गिरिडीह में मां मथुरासिनी पूजा पर निकली भव्य शोभायात्रा:झांकियां और भक्ति गीत बने आकर्षण का केंद्र, जगह-जगह हुआ स्वागत

गिरिडीह में मां मथुरासिनी पूजा पर निकली भव्य शोभायात्रा:झांकियां और भक्ति गीत बने आकर्षण का केंद्र, जगह-जगह हुआ स्वागत

गिरिडीह में मां मथुरासिनी पूजा के अवसर पर माहूरी वैश्य महामंडल की ओर से भव्य शोभायात्रा निकाली गई। इस धार्मिक यात्रा में महिलाओं, युवाओं, पुरुषों और बच्चों सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। श्रद्धालुओं के जयकारों से पूरा शहर भक्तिमय माहौल में डूबा नजर आया। शोभायात्रा की शुरुआत भण्डारीडीह स्थित माहूरी छात्रावास परिसर से हुई। यहां से यात्रा टॉवर चौक, कालीबाड़ी चौक, मकतपुर चौक और जिला परिषद चौक जैसे शहर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी और अंत में पुनः माहूरी छात्रावास परिसर पहुंचकर संपन्न हुई। पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली और कई जगह स्थानीय लोगों ने यात्रा का स्वागत किया। झांकियां और भक्ति गीत बने आकर्षण का केंद्र शोभायात्रा में शामिल आकर्षक झांकियां लोगों के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। ढोल-नगाड़ों और बैंड-बाजों की धुन पर श्रद्धालु भक्ति गीतों पर झूमते और नृत्य करते हुए आगे बढ़ रहे थे। कई प्रतिभागियों ने पारंपरिक वेशभूषा धारण कर मां मथुरासिनी के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की। यात्रा के दौरान भक्ति और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला, जिससे पूरे शहर का माहौल भक्तिमय हो गया। यात्रा मार्ग में जगह-जगह हुआ स्वागत शोभायात्रा के दौरान मार्ग में कई स्थानों पर श्रद्धालुओं के लिए जलपान और प्रसाद की व्यवस्था की गई थी। स्थानीय लोगों ने जगह-जगह पुष्प वर्षा कर श्रद्धालुओं का स्वागत किया। आयोजन को सफल बनाने में माहूरी वैश्य महामंडल के पदाधिकारियों और समाज के सदस्यों की अहम भूमिका रही। उन्होंने यात्रा की व्यवस्था से लेकर सुरक्षा और अनुशासन तक सभी पहलुओं का ध्यान रखा, जिससे कार्यक्रम शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ। दो दिवसीय कार्यक्रम का हुआ शुभारंभ आयोजकों के अनुसार यह दो दिवसीय धार्मिक कार्यक्रम है। पहले दिन शोभायात्रा और मां मथुरासिनी की पूजा-अर्चना के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। दूसरे दिन सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिसमें समाज के बच्चे और युवा विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देंगे। साथ ही श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का भी आयोजन किया जाएगा। समाज के लोगों ने बताया कि मां मथुरासिनी पूजा उनकी आस्था और परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसे हर वर्ष श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस आयोजन के माध्यम से समाज में एकता, भाईचारे और भक्ति का संदेश भी दिया जाता है। गिरिडीह में मां मथुरासिनी पूजा के अवसर पर माहूरी वैश्य महामंडल की ओर से भव्य शोभायात्रा निकाली गई। इस धार्मिक यात्रा में महिलाओं, युवाओं, पुरुषों और बच्चों सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। श्रद्धालुओं के जयकारों से पूरा शहर भक्तिमय माहौल में डूबा नजर आया। शोभायात्रा की शुरुआत भण्डारीडीह स्थित माहूरी छात्रावास परिसर से हुई। यहां से यात्रा टॉवर चौक, कालीबाड़ी चौक, मकतपुर चौक और जिला परिषद चौक जैसे शहर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी और अंत में पुनः माहूरी छात्रावास परिसर पहुंचकर संपन्न हुई। पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली और कई जगह स्थानीय लोगों ने यात्रा का स्वागत किया। झांकियां और भक्ति गीत बने आकर्षण का केंद्र शोभायात्रा में शामिल आकर्षक झांकियां लोगों के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। ढोल-नगाड़ों और बैंड-बाजों की धुन पर श्रद्धालु भक्ति गीतों पर झूमते और नृत्य करते हुए आगे बढ़ रहे थे। कई प्रतिभागियों ने पारंपरिक वेशभूषा धारण कर मां मथुरासिनी के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की। यात्रा के दौरान भक्ति और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला, जिससे पूरे शहर का माहौल भक्तिमय हो गया। यात्रा मार्ग में जगह-जगह हुआ स्वागत शोभायात्रा के दौरान मार्ग में कई स्थानों पर श्रद्धालुओं के लिए जलपान और प्रसाद की व्यवस्था की गई थी। स्थानीय लोगों ने जगह-जगह पुष्प वर्षा कर श्रद्धालुओं का स्वागत किया। आयोजन को सफल बनाने में माहूरी वैश्य महामंडल के पदाधिकारियों और समाज के सदस्यों की अहम भूमिका रही। उन्होंने यात्रा की व्यवस्था से लेकर सुरक्षा और अनुशासन तक सभी पहलुओं का ध्यान रखा, जिससे कार्यक्रम शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ। दो दिवसीय कार्यक्रम का हुआ शुभारंभ आयोजकों के अनुसार यह दो दिवसीय धार्मिक कार्यक्रम है। पहले दिन शोभायात्रा और मां मथुरासिनी की पूजा-अर्चना के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। दूसरे दिन सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिसमें समाज के बच्चे और युवा विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देंगे। साथ ही श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का भी आयोजन किया जाएगा। समाज के लोगों ने बताया कि मां मथुरासिनी पूजा उनकी आस्था और परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसे हर वर्ष श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस आयोजन के माध्यम से समाज में एकता, भाईचारे और भक्ति का संदेश भी दिया जाता है।  

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