भागलपुर के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल (मायागंज) में रविवार सुबह एक फर्जी डॉक्टर को मरीज के परिजनों ने पकड़ लिया। उसकी जमकर पिटाई थी। सूचना मिलते ही बरारी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। इस बीच आरोपी फरार हो गया। उसके भाई को हिरासत में लिया गया है। जानकारी के मुताबिक खगड़िया निवासी बुजुर्ग लाल बाबू पिछले चार दिनों से मायागंज के ट्रॉमा वार्ड में भर्ती हैं। एक निजी एम्बुलेंस चालक अख्तर ने खुद को डॉक्टर बताकर परिजनों से बेहतर इलाज के नाम पर 1200 रुपए ठग लिए थे। पहली ठगी के बाद आरोपी फरार हो गया था। रविवार को अख्तर एक बार फिर अस्पताल पहुंचा। इस दौरान पीड़ित के परिजनों ने उसे पहचान लिया। उन्होंने अख्तर को पकड़ लिया और अपने पैसे वापस मांगने लगे। इसके बाद वार्ड में हंगामा शुरू हो गया, जिसकी सूचना पुलिस को दी गई। हंगामे के दौरान मुख्य आरोपी अख्तर अपना एंबुलेंस छोड़कर अस्पताल परिसर से फरार हो गया। पुलिस ने मौके से उसके भाई को हिरासत में लिया है। पुलिस स्टेशन पर उससे पूछताछ की जा रही है।
स्थानीय लोगों ने उठाए सवाल प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि अख्तर पहले भी कई बार खुद को डॉक्टर या अस्पताल कर्मी बताकर मरीजों के परिजनों से इलाज, जांच और बेड दिलाने के नाम पर ठगी कर चुका है। इस घटना के बाद अस्पताल प्रशासन और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि बाहरी लोग इतनी आसानी से वार्डों में प्रवेश कर रहे हैं। पुलिस का कहना है कि लेनदेन को लेकर विवाद हुआ था इस संबंध में बरारी थानाध्यक्ष बिट्टू कुमार ने बताया कि यह पैसे के लेनदेन को लेकर एक मामूली विवाद था। जिसमें दोनों पक्षों के बीच सुलह हो गई है। अस्पताल में निगरानी तेज की जाएगी वहीं, अस्पताल अधीक्षक ने बताया कि मामले को लेकर गंभीरता से पहल की जाएगी। सोमवार को इस मामले पर अपने अधिकारियों के साथ बैठक कर निगरानी और तेज की जाएगी। ऐसे लोग को पकड़ कर पुलिस के हवाले करेंगे। भागलपुर के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल (मायागंज) में रविवार सुबह एक फर्जी डॉक्टर को मरीज के परिजनों ने पकड़ लिया। उसकी जमकर पिटाई थी। सूचना मिलते ही बरारी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। इस बीच आरोपी फरार हो गया। उसके भाई को हिरासत में लिया गया है। जानकारी के मुताबिक खगड़िया निवासी बुजुर्ग लाल बाबू पिछले चार दिनों से मायागंज के ट्रॉमा वार्ड में भर्ती हैं। एक निजी एम्बुलेंस चालक अख्तर ने खुद को डॉक्टर बताकर परिजनों से बेहतर इलाज के नाम पर 1200 रुपए ठग लिए थे। पहली ठगी के बाद आरोपी फरार हो गया था। रविवार को अख्तर एक बार फिर अस्पताल पहुंचा। इस दौरान पीड़ित के परिजनों ने उसे पहचान लिया। उन्होंने अख्तर को पकड़ लिया और अपने पैसे वापस मांगने लगे। इसके बाद वार्ड में हंगामा शुरू हो गया, जिसकी सूचना पुलिस को दी गई। हंगामे के दौरान मुख्य आरोपी अख्तर अपना एंबुलेंस छोड़कर अस्पताल परिसर से फरार हो गया। पुलिस ने मौके से उसके भाई को हिरासत में लिया है। पुलिस स्टेशन पर उससे पूछताछ की जा रही है।
स्थानीय लोगों ने उठाए सवाल प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि अख्तर पहले भी कई बार खुद को डॉक्टर या अस्पताल कर्मी बताकर मरीजों के परिजनों से इलाज, जांच और बेड दिलाने के नाम पर ठगी कर चुका है। इस घटना के बाद अस्पताल प्रशासन और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि बाहरी लोग इतनी आसानी से वार्डों में प्रवेश कर रहे हैं। पुलिस का कहना है कि लेनदेन को लेकर विवाद हुआ था इस संबंध में बरारी थानाध्यक्ष बिट्टू कुमार ने बताया कि यह पैसे के लेनदेन को लेकर एक मामूली विवाद था। जिसमें दोनों पक्षों के बीच सुलह हो गई है। अस्पताल में निगरानी तेज की जाएगी वहीं, अस्पताल अधीक्षक ने बताया कि मामले को लेकर गंभीरता से पहल की जाएगी। सोमवार को इस मामले पर अपने अधिकारियों के साथ बैठक कर निगरानी और तेज की जाएगी। ऐसे लोग को पकड़ कर पुलिस के हवाले करेंगे।


