बवाल के प्रमुख आरोपियों में गिना जा रहा है। एसएसपी स्तर से उस पर 15 हजार रुपये का इनाम घोषित किया जा चुका है। अल्तमश कौन का बड़ा लीडर बनना चाहता था। इसी ख्वाहिश में उसने सोशल मीडिया पर कई पोस्ट की है। वह काफी एक्टिव था। वह मौलाना तौकीर के बाद बरेली में मुसलमानों का बड़ा नेता बनने का ख्वाब देख रहा था।

12 इनामी बदमाशों के खिलाफ होगा कड़ा एक्शन

अब जिले के 12 इनामी बदमाशों की फरारी पर पुलिस ने आर-पार की रणनीति अपना ली है। अल्तमश राजा, साजिद सकलैनी, अदनान, नवाब उर्फ निम्मा, बब्लू खां समेत अन्य वांछितों पर न सिर्फ इनाम बढ़ाने पर मंथन चल रहा है, बल्कि धारा 82-83 के तहत कुर्की की कार्रवाई शुरू करने की तैयारी कर ली गई है।

पहले संपत्ति कुर्क होगी, फिर होगी गिरफ्तारी

एसएसपी अनुराग आर्य ने स्पष्ट किया कि बवाल के आरोपी चाहे संगठन के पदाधिकारी हों या पेशेवर अपराधी, कानून से ऊपर कोई नहीं है। फरारी जारी रही तो पहले संपत्ति कुर्क होगी, फिर गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाएगी।

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