दतिया के सिविल लाइन थाना अंतर्गत चिरई टोर माता मंदिर के पास रोड किनारे जंगल में गाय के एक बछड़े के शरीर से खाल उतारने का सनसनीखेज मामला उजागर हुआ है। घटना के समय वहां से गुजर रहे बच्चों ने जब कुछ लोगों को इस कृत्य को अंजाम देते देखा तो आरोपी बच्चों को डांट-फटकार कर मौके से फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही हिंदूवादी संगठनों में भारी आक्रोश फैल गया। संगठन के कार्यकर्ता बछड़े के शव को लेकर शहर के किला चौक पहुंचे, जहां जमकर नारेबाजी और प्रदर्शन किया गया। इस दौरान किला चौक पर कुछ समय के लिए जाम की स्थिति भी बन गई, जिससे आमजन को परेशानी का सामना करना पड़ा। ‘खाल उतारने वाले जंगल की ओर भाग गए’
सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और प्रदर्शनकारियों को समझाइश देकर स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने बछड़े के शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए पशु चिकित्सालय भेज दिया है। प्रत्यक्षदर्शी बच्चों का कहना है कि उन्होंने बलवीर कुशवाहा को अपने कुछ साथियों के साथ मृत बछड़े के शरीर से खाल उतारते हुए देखा था। बच्चों के शोर मचाने पर आरोपी उन्हें धमकाते हुए जंगल की ओर भाग निकले। आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग
इस संबंध में कोतवाली थाना प्रभारी धीरेंद्र मिश्रा ने बताया कि मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र का है और घटना की गंभीरता को देखते हुए जांच की जा रही है। सभी तथ्यों को संकलित किया जा रहा है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं हिंदूवादी संगठनों ने घटना को लेकर गहरा रोष व्यक्त करते हुए कहा कि भारत जैसे देश में गोवंश के साथ इस तरह की अमानवीय घटना बेहद निंदनीय है। संगठनों ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी, कड़ी कानूनी कार्रवाई और गोमाता को राष्ट्र पशु घोषित करने की मांग की है। फिलहाल इस घटना को लेकर शहरभर में चर्चा का माहौल है और पुलिस पूरे मामले की बारीकी से जांच में जुटी हुई है।


