भोपाल में 58.8 करोड़ लीटर पेट्रोल-डीजल…ये 3 महीने चलेगा:एसोसिएशन बोला- MP में 5% पंप एडवांस की वजह से सूखे; ईंधन का पर्याप्त स्टॉक

भोपाल में 58.8 करोड़ लीटर पेट्रोल-डीजल…ये 3 महीने चलेगा:एसोसिएशन बोला- MP में 5% पंप एडवांस की वजह से सूखे; ईंधन का पर्याप्त स्टॉक

ईरान-इजराइल जंग के बीच अब एमपी में पेट्रोल-डीजल की किल्लत की खबरें भी सामने आ रही हैं। भोपाल में 2 से 3 पंप में पेट्रोल-डीजल खत्म हो गया। ऐसे में आशंका है कि LPG के बाद अब ईंधन का संकट खड़ा न हो जाए। इसे लेकर जिला प्रशासन ने तस्वीर साफ की है। वहीं, मध्य प्रदेश पेट्रोल पंप ऑर्नर एसोसिएशन ने कहा कि प्रदेश के करीब 5 प्रतिशत पंपों पर एडवांस राशि की वजह से ईंधन की कमी है। ईंधन खत्म नहीं हुआ है। भोपाल के फूड कंट्रोलर चंद्रभान सिंह जादौन ने कहा कि भोपाल में कुल 58.79 लाख किलो लीटर (58.8 करोड़ लीटर) पेट्रोल और डीजल का स्टॉक जमा है, जो अगले ढाई से 3 महीने तक के लिए पर्याप्त है। भोपाल के पास भौंरी में इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के डिपो है। जहां से भोपाल के 192 पंपों पर ईंधन पहुंचता है। शहर में हर रोज 12 लाख लीटर डीजल और 9 लाख लीटर पेट्रोल की सप्लाई होती है। इस हिसाब से जितना स्टॉक जमा है, वह अगले कुछ महीनों के लिए पर्याप्त है। इसलिए आम लोगों को भी घबराने की जरूरत नहीं है।
पेट्रोल और डीजल के संकट की अफवाहों के बीच लोग पेट्रोल भरवाने पंपों पर पहुंचने लगे हैं। इससे पंपों पर भीड़ लगने लगी है। इंदौर, उज्जैन, नीमच, देवास, झाबुआ, आगर-मालवा जिलों में पंपों पर भीड़ लगने लगी जिसके बाद कई पेट्रोल पंपों को बंद करना पड़ा है। इंदौर में पेट्रोल, डीजल एवं रसोई गैस की किसी भी प्रकार की कमी नहीं है। सभी पेट्रोल पंपों पर पर्याप्त मात्रा में ईंधन उपलब्ध है और उपभोक्ताओं को नियमित रूप से पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति की जा रही है।
जिला आपूर्ति नियंत्रक एम.एल.मारू ने बताया कि जिले के डिपो में भी पर्याप्त स्टॉक मौजूद है, जहां से लगातार डीलर्स को सप्लाई की जा रही है। ईंधन आपूर्ति की व्यवस्था पूरी तरह सुचारू है और कहीं भी किसी प्रकार की समस्या नहीं है। उज्जैन में लगभग 1605 हजार किलो लीटर पेट्रोल और 2417 हजार किलो लीटर डीजल का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है, जो किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त है।
इंडियन ऑयल के पंपों पर लगभग 690 हजार किलो लीटर पेट्रोल और 904 हजार किलो लीटर डीजल उपलब्ध है। भारत पेट्रोलियम के पंपों पर 280 हजार किलो लीटर पेट्रोल और 550 हजार किलो लीटर डीजल मौजूद है।
इसी तरह, हिंदुस्तान पेट्रोलियम के पंपों पर 450 हजार किलो लीटर पेट्रोल और 650 हजार किलो लीटर डीजल उपलब्ध है। नायरा कंपनी के पंपों पर 112 हजार किलो लीटर पेट्रोल और 195 हजार किलो लीटर डीजल स्टॉक में है। एचपी गैस/अन्य पंपों पर 74 हजार किलो लीटर पेट्रोल और 118 हजार किलो लीटर डीजल उपलब्ध है। ईंधन खत्म होने की खबर सिर्फ अफवाह इधर, पेट्रोल पंप ऑर्नर एसोसिशन के अध्यक्ष अजय सिंह ने बताया कि पंप सूखने या ईंधन खत्म होने की खबरें सिर्फ अफवाह है। एमपी में कहीं भी संकट नहीं है। दरअसल, सभी कंपनियों के नए नियम आए हैं कि ईंधन लेने से पहले एडवांस रुपए जमा करना पड़ेंगे। इस वजह से पंप संचालक पहले तो ओवर ड्यू कम कर रहे हैं। वहीं, उन्हें एडवांस भी देना है। इस वजह से कुछ पंप ऐसे हैं, जहां फंड की वजह से दिक्कतें हैं। यह 4 से 5 प्रतिशत है। प्रदेश में कुल 4200 पंप हैं। जहां सलाना 1200 टन पेट्रोल और 1600 टन डीजल की खपत होती है। इस वजह से अफवाह फैली ईरान-इजराइल युद्ध से मध्य प्रदेश में LPG संकट खड़ा हो गया। स्थिति यह रही कि होटल और रेस्टोरेंट को कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई ही बंद कर दी गई। 14वें दिन उन्हें जरूरत की 9 प्रतिशत गैस देने को सरकार राजी हुई है। दूसरी ओर, घरेलू गैस सिलेंडर की बुकिंग को लेकर लोग अब भी परेशान हैं। इसी बीच प्रदेश में पेट्रोल-डीजल का संकट की खबरें भी सामने आ रही हैं। धार, अलीराजपुर जिले में तो पेट्रोप पंपों पर लोगों की लंबी कतारें तक लग गईं। वहीं, भोपाल-इंदौर स्टेट हाईवे पर पंप के सूखने की खबर आईं। बाद में ये सिर्फ अफवाह ही निकली।

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