बिहार में भ्रष्टाचार पर नकेल कसने के लिए निगरानी विभाग की लगातार कार्रवाई के बीच शिक्षा विभाग एक बार फिर विवाद के केंद्र में आ गया है। सोमवार शाम पटना से आई विशेष निगरानी टीम ने जिला शिक्षा परियोजना से जुड़े सहायक अभियंता रौशन कुमार को 5 लाख रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी नगर के डाकबंगला रोड स्थित शिक्षा विभाग मुख्यालय के गेट के पास एक चाय दुकान पर हुई, जहां अभियंता रौशन कुमार ठेकेदार से नकदी ले रहे थे। निगरानी की टीम ने उन्हें मौके पर ही दबोच लिया। मुख्यालय का गेट सील, दस्तावेजों की छानबीन शुरू गिरफ्तारी के बाद विभाग के मुख्य गेट को तुरंत सील कर दिया गया। निगरानी टीम अब कार्यालय के अंदर मौजूद कागजात, फाइलों और बिल से जुड़ी अन्य सामग्री की गहन जांच कर रही है। 57 लाख के बिल के एवज में 10% कमीशन की मांग सूत्रों के मुताबिक, लखीसराय जिले के निवासी रौशन कुमार पर आरोप है कि नौतन प्रखंड के विभिन्न स्कूलों में मरम्मत कार्य कराने वाले ठेकेदार रहीमपुर नौतन निवासी शम्श तबरेज का 57 लाख रुपये का बिल पास करने के बदले 10% यानी लगभग 5.7 लाख रुपये कमीशन की मांग की जा रही थी। लगातार रिश्वत मांग से परेशान ठेकेदार ने आखिरकार पटना स्थित निगरानी कार्यालय में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत की प्राथमिक जांच में आरोप सही पाए गए। जाल बिछाकर पकड़ा गया अभियंता प्रारंभिक जांच के बाद निगरानी विभाग ने सुनियोजित तरीके से जाल बिछाया। टीम के एक सदस्य को ठेकेदार के साथ भेजा गया, जहाँ अभियंता रौशन कुमार ने फिर से कमीशन की मांग दोहराई। अततः सोमवार शाम तय राशि में से पांच लाख रुपए नकद लेते ही निगरानी टीम ने उन्हें रंगे हाथ पकड़ लिया। आगे की कार्रवाई जारी निगरानी विभाग ने बताया कि आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की जा रही है। विभाग अब उनके कार्यालय, बैंक खातों और सम्पत्ति की भी जांच करेगा। बिहार में भ्रष्टाचार पर नकेल कसने के लिए निगरानी विभाग की लगातार कार्रवाई के बीच शिक्षा विभाग एक बार फिर विवाद के केंद्र में आ गया है। सोमवार शाम पटना से आई विशेष निगरानी टीम ने जिला शिक्षा परियोजना से जुड़े सहायक अभियंता रौशन कुमार को 5 लाख रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी नगर के डाकबंगला रोड स्थित शिक्षा विभाग मुख्यालय के गेट के पास एक चाय दुकान पर हुई, जहां अभियंता रौशन कुमार ठेकेदार से नकदी ले रहे थे। निगरानी की टीम ने उन्हें मौके पर ही दबोच लिया। मुख्यालय का गेट सील, दस्तावेजों की छानबीन शुरू गिरफ्तारी के बाद विभाग के मुख्य गेट को तुरंत सील कर दिया गया। निगरानी टीम अब कार्यालय के अंदर मौजूद कागजात, फाइलों और बिल से जुड़ी अन्य सामग्री की गहन जांच कर रही है। 57 लाख के बिल के एवज में 10% कमीशन की मांग सूत्रों के मुताबिक, लखीसराय जिले के निवासी रौशन कुमार पर आरोप है कि नौतन प्रखंड के विभिन्न स्कूलों में मरम्मत कार्य कराने वाले ठेकेदार रहीमपुर नौतन निवासी शम्श तबरेज का 57 लाख रुपये का बिल पास करने के बदले 10% यानी लगभग 5.7 लाख रुपये कमीशन की मांग की जा रही थी। लगातार रिश्वत मांग से परेशान ठेकेदार ने आखिरकार पटना स्थित निगरानी कार्यालय में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत की प्राथमिक जांच में आरोप सही पाए गए। जाल बिछाकर पकड़ा गया अभियंता प्रारंभिक जांच के बाद निगरानी विभाग ने सुनियोजित तरीके से जाल बिछाया। टीम के एक सदस्य को ठेकेदार के साथ भेजा गया, जहाँ अभियंता रौशन कुमार ने फिर से कमीशन की मांग दोहराई। अततः सोमवार शाम तय राशि में से पांच लाख रुपए नकद लेते ही निगरानी टीम ने उन्हें रंगे हाथ पकड़ लिया। आगे की कार्रवाई जारी निगरानी विभाग ने बताया कि आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की जा रही है। विभाग अब उनके कार्यालय, बैंक खातों और सम्पत्ति की भी जांच करेगा।


