धुलकोट में आदिवासी समाज ने निभाई गुड़तोड़ परंपरा:12 फीट खंभे से गुड़ तोड़ा, महिलाओं ने सोंटी बरसाई

धुलकोट में आदिवासी समाज ने निभाई गुड़तोड़ परंपरा:12 फीट खंभे से गुड़ तोड़ा, महिलाओं ने सोंटी बरसाई

खरगोन के धुलकोट में आदिवासी भिलाला समाज ने शीतला सप्तमी पर गुड़तोड़ परंपरा का आयोजन किया। बाजार चौक में हुए इस कार्यक्रम में समाज के प्रतिनिधियों ने भूमिपूजन कर 12 फीट ऊंचे खंभे की पूजा-अर्चना की। इस दौरान दरबार समाज के पटेल विजयसिंह सोलंकी समेत कई समाज प्रतिनिधि मौजूद रहे। परंपरा के अनुसार, 12 फीट ऊंचे खंभे के ऊपरी सिरे पर गुड़ और चने की पोटली बांधी गई थी। इसे उतारने के लिए युवाओं के बीच स्पर्धा हुई। ढोल-मादल और डीजे की धुन पर युवा थिरकते रहे। समाजजनों की अनुमति मिलने पर युवक खंभे पर चढ़े, जबकि युवतियों और महिलाओं ने गुड़ की पोटली बचाने के लिए उन पर सोंटी बरसाई। युवाओं की टीम सोंटियों की मार से बचते हुए पोटली तक पहुंची। इस वर्ष आयोजित इस परंपरा में मंडलोई और मोरे परिवार विशेष रूप से शामिल हुए। खरगोन के अलावा बड़वानी, बुरहानपुर और खंडवा जिले से भी आदिवासी भिलाला समाज के 3000 से अधिक लोग इस आयोजन का हिस्सा बने। बुजुर्गों और महिलाओं के अनुसार, यह 150 साल पुरानी परंपरा है जिसे पूर्वजों द्वारा वर्षों से मनाया जा रहा है। गांव के पटेल विजयसिंह सोलंकी ने बताया कि यह समाज का एक महत्वपूर्ण उत्सव है, जो उनकी संस्कृति और एकता का प्रतीक है।

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