दरभंगा मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर, मरीज के परिजन में नोकझोंक:मेडिसिन इमरजेंसी में कुछ देर के लिए ठप रहा इलाज, पुलिस हस्तक्षेप के बाद मामला शांत

दरभंगा मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर, मरीज के परिजन में नोकझोंक:मेडिसिन इमरजेंसी में कुछ देर के लिए ठप रहा इलाज, पुलिस हस्तक्षेप के बाद मामला शांत

दरभंगा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (DMCH) के मेडिसिन इमरजेंसी में मंगलवार शाम उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब पीजी डॉक्टर और एक मरीज के परिजनों के बीच नोकझोंक हो गई। विवाद के कारण कुछ समय के लिए इमरजेंसी सेवा प्रभावित रही और रजिस्ट्रेशन काउंटर भी बंद कर दिया गया। जानकारी के अनुसार, कमतौल थाना क्षेत्र के टेकटार मधुपुर के रहने वाले 60 साल के राम उदार दास को सांस लेने में तकलीफ की शिकायत पर मंगलवार को मेडिसिन इमरजेंसी में भर्ती कराया गया था। मरीज का इलाज मेडिसिन क्रिटिकल केयर, डॉ बी.एन. झा यूनिट के पीजी डॉक्टरों की ओर से किया जा रहा था। इलाज के दौरान मरीज की बेटी दाइवती देवी खाने-पीने को लेकर डॉक्टर से पूछताछ करने पहुंची, जिस दौरान दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हो गई। घटना की सूचना के बाद बेंता थाना की पुलिस डीएमसीएच पहुंची देखते ही देखते मामला बढ़ गया और इमरजेंसी में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना की सूचना मिलते ही बेंता थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और महिला को अपने साथ थाना ले गई, जहां समझा-बुझाकर उन्हें छोड़ दिया गया। घटना के बाद कुछ समय करीब 20 मिनट के लिए मेडिसिन इमरजेंसी में इलाज ठप रहा और रजिस्ट्रेशन काउंटर भी बंद कर दिया गया। सूचना मिलते ही अधीक्षक डॉ जगदीश चंद्र, औषधि विभागाध्यक्ष सह यूनिट इंचार्ज डॉ बी.एस. झा और उपाधीक्षक अमित कुमार झा इमरजेंसी पहुंचे। अधीक्षक ने मौके पर पहुंचकर कई मरीजों को स्वयं देखा, भर्ती मरीजों से बातचीत की तथा पीजी डॉक्टरों से भी बातचीत की। इसके बाद स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो गई और इलाज पुनः शुरू कर दिया गया। दरभंगा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (DMCH) के मेडिसिन इमरजेंसी में मंगलवार शाम उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब पीजी डॉक्टर और एक मरीज के परिजनों के बीच नोकझोंक हो गई। विवाद के कारण कुछ समय के लिए इमरजेंसी सेवा प्रभावित रही और रजिस्ट्रेशन काउंटर भी बंद कर दिया गया। जानकारी के अनुसार, कमतौल थाना क्षेत्र के टेकटार मधुपुर के रहने वाले 60 साल के राम उदार दास को सांस लेने में तकलीफ की शिकायत पर मंगलवार को मेडिसिन इमरजेंसी में भर्ती कराया गया था। मरीज का इलाज मेडिसिन क्रिटिकल केयर, डॉ बी.एन. झा यूनिट के पीजी डॉक्टरों की ओर से किया जा रहा था। इलाज के दौरान मरीज की बेटी दाइवती देवी खाने-पीने को लेकर डॉक्टर से पूछताछ करने पहुंची, जिस दौरान दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हो गई। घटना की सूचना के बाद बेंता थाना की पुलिस डीएमसीएच पहुंची देखते ही देखते मामला बढ़ गया और इमरजेंसी में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना की सूचना मिलते ही बेंता थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और महिला को अपने साथ थाना ले गई, जहां समझा-बुझाकर उन्हें छोड़ दिया गया। घटना के बाद कुछ समय करीब 20 मिनट के लिए मेडिसिन इमरजेंसी में इलाज ठप रहा और रजिस्ट्रेशन काउंटर भी बंद कर दिया गया। सूचना मिलते ही अधीक्षक डॉ जगदीश चंद्र, औषधि विभागाध्यक्ष सह यूनिट इंचार्ज डॉ बी.एस. झा और उपाधीक्षक अमित कुमार झा इमरजेंसी पहुंचे। अधीक्षक ने मौके पर पहुंचकर कई मरीजों को स्वयं देखा, भर्ती मरीजों से बातचीत की तथा पीजी डॉक्टरों से भी बातचीत की। इसके बाद स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो गई और इलाज पुनः शुरू कर दिया गया।  

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