देवास में ब्लैकमेलिंग के एक मामले में शहर के डॉक्टर बड़ी संख्या में कोतवाली थाने पहुंचे। उन्होंने पुलिस को आवेदन देकर बताया कि एक महिला डॉक्टर का वीडियो वायरल होने के बाद कुछ लोग उन्हें परेशान करने का प्रयास कर रहे हैं। पुलिस ने हर संभव मदद का आश्वासन दिया है। सीएसपी सुमित अग्रवाल ने बताया कि डॉक्टरों ने आवेदन में कहा है कि वे अपना काम करने में असहज महसूस कर रहे हैं और कुछ लोग इस मौके का फायदा उठाकर उन्हें परेशान कर रहे हैं। 7 लोगों पर मामला दर्ज, 5 गिरफ्तार
इस मामले में अब तक कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। कोतवाली पुलिस ने मरीज बनकर डॉक्टरों से बातचीत करने, स्टिंग ऑपरेशन करने और ब्लैकमेल करने के आरोप में सात लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। रेलवे स्टेशन से पकड़े गए आरोपी
गिरफ्तार आरोपियों में पटियाला निवासी विनय अरोरा और उसकी साथी रजनी भाटिया शामिल हैं, जिन्हें देवास रेलवे स्टेशन से पकड़ा गया। दोनों को जल्द ही कोर्ट में पेश किया जाएगा। एक अन्य आरोपी पुलिस रिमांड पर है, जबकि एक महिला और एक अन्य व्यक्ति को जेल भेजा जा चुका है। महिला डॉक्टर का लाइसेंस निरस्त
घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग ने महिला डॉक्टर चारू तिवारी के नर्सिंग होम का लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया। इसके बाद तहसीलदार सपना शर्मा की मौजूदगी में डॉ. अशोक सेन, डॉ. मनीषा मिश्रा और डॉ. अमरीन की टीम ने अस्पताल पहुंचकर परामर्श कक्ष, ऑपरेशन थिएटर और वार्ड को सील कर दिया।


