गोरखपुर में साइबर सुरक्षा और तकनीकी ओर:ड्रोन से राहत पैकेट, रोबोट डॉग रहा आकर्षण का केन्द्र, लोग आते जाते मिला रहे हाथ

गोरखपुर में साइबर सुरक्षा और तकनीकी ओर:ड्रोन से राहत पैकेट, रोबोट डॉग रहा आकर्षण का केन्द्र, लोग आते जाते मिला रहे हाथ

राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान की ओर से गोरखपुर में पहली बार कम्यूनिकेशन, इलेक्ट्रॉनिक्स और डिजिटल टेक्नोलॉजी पर आधारित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। यह सम्मेलन होटल कोर्टयार्ड बाय मैरिएट में आयोजित हुआ, जिसमें देश और विदेश से आए विशेषज्ञों, शिक्षकों, छात्रों और तकनीकी पेशेवरों ने भाग लिया। इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य नई तकनीकों, नवाचार और डिजिटल विकास को बढ़ावा देना रहा। कार्यक्रम में साइबर सुरक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) और वीएलएसआई जैसी आधुनिक तकनीकों पर विस्तार से चर्चा की गई।
थीमेटिक स्टॉल बने आकर्षण का केंद्र
सम्मेलन के दौरान देशभर के नाइलिट केंद्रों द्वारा कई थीमेटिक स्टॉल लगाए गए, जिन्होंने कार्यक्रम का आकर्षण और बढ़ा दिया। इन स्टॉल्स में साइबर सुरक्षा, वीएलएसआई, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग से जुड़े प्रोजेक्ट्स प्रदर्शित किए गए। इन स्टॉल्स को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे और उन्होंने नई तकनीकों को करीब से समझा।
डिजिटल जागरूकता को बढ़ाने के उद्देश्य से ड्रोन तकनीक, आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में काम कर रही कई स्टार्ट-अप कंपनियों ने भी अपने उत्पाद और नवाचार प्रस्तुत किए। आगंतुकों ने इन स्टार्ट-अप्स के काम की खूब सराहना की।
डिजास्टर मैनेजमेंट के लिए ड्रोन बना चर्चा का विषय
साइंस एक्सिबिशन में मणिपुर नाइलिट की ओर से डिजास्टर मैनेजमेंट के लिए एक खास ड्रोन मॉडल प्रदर्शित किया गया। यह ड्रोन किसी आपदा प्रभावित क्षेत्र की निगरानी कर यह पता लगाएगा कि वहां किस तरह की मदद की जरूरत है। इसके बाद डिलीवरी ड्रोन की मदद से उस इलाके में भोजन, पीने का पानी और जरूरी सामान पहुंचाया जा सकेगा। यह मॉडल आपदा के समय राहत कार्यों को तेज और प्रभावी बनाने में मददगार साबित हो सकता है।
चलने वाला रोबोट डॉग ‘विद्युत’ बना लोगों का पसंदीदा
वहीं केआईपीएम के छात्रों ने एक खास चलने वाला रोबोट डॉग तैयार किया है, जिसका नाम ‘विद्युत’ रखा गया है। यह रोबोट डॉग सम्मेलन में आए लोगों को नमस्ते करता है और हाथ भी मिलाता है, जिससे लोग काफी प्रभावित हुए। इसकी बॉडी में कैमरा लगाया गया है, जो आसपास की सभी गतिविधियों को रिकॉर्ड करता है। इसके अलावा इसमें लगे सेंसर की मदद से यह ऑटो मोड में चलते समय किसी से टकराता नहीं है।
तकनीक के भविष्य की झलक
यह अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन न केवल छात्रों और युवाओं के लिए सीखने का मंच बना, बल्कि इससे गोरखपुर को तकनीक और नवाचार के नक्शे पर एक नई पहचान भी मिली। आयोजन ने यह संदेश दिया कि आने वाला समय डिजिटल तकनीकों का है और भारत इस क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

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