दरभंगा में आपसी छीना-झपटी में चली थी गोली:एक साथी हुआ था घायल, थानाध्यक्ष बोले- पुलिस को गुमराह करने पर कार्रवाई होगी

दरभंगा में आपसी छीना-झपटी में चली थी गोली:एक साथी हुआ था घायल, थानाध्यक्ष बोले- पुलिस को गुमराह करने पर कार्रवाई होगी

दरभंगा के बिरौल थाना क्षेत्र के सहसराम पंचायत में चार महीने पहले गोलीबारी हुई थी। इस मामले को अज्ञात बाइक सवार की ओर से की गई फायरिंग बताया गया था, वह जांच में झूठा निकला। पुलिस के अनुसार गोली किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं चलाई, बल्कि आपसी बंदूक छीना-झपटी के दौरान फायरिंग हो गई थी। थानाध्यक्ष चन्द्रमणि ने बताया कि घटना 13 सितंबर 2025 की है। उस दिन सहसराम गांव में एक दरवाजे पर चार युवक बैठे थे। इसी दौरान लोडेड बंदूक को लेकर आपसी छीना-झपटी हुई, जिसमें गोली चल गई और राम ललित चौधरी के बेटे राजा चौधरी के जांघ में जा लगी। घटना के बाद शिवम कुमार उर्फ काली चौधरी ने अपने फर्द बयान में पुलिस को बताया था कि अज्ञात बाइक सवार युवक ने गोली मारकर फरार हो गया। लेकिन तकनीकी व परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच में यह दावा गलत पाया गया। पुलिस ने कहा कि युवकों ने खुद को बचाने के लिए झूठा मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने मामले में सहसराम निवासी राजा चौधरी, चन्द्र किशोर चौधरी के बेटे शिवम कुमार चौधरी और घनश्यामपुर थाना क्षेत्र के दक्षिणी कसरौड़ निवासी संतोष कुमार झा को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। इस घटना में एक अन्य युवक सौरभ झा (पघारी गांव, बिरौल) की संलिप्तता भी पाई गई है। वह फिलहाल बहादुरपुर थाना क्षेत्र के एक हत्या कांड में पहले से जेल में बंद है। पुलिस ने उसे रिमांड पर लेने के लिए न्यायालय से अनुमति लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। घटना के बाद सभी साथियों ने घायल राजा चौधरी को सुपौल के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया था, जहां उसकी जांघ से गोली निकाली गई थी। पुलिस के अनुसार, मामले में वादी ही साजिशकर्ता निकला। थानाध्यक्ष ने कहा कि झूठी सूचना देकर पुलिस को गुमराह करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मामले की आगे की जांच जारी है। दरभंगा के बिरौल थाना क्षेत्र के सहसराम पंचायत में चार महीने पहले गोलीबारी हुई थी। इस मामले को अज्ञात बाइक सवार की ओर से की गई फायरिंग बताया गया था, वह जांच में झूठा निकला। पुलिस के अनुसार गोली किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं चलाई, बल्कि आपसी बंदूक छीना-झपटी के दौरान फायरिंग हो गई थी। थानाध्यक्ष चन्द्रमणि ने बताया कि घटना 13 सितंबर 2025 की है। उस दिन सहसराम गांव में एक दरवाजे पर चार युवक बैठे थे। इसी दौरान लोडेड बंदूक को लेकर आपसी छीना-झपटी हुई, जिसमें गोली चल गई और राम ललित चौधरी के बेटे राजा चौधरी के जांघ में जा लगी। घटना के बाद शिवम कुमार उर्फ काली चौधरी ने अपने फर्द बयान में पुलिस को बताया था कि अज्ञात बाइक सवार युवक ने गोली मारकर फरार हो गया। लेकिन तकनीकी व परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच में यह दावा गलत पाया गया। पुलिस ने कहा कि युवकों ने खुद को बचाने के लिए झूठा मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने मामले में सहसराम निवासी राजा चौधरी, चन्द्र किशोर चौधरी के बेटे शिवम कुमार चौधरी और घनश्यामपुर थाना क्षेत्र के दक्षिणी कसरौड़ निवासी संतोष कुमार झा को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। इस घटना में एक अन्य युवक सौरभ झा (पघारी गांव, बिरौल) की संलिप्तता भी पाई गई है। वह फिलहाल बहादुरपुर थाना क्षेत्र के एक हत्या कांड में पहले से जेल में बंद है। पुलिस ने उसे रिमांड पर लेने के लिए न्यायालय से अनुमति लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। घटना के बाद सभी साथियों ने घायल राजा चौधरी को सुपौल के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया था, जहां उसकी जांघ से गोली निकाली गई थी। पुलिस के अनुसार, मामले में वादी ही साजिशकर्ता निकला। थानाध्यक्ष ने कहा कि झूठी सूचना देकर पुलिस को गुमराह करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मामले की आगे की जांच जारी है।  

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